राजद शासन में निगम को बंद करने की हुई कार्रवाई तो एनडीए शासन में मुनाफे में आया निगम – नंदकिशोर यादव

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पटना- बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा है कि बिहार में अपनी साख को मजबूत करने के बाद बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के पग दूसरे राज्यों की ओर भी बढ़े हैं। सन् 2005 में जिस राजद की सरकार ने इसे घाटे का उपक्रम मान बंद करने का निर्णय किया था वहीं उपक्रम एनडीए प्रथम की सरकार के बनने के बाद से मुनाफा अर्जित कर रहा है।

यादव ने आज यहां कहा कि पुल निर्माण निगम ने अब तक केन्द्र एवं राज्य सरकार के अधीन चार विभागों की निविदा में भाग लिया जिसमें दो में सफलता पायी है। भारतीय राष्ट्रीय उच्च पथ प्राधिकरण (एनएचएआई) के किशनगंज में 129.30 करोड़ रूपये की लागत से प्रस्तावित 3 किलोमीटर से अधिक लम्बे फ्लाई ओवर और कर्मचारी राज्य बीमा निगम के 300 करोड़ रूपये की लागत से मुजफ्फरपुर और भागलपुर में बनने वाले अस्पताल तथा कई राज्यों में मेडिकल भवन के निर्माण की जिम्मेवारी पुल निर्माण निगम को मिली है। बिहार के अलावा दूसरे राज्यों और संस्थानों की निविदा लेने के लिए पुल निर्माण निगम की टीम को बधाई।

यादव ने कहा कि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0 (पटना) द्वारा अब तक लगभग 2000 योजनाओं का निर्माण किया जा चुका है । विशेषतः पिछले 10 वर्षों में लगभग 1700 योजनाओं का निर्माण गया है । निगम को राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा योजनायें निर्माण हेतु नोमिनेषन के आधार पर दिया जाता रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं राज्य के पथ निर्माण मंत्री ने राज्य पुल निर्माण निगम लि0 की सफल कार्य पद्धति को देखते हुए राज्य एवं राज्य से बाहर के निर्माण कार्यों हेतु खुली निविदाओं में भाग लेकर व्यवसाय बढ़द्याने की इच्छा जाहिर की ताकि निगम की क्षमता में और वृद्धि हो सके और यह अपनी बदौलत स्वावलम्बी हो सके। राज्य के बाहर सफलतापूर्वक कार्य करने के स्थिति में राज्य की प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। निगम इस दिषा में निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

यादव ने बताया कि यही नहीं निगम बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र की लगभग 1386.43 करोड़ रूपये की चार बृहद परियोजनाओं के लिए निविदा समर्पित करने की कार्रवाई कर रही है। स्थल निरीक्षण किया जा चुका है और निविदा के लिए राशि के आक्कलन हेतु आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। यादव ने बताया कि बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के माध्यम से प्राप्त निधि से अलग केन्द्र सरकार एवं उनके प्रतिष्ठान, अन्य राज्यों एवं इनके प्रतिष्ठान तथा देश से बाहर के देशों में निर्माण कार्य प्राप्त करने का प्रयास पुल निर्माण निगम लि0 द्वारा वर्ष 2016 से विधिवत प्रारम्भ किया गया। इसके लिए निगम में एक विजनेस डेवलपमेंट कोषांग की स्थापना की गई। इस कोषांग का दायित्य सेवा निवृत मुख्य अभियंता स्तर के पदाधिकारी को दिया गया। निगम के एक कार्यपालक अभियंता स्तर एवं एक सहायक अभियंता स्तर के पदाधिकारी को इस कोषांग से सम्बद्ध किया गया है। साथ ही वाह्य परियोजना प्रमण्डल, पटना एवं वाह्य परियोजना प्रमण्डल स्थित किषनगंज को इस प्रकार के कार्यों की देख-रेख के लिए प्राधिकृत किया गया है। श्री यादव ने पुल निर्माण निगम के बढ़ते कदम के लिए निगम प्रबंधन को बधाई दी है।

उल्लेखनीय है कि निगम द्वारा लगातार राज्य से बाहर की निविदाओं में भाग लिया जा रहा है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के दो जगहों पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण की निविदाओं में भाग लिया गया एवं मध्य-प्रदेश में मोरेना शहर में फोर-लेन फ्लाई ओवर अंतर्गत हरियाणा सरकार के माध्यम से फरीदाबाद में मंझवलिया गांव के निकट यमुना नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण की निविदाओं में भाग लिया गया। इन सभी निविदाओं के तकनीकि बीड में निगम सफल हुआ किन्तु वित्तीय बीड में निगम द्वारा प्रतियोगी न्यूनतम दर उद्धृत नहीं होने के कारण कार्य आवंटित नहीं हो सका।