राज्य में यूरिया की कोई कमी नहीं – डाॅ॰ प्रेम कुमार

155
0
SHARE

पटना – बिहार के कृषि विभाग मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य में एक-दो जगहों से यूरिया खाद के अधिक मूल्य पर बिक्री करने की सूचना प्राप्त हुई है। इस सूचना के आलोक में विभागीय स्तर पर इसकी लगातार समीक्षा करते हुए इसकी जाँच भी कराई जा रही है। जाँच में दोषी पाये जाने वाले व्यक्तियों पर कठोरत्तम कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में कहीं भी उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। राज्य में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है। बिहार राज्य में केन्द्र सरकार द्वारा लगातार यूरिया की आपूर्ति की जा रही है, जिन्हें रैक के माध्यम से विभिन्न जिलों को आपूत्र्ति की जा रही है। राज्य में इस वर्ष खरीफ मौसम में माह सितम्बर तक 9.00 लाख मेट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता होगी। इसके विरूद्ध 09 सितम्बर तक 7.55 लाख मेट्रिक टन की आपूर्ति हुई है। वत्र्तमान में आवश्यक मात्रा में यूरिया उपलब्ध है।

मंत्री ने कहा कि राज्य में उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर पी॰ओ॰एस॰ मशीन के माध्यम से 266.50 रूपये प्रति 45 किलोग्राम यूरिया के पैकेट की दर से ही बिक्री किया जाना है। इस वर्ष सरकार द्वारा 01 जनवरी से राज्य में सभी खुदरा उर्वरक बिक्रेता को पी॰ओ॰एस॰ मशीन के माध्यम से ही उर्वरकों की बिक्री करना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य में उपलब्ध यूरिया का स्टाॅक वेवसाईट पर अपलोड रहता है। किसी भी व्यक्ति के द्वारा किसी समय एम॰एफ॰एम॰एस॰ बेवसाईट पर जाकर डी॰बी॰टी॰ रिपोर्ट मंे देखा जा सकता है कि किस उर्वरक बिक्रेता के पास कौन-सा उर्वरक कितनी मात्रा में उपलब्ध है। अब कोई भी उर्वरक बिक्रेता उर्वरकों की उपलब्धता को छिपा नहीं सकेगा। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की कालाबजारी पर निगरानी रखनेे हेतु जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में एवं प्रखण्ड स्तर पर प्रखण्ड प्रमुख की अध्यक्षता में उर्वरक निगरानी समिति गठित है। इन समितियों की नियमित बैठक कराने हेतु सभी जिला पदाधिकारी को संसूचित किया गया है।

डाॅ॰ कुमार ने किसान भाईयों एवं बहनों से अपील किया कि अपनी आवश्यकता के अनुसार ही यूरिया का क्रय करें। भविष्य में भी यूरिया की कोई कमी नहीं होने जा रही है, इसलिए अनावश्यक यूरिया का क्रय कर घर में अतिरिक्त स्टाॅक करने की आवश्यकता नहीं है। हमारी सरकार किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु कृतसंकल्पित है। हमारी सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है तथा सरकार किसानों की उन्नति के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।