राज्य के प्रत्येक राजस्व ग्राम में होगा गुणवत्तापूर्ण बीज का उत्पादन – डाॅ॰ प्रेम कुमार

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पटना – बिहार के कृषि विभाग मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण बीज की पहुँच सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में करने एवं उसके उपयोग को बढ़ावा देने हेतु मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना का कार्यान्वयन किया जायेगा। वर्ष 2018-19 के लिए मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना मद में 1367.89 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना का कार्यान्वयन धान एवं गेहूँ फसल में राज्य के सभी राजस्व गाँवों में किया जायेगा तथा चयनित राजस्व गाँव में अरहर, चना एवं मसूर फसलों के लिए किया जायेगा। इस योजना के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में धान, गेहूँ, अरहर, चना एवं मसूर के आधार/प्रमाणित बीज किसान को उपलब्ध कराया जायेगा।

उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत धान, अरहर, गेहूँ चना तथा मसूर फसलों के बीज उत्पादन हेतु प्रत्येक राजस्व गाँव से 2 किसानों का चयन किया जायेगा। इन चयनित किसानों को आधा एकड़ क्षेत्र के लिए धान एवं गेहूँ के बीज क्रमशः 6 किलो ग्राम एवं 20 किलो ग्राम तथा अरहर, चना, मसूर के बीज एक-चैथाई एकड़ क्षेत्र के लिए क्रमशः 2 किलो ग्राम, 8 किलो ग्राम एवं 4 किलो ग्राम उपलब्ध कराया जायेगा। किसानों को इन सभी फसलों के बीज पर 90 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा। चयनित किसानों द्वारा इन फसलों के बीज का क्रय पूर्ण भुगतान कर किया जायेगा। राज्य सरकार से प्राप्त अत्याधुनिक प्रभेदों के बीज से किसान स्वयं अपने लिए तथा गाँव के दूसरे किसानों के लिए बीज पैदा करते हैं। किसानों के बीच अदला-बदली के माध्यम से नये बीज का प्रचार-प्रसार होता है। इस कार्यक्रम की प्रशंसा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् द्वारा भी की गई है।

उन्होंने आगे कहा कि जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा इस योजना का कार्यान्वयन प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार के माध्यम से कार्यान्वित कराया जायेगा। इस योजना का अनुश्रवण जिला स्तर पर जिला कृषि पदाधिकारी एवं प्रखंड स्तर पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी द्वारा किया जायेगा। मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना में बीज की उपलब्धता बिहार राज्य बीज निगम से प्राथमिकता के आधार पर जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा। बिहार राज्य बीज निगम के पास बीज की उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा अन्य चिन्हित सरकारी बीज कम्पनियों से बीज की व्यवस्था सुनिश्चित किया जायेगा।