राज्य में जैविक सब्जी उत्पादन के प्रोत्साहन हेतु इनपुट अनुदान कार्यक्रम की योजना चलायी जा रही है – डाॅ॰ प्रेम कुमार

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पटना – बिहार के कृषि विभाग मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार के अलग-अलग हिस्सों में कई फसलों की खेती होती है, जिनमें कुछ फसल ऐसे हैं जिनकी खेती अन्य राज्यों में नहीं होती है। परन्तु बाजार उपलब्ध नहीं होने के कारण फसल उत्पादक किसानों को इसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। किसानों को उनके फसलों का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से राज्य में प्रत्येक जिला के लिए विशेष फसलों जैसे- लीची, आम, मखाना, पान, मसाला, अनानास, जूट आदि लगभग 38 फसलों का चयन कर इसके प्रोत्साहन हेतु योजना बनाई गई है। किसानों द्वारा क्षेत्र विशेष में एक साथ एक फसल का उत्पादन करने से व्यापारी उनके पास पहुँचेंगे जिससे फसलों के लिए एक बाजार उपलब्ध होगा। इससे प्रत्येक जिला एक हब के रूप में विकसित होगा, जिससे उसके विपणन एवं प्रसंस्करण में काफी सहुलियत होगी।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त उद्यानिक फसलों को बढ़ावा देने एवं प्रत्येक जिले में एक पहचानित उद्यानिक फसलों के विकास तथा बागों में अन्तर्वत्र्ती फसल, संरक्षित खेती, विपणन हेतु आधारभूत संरचना विकास, मसाला फसलों के विकास इत्यादि अवयवों के लिए मुख्यमंत्री बागवानी मिशन एवं राष्ट्रीय बागवानी मिशन की महत्वाकांक्षी योजना तैयार किया गया है। राज्य में जैविक सब्जी उत्पादन के प्रोत्साहन हेतु इनपुट अनुदान कार्यक्रम की योजना चलायी जा रही है। सिंचाई जल के बचत हेतु प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तैयार की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत कृषि फसलों, बागवानी फसलों एवं सब्जियों के अन्तर्गत खेती में पारम्परिक सिंचाई व्यवस्था से हटकर ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई का इस्तेमाल हेतु कार्यान्वित किया जायेगा। जिसके तहत किसानों को 75 प्रतिशत अनुदानित दर पर ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली के संयंत्र उपलब्ध कराये जायेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिला के लिए वहाँ की सिंचाई की आवश्यकता के अनुसार डिस्ट्रीक्ट इरीगेशन प्लान तैयार कराया गया है। राज्य में आम, लीची, केला, पपीता और अन्य बागवानी फसलों की उन्नत तकनीक का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। फल-सब्जी के संरक्षित खेती को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। बागवानी विकास कार्यक्रमों को कार्यान्वित करने के लिए राष्ट्रीय बागवानी मिशन के साथ-साथ मुख्यमंत्री बागवानी मिशन कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।