राज्य में कृषि विभाग द्वारा बी॰ए॰जी॰आर॰आई का कार्यान्वयन डी॰एफ॰आई॰डी यूके के सहयोग से किया जा रहा है – डाॅ॰ प्रेम कुमार

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पटना – बिहार के कृषि विभाग मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य में कृषि विभाग द्वारा बिहार एग्रीकल्चरल ग्रोथ एण्ड रिफाॅर्म इनिशिएटिव (बी॰ए॰जी॰आर॰आई॰) का कार्यान्वयन डिपार्टमेण्ट फाॅर इन्टरनेशनल डेवलपमेण्ट (डी॰एफ॰आई॰डी॰) यू॰के॰ के सहयोग से किया जा रहा है। इसके कार्यान्वयन से कृषि क्षेत्र को विशेष लाभ हो रहा है एवं कृषि रोड मैप 2017-2022 की योजनाओं में सहयोग कर कृषकों के बहुआयामी विकास में सहयोग किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को राज्य के 11 जिलों मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैषाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, पटना, नालन्दा, बक्सर, रोहतास, भोजपुर, एवं गया में कार्यान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक किसानों का 15 फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी का गठन किया गया है, जिन्हें मुख्य बाजार से जोड़ दिया गया है। इससे कृषकों को विचैलियों से राहत मिली है एवं उनके कृषि उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हुआ है। इससे किसानों की आय में वृद्धि एवं विपणन हेतु उनकी क्षमता का विकास हो रहा है। साथ ही, इससे निजी निवेश को बढ़ावा मिल रहा है तथा विभाग के निदेशालयों, बोर्ड एवं संबद्ध एजेन्सियों का क्षमताबर्द्धन हो रहा है।

मंत्री ने कहा कि राज्य में सम्पूर्ण कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए एक एजेन्सी बागरी-टास्ट कार्यरत् है, जिसके द्वारा जिला स्तर पर किये जाने वाले कार्यों के अतिरिक्त विभाग स्तर पर नयी नीतियों का विकास एवं सृजन कर विभाग को नयी उँचाईयों पर ले जाने का कार्य किया जा रहा है। विगत वर्षो में सीड प्रोडक्शन प्रमोशन पाॅलिसी, वेयरहाऊस में निवेश की पाॅलिसी, एग्री मार्केटिंग सिस्टम के विकास हेतु उपयुक्त माॅडल, सिचुएशनल एनलाईसिस आॅफ मेकेनाईजेशन सेक्टर, ई-किसान भवन के संचालन हेतु विशिष्ट कार्य योजना, बामेती के सुदृढी़करण हेतु कार्य योजना आदि तैयार कर विभाग को यथावष्यक कार्रवाई करने हेतु तैयार किया गया है। इसके द्वारा मसौढ़ी, पटना स्थित ई-किसान भवन में कियोस्क की स्थापना किया गया है।

उन्होंने कहा कि कार्यान्वयन एजेन्सी द्वारा निजी निवेषकों को उचित क्षेत्र में निवेष हेतु षिक्षित करने के साथ-साथ निवेष हेतु विस्तृत कार्य योजना तैयार करने एवं मार्गदर्षन का कार्य भी किया जा रहा है। अब तक इस टीम द्वारा 141 करोड़ रूपये के निवेष के प्रस्तावों पर सुविधा सेवा दी गयी है, जो राज्य सरकार के वर्ष 2020 तक 700 करोड़ रूपये का निवेष के लक्ष्य के अधीन है।