राज्यपाल और परिवहन विभाग के आदेशों की उड़ती धज्जियां

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रोहतास जिले में राज्यपाल और परिवहन विभाग के आदेशों की लगातार धज्जियां उड़ रही है। रौब ज़माने के लिए बिना अधिकृत अधिकारी भी नीली बत्ती का इस्तेमाल करते दिख रहे हैं। जिला प्रशासन के नाक के नीचे रोज दम तोड़ता यह कानून व्यवस्था इस समय सवालों के घेरे में है। आज तक जिला अधिकारी हो या वरीय पदाधिकारी किसी ने कानून को बचाने की कोशिश नहीं की और न हीं कभी अपनी जिम्मेवारी समझकर इसे पालन करने की सलाह दी और सलाह भी देने का क्या मतलब ! जब इस सुशासन की सरकार में न्यायालय या वरीय पदाधिकारी के आदेश को सिर्फ कागज और फाइलों तक ही सीमीत रखा जाता है।

अगर कानून के रखवाले ही कानून को तोड़ने लगे तो आम जनता की क्या बात की जाए ! आम जनता द्वारा कानून तोड़ना तो आम बात है हीं लेकिन जिला प्रशासन और वरीय पुलिस प्रशासन के सामने जब कानून अपना दम तोड़ते दिख रहा है तो प्रश्न उठना लाजमी है। इन दिनों रोहतास जिले के जिला मुख्यालय से लेकर तीनो अनुमंडल में इस तरह का वाकया दिख रहा है जहां भूमि सुधार उप समाहर्ता रोज प्रधान सचिव के आदेस और परिवहन विभाग के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए अपने सरकारी वाहन पर नीली बती लगाकर सडकों पर फराटे से दौड़ते हैं। यही नहीं जिला अधिकारी रोहतास के मीटिंग में सप्ताह में करीब दो-तीन दिन तो जरुर ही जाते हैं लेकिन उन्हें न तो कोई रोकने वाला है और नहीं किसी का डर | रोहतास जिले में तीन अनुमंडल है सासाराम , डेहरी, और बिक्रमगंज लेकिन तीनों भूमि सुधार उप समाहर्ता अपने शान और रौब से कोई समझौता नहीं करते। भले ही कोई कानून कोई या आदेस क्यों न टूट जाए रुआब कम नहीं होनी चाहिए |

यह आदेश परिवहन विभाग 06/सी. एम. टी. 24/2012 अधिसूचना 3450 पटना दिनांक 18/06/14 के माध्यम से बिहार के राज्यपाल ने केन्द्रीय मोटर अधिनियम 1989 के नियम 108(2) के तहत जो पदाधिकारियों को नीली बती लगाकर सरकारी वाहनों में चलाना निर्धारित किया है उस आदेश में भूमि सुधार उप समाहर्ता का कही भी जिक्र नहीं है । यानि कुल मिला कर राज्यपाल के आदेश को अवहेलना कर अपनी शान को बरक़रार रखने के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता नीली बती का प्रयोग खुल्लेआम कर रहे हैं| यह सूचना प्रतिलिपि परिवहन विभाग के प्रधान सचिव ने सभी जिला अधिकारियों सहित जिला परिवहन पदाधिकारी एवं माननीय उच्च न्यालायाय पटना, प्रधान सचिव मुख्यमंत्री बिहार सहित दोनों सदनों को दिया गया है |

लेकिन आज जब इस सम्बन्ध में रोहतास के जिला अधिकारी अनिमेष कुमार परासर से पूछा गया तो साहब ने अभी जांच कर करवाई की बात कही। जबकि सैकड़ों बार अनधिकृत अधिकारी सरकारी वाहनों पर नीली बती लगाकर साहब के साथ घूमते रहे हैं और साहब अभी जांच कर कार्रवाई करने की बात करते हैं । सवाल ये है की जब कोई आम जानता कोई कानून को तोड़ दे या तोड़ने की कोशिश करे तो यही अधिकारी कानून का हवला देकर त्वरित कर्रवाई करने से नहीं चुकते । कभी कोई मोटर साइकिल वाला बिना हेमलेट के साथ मिल गया तो कानून के नियम बताकर उसे दण्डित किया जाता है। तो ऐसे में क्या रोहतास जिला प्रशासन दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ करवाई करेगा ?