राजनीति के बिना संभव नहीं समाज का विकास – आरसीपी सिंह

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पटना- अणे मार्ग के नेक संवाद कक्ष में जेडीयू के 22 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के छठे दिन गोपालगंज और सीवान से आए लगभग 960 कार्यकर्ताओं से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) एवं राज्यसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह, राज्यसभा सदस्य हरिवंश, विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, विधानपार्षद प्रो. रणवीर नंदन, विधानपार्षद नीरज कुमार, कोऑर्डिनेटर सुनील कुमार, डॉ. अमरदीप एवं डॉ. सुहेली मेहता ने अलग-अलग विषयों पर संवाद किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए आरसीपी सिंह ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, जिनकी 6 दिसंबर को पुण्यतिथि है, के जीवन और दर्शन की विस्तार से चर्चा की और कहा कि ऐसे महापुरुषों के जीवन से समझा जा सकता है कि सत्ता का वास्तविक अर्थ सेवा है। उन्होंने कहा कि राज और नीति के संदर्भ में डॉ. अंबेडकर की सोच को किसी ने वास्तव में जमीन पर उतारा है तो वे हमारे नेता नीतीश कुमार हैं। उनके लिए सत्ता का अर्थ बिहार की सेवा है। आज बाकी दल सम्पत्ति-अर्जन और स्वजनों के हित को राजनीति का नाम देते हैं, जबकि नीतीश कुमार ने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से न केवल राजनीति की मर्यादा बनाए रखी है, बल्कि उसकी गरिमा को बढ़ाया है।

आरसीपी सिंह ने कहा कि हर चीज में अच्छाई और बुराई दोनों हमेशा से रही है। आज बेशक राजनीति में कुछ बुराईयों का समावेश हो गया हो, लेकिन राजनीति के बिना समाज का विकास संभव नहीं। हमारे युवा साथी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि राजनीति में सत्ता के महत्व को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि जब तक आपके पास सत्ता नहीं होगी, तब तक चाहकर भी आप अपने विचारों को लागू नहीं कर सकते। हमारे नेता ने सत्ता को बिहार के सपनों से जोड़ा है। वे अपने लिए नहीं, सबके लिए काम करते हैं और यही हमारी खासियत है। इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए पार्टी के राज्यसभा सदस्य हरिवंश ने कहा कि आज की तारीख में देश में भ्रष्टाचार से लड़ने वाला एकमात्र चेहरा नीतीश कुमार का है। उन्होंने अपने कार्यों से ‘ग्रीड’ और ‘नीड’ का फर्क समझाया है।

वहीं पार्टी की विचारधारा पर बोलते हुए बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष व विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय ने कहा कि राजनीति विचारों में परिवर्तन लाने का, समाज को बेहतर बनाने का माध्यम है और यही जेडीयू के संविधान की आत्मा है। उन्होंने कहा कि हमारे नेता नीतीश कुमार ने लोहिया और जयप्रकाश नारायण द्वारा प्रशस्त किए गए गांधी के मार्ग को ही अपनाया है। प्रबंधन विशेषज्ञ एवं कार्यक्रम के संयोजक सुनील कुमार ने कार्यकर्ताओं को प्रबंधन के अनेक पहलुओं से रू-ब-रू कराते हुए कहा कि आत्मविकास के लिए प्रतिदिन उत्कृष्ट किताबों का अध्ययन कम-से-कम 15 मिनट से आधे घंटे तक करना अनिवार्य है। अगर आप लगातार एक साल तक इसका अभ्यास करते हैं तो आप एक अलग व्यक्तित्व होंगे। कार्यकर्ताओं को संगठन और चुनाव-प्रबंधन के गुर बताते हुए विधानपार्षद प्रो. रणवीर नंदन ने कहा कि दल में मत अलग हो सकते हैं लेकिन निर्णय हमेशा एक होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता हर स्तर की बैठकों में यह सुनिश्चित करें कि उसमें अगर 10 पुरुष कार्यकर्ता हों तो कम-से-कम 5 मातृशक्ति भी उसमें मौजूद हों। सात निश्चय, कानून का राज एवं लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिमनियम पर बोलते हुए पार्टी प्रवक्ता व विधानपार्षद नीरज कुमार ने कहा कि सत्ता के बाद भी जनता की अदालत में जाने का जज्बा और साहस किसी के पास है तो वे नीतीश कुमार हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में कोई ऐसा सामाजिक समूह नहीं जो यह कहे कि हमने बिहार में काम नहीं किया। पार्टी को आधुनिक संचार माध्यमों से जोड़ने पर बल देते हुए डॉ. अमरदीप ने कहा कि अपनी पार्टी और अपने नेता के विचारों और कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हमें फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सऐप जैसे माध्यमों का उपयोग सीखना होगा।

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ई-मेल का उपयोग अवश्य करें। सरकार द्वारा किए गए शराबबंदी, दहेजबंदी एवं बालविवाह विरोध जैसे कार्यों की चर्चा करते हुए डॉ. सुहेली मेहता ने कहा कि शराबबंदी के बाद 84% महिलाओं ने माना कि अब उनके घर में बचत होने लगी है और बचे हुए पैसों का उपयोग वे बच्चों और घर की बेहतरी के लिए कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बेटियों को हर तरह से आत्मनिर्भर बनाना चाहती है। कार्यक्रम में मौजूद अन्य विशिष्ट लोगों में विधायक रामसेवक सिंह, विधानपार्षद संजय कुमार सिंह (गांधीजी), विधानपार्षद ललन सर्राफ, मुख्यालय प्रभारी व महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य, अनिल कुमार, पार्टी प्रवक्ता अरविन्द निषाद, निखिल मंडल, पंचायती राज प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्वेता विश्वास एवं विधि प्रकोष्ठ की प्रधान महासचिव अंजुम आरा प्रमुख हैं।