राज्य के कृषि रोड मैप में सहकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण – राजीव रंजन प्रसाद

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पटना – जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने हाशिये पर बैठे लोगों को ध्यान में रखते हुए आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए राज्य के तृतीय कृषि रोड मैप वर्ष (2017-22) में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका को निर्धारित किया है।

प्रसाद ने कहा कि लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सरकारी समितियों को जिम्मेदारी दी गयी है। सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश में सहकारिता को आधुनिक एवं तकनीकी रुप से सक्षम बनाने पर राज्य सरकार का विशेष जोर है ताकि प्रतिस्पर्द्धात्मक तरीके से अर्थव्यवस्था में सहकारिता आंदोलन चुनौतियों का सामना कर सकें। प्रसाद ने कहा कि सहकारी समितियों की कुल भंडारण क्षमता 9.943 लाख मेट्रिक टन है एवं (2017-2022) की अवधि में इसमें 10 लाख मेट्रिक टन क्षमता की और वृद्धि की जाएगी। कृषि रोड मैप अंतर्गत अब तक 3086 गोदामों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

जदयू प्रवक्ता के अनुसार,पैक्सों एवं व्यापार मंडलों में प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के क्रम में अब तक 344 पैक्सों एवं व्यापार मंडलों, चावल मिल-सह-गैसीफायर संयंत्रों की स्थापना की जा चुकी है। साथ ही ड्रायर के साथ विद्युत आधारित चावल मिल स्थापित होंगे। पैक्सों में व्यवसाय विकास के लिए विशेषकर ऑफ सीजन में उर्वरक भंडारण हेतु हमारी सरकार द्वारा 3207 पैक्सों को प्रति पैक्स 02 लाख रुपये की दर से कार्यशील पूंजी उपलब्ध करायी गई है ताकि उनका समुचित विकास हो सके।

जदयू प्रवक्ता ने कहा कि सब्जी के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि, सब्जी उत्पादकों को सही मूल्य दिलाने, उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर सब्जी उपलब्ध कराने तथा सब्जी प्रक्षेत्र में मूल्य संवर्द्धन करने के उद्देश्य से राज्य में त्रिस्तरीय सहकारी सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन व्यवस्था का शुभारंभ तृतीय कृषि रोड मैप से हमारी सरकार द्वारा किया गया है। प्रसाद ने कहा कि आधारभूत संरचना के विकास के साथ-साथ अन्य रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों में मत्स्य पालन, बुनकर, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन, कुक्कुट पालन, कृषि प्रसंस्करण क्षेत्र में अगले पांच वर्षों में परियोजना के कार्यक्रमों पर 400 करोड़ रुपए तक खर्च की जाएगी। महिला विकास हेतु भी अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे है।

राजीव रंजन ने कहा कि इस परियोजना में आच्छादित जिलों के सहकारी समितियों के सदस्यों, पदधारकों एवं कर्मियों का प्रशिक्षण कार्य भी चलाया जा रहा है। वर्तमान में यह परियोजना राज्य के 12 जिलों में पूरी हो चुकी है, 10 जिलों में चल रहा है तथा 16 अन्य जिलों में इस परियोजना के कार्यान्वयन हेतु डीपीआर तैयार किया जा रहा है। प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार ने पैक्सों में सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए ऑन लाइन सुविधा की है, जिससे पैक्स सदस्यों की संख्या 1.16 करोड़ तक पहुंच गई है। इसे बढ़ाकर 1.60 करोड़ करने का लक्ष्य है। जिसमें महिला सदस्यों की संख्या 35.95 लाख है।