राज्य के कई शहरों में कैश की किल्लत, एटीएम से पैसा नहीं मिलने से लोग हुए हलकान

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पटना – देश के कई राज्यों में कैश की किल्लत की खबरें आ रही हैं। एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगी हैं लेकिन उसके बावजूद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। बिहार के कई शहरों का आलम यह है कि एटीएम के बाहर ताले लटकें दिखाई दे रहे हैं। राजधानी पटना के कई एटीएम में पैसे नदारद हैं। कैश की किल्लत की समस्या से लोग बेहद परेशान हैं। एक तो गर्मी ऊपर से धूप में लंबी कतारें। कैश की इस समस्या के साथ राजनीती में भी काफी गहमा-गहमी चल रही है।

जहानाबाद – बैंको में कैश की किल्लत दूर होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। बैंको में बड़े नोट नदारद हैं तो एटीएम कंगाल है। पड़ताल के दूसरे दिन भी स्थिति और नाजुक नजर आई। कल जिन 10 में से 2 एटीएम में कैश मिल रहे थे आज कैश की कमी के कारण खुद कंगाल नजर आये। HDFC और बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम की पड़ताल की तो पता चला कि जिस HDFC के एटीएम में कल रुपये थे आज वह भी कैश के अभाव में बंद है और बैंक ऑफ इंडिया तो पहले से बंद है ही। इसी तरह शहर के भीड़-भाड़ वाले स्टेशन परिसर का एटीएम भी कैश के अभाव में बंद था और लोग खुलने का इंतजार करते नजर आये।

रोहतास – जिले में भी ATM की बहुत बुरी हाल है। शायद ही किसी ATM में आप को पैसे मिल जाएं। लोग अपने कामकाज के लिए, खरीदारी के लिए पैसे निकालने के लिए ATM पर पहुंचते हैं तो उन्हें पैसा नहीं मिलता। जिससे काफी परेशानी है, क्योंकि अब लगन का, शादी ब्याह का मौसम शुरू हो गया है। जिस कारण लोग खरीदारी शुरु किए हैं। लेकिन ATM में पैसे नहीं मिलते। परेशानी का सबब यह है कि अगर कहीं पैसा है भी तो लोगो की लंबी कतारें हैं। आपको अपनी बारी आने से पहले ही पैसे खत्म हो जाते हैं। जिस कारण लोग निराश होकर लौट रहे हैं। यह हाल सिर्फ सासाराम जिला मुख्यालय के ATM का ही नहीं है, बल्कि डेहरी ऑन सोन और बिक्रमगंज की भी यही हालत है। लोग परेशान हैं।

सहरसा – गौरतलब है कि शहर में सभी बैंकों का तकरीबन डेढ़ सौ एटीएम है। जिसमें एसबीआई के तकरीबन 100 एटीएम हैं और बाकी सारे बैंकों का है। लेकिन सारे बैंक के एटीएम में तकरीबन पंद्रह दिनों से पैसों की किल्लत है। बताना लाजमी है कि एसबीआई बैंक के 100 एटीएम में महज दो से तीन एटीएम में कुछ पैसा डाले गए लेकिन वो भी कुछ ही वक्त के लिए। सभी एटीएम में लगी लंबी-लंबी कतारें लेकिन कैश ऐटीएम में नदारद। पैसे की किल्लत से शादी वाले कई घरों में छाई मायूसी, तो वहीं बिजनेस पर भी पर रहा है खासे असर।

समस्तीपुर – पिछले एक सप्ताह से बैंक सहित एटीएम मशीन में कैश की किल्लत बनी हुई है। बैंकों में जहां ज्यादा संख्या में कैश नहीं रहने से लोगों को जरूरत के हिसाब से काफी कम संख्या में रुपए मिल पाते है। वहीं दो दर्जन एटीएम में एक दो को छोड़ किसी में कैश नही रह पाए रहा है। अगर किसी मे रुपए मिल भी जाते हैं तो वहां भी कुछ मिनटों में ही नो कैश का बोर्ड लग जाए रहा है। एक तरफ जहां शादी ब्याह के मौसम में लोगों को कैश की कमी से दो चार होना पड़ रहा है। उससे तो यही लगता है कि सरकार का सपना कैशलेस का नहीं लैशकैश का आ पहुंचा है।

मोतिहारी – सभी बैंकों के एटीएम कल से ही कैशलेस हो गये हैं और ग्राहक एटीएम कार्ड लेकर रुपयों के लिए परेशान हैं। एटीएम का चक्कर लगा रहे है। ग्राहकों की माने तो एटीएम से रुपये नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बैंक के अधिकारी रिजर्व बैंक से रुपये नहीं आने की बात करते हैं।

कटिहार – दर्जनों एटीएम में ग्राहक आकर लौट जाते हैं या भीड़ में लाइन लगाकर सुबह से शाम हो जाती और बगैर रुपये लिए वापस लौट जाते हैं घर, बैंकों में जरूरतमंद लोग रुपये निकालने के लिए घंटो भीड़ में खड़े होते हैं, अगर रुपया बैंक में रहा तो रुपये की निकासी हो जाती है अन्यथा अगले दिन के इंतजार में परेशान होते हैं। रुपये के अभाव में लोगों के जरूरी काम जैसे शादी से लेकर बीमारी के इलाज तक की परेशानी होती है। हालांकि लोगों की मानें तो ये सारी परेशानियां कैशलेस को लेकर हो रहा है।

गया – लोग एटीएम में पैसा निकालने के लिए जा रहे है लेकिन पैसा निकल नहीं रहा है कई जगहों पर तो एटीएम के बाहर एटीएम खराब के नोटिस बोर्ड भी लटकाये गए है और कुछ एटीएम में पैसे नहीं होने की वजह से एटीएम ही बंद है। राजेंद्र आश्रम में यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया का एटीएम जहां पैसे है ही नहीं ग्राहकों ने बताया कि सरकार कैशलेस-कैशलेस चिल्ला रही है हॉस्पिटल में कार्ड से पेमेंट लेने के लिए तैयार नहीं, दवा दुकानों पर यह सुविधा नहीं है पिछले 4 दिनों से गया के सभी एटीएम का चककर लगा चुके है लेकिन पैसा अभी तक नहीं निकल पाया है पैसे वाले एटीएम खोजते-खोजते थक गए है।