राज्य में लवणीय एवं क्षारीय समस्या से ग्रस्त भूमि को किया जा रहा उपचारित -डाॅ॰ प्रेम कुमार

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पटना – बिहार के कृषि विभाग मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य में ऊसर एवं गैर कृषि योग भूमि का रकबा 4.32 लाख हेक्टेयर है। इस भूमि पर खेती नहीं हो रही है या अगर इस पर खेती होती भी है तो उसकी उत्पादकता बहुत कम है। किसानों की इस समस्या के समाधान हेतु केन्द्र प्रायोजित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की उप योजना रिक्लेमेशन आॅफ प्रोब्लेम स्वाॅयल के अन्तर्गत लवणीय एवं क्षारीय समस्या से ग्रस्त भूमि के उपचार हेतु योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है।

मंत्री ने कहा कि राज्य में इस योजना का कार्यान्वयन दो जिला सिवान एवं मुजफ्फरपुर में किया जा रहा है। इस वर्ष सिवान जिला में 516 हेक्टेयर एवं मुजफ्फरपुर में 300 हेक्टेयर लवणीय एवं क्षारीय भूमि को उपचारित करने के लिए क्रमशः 309.67 लाख रूपये तथा 180 लाख रूपये किसानों को अनुदान के रूप में दिया जायेगा। यह अनुदान इन जिलों के किसानों को 60 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से दिया जायेगा। इसके लिए क्राॅप बेस्ड फार्मिंग सिस्टम एवं एग्रोफाॅरेस्ट्री बेस्ड फार्मिंग सिस्टम दो माॅडल विकसित किया गया है। फिलहाल बिहार में क्राॅप बेस्ड फार्मिंग सिस्टम माॅडल अपनाया जा रहा है।

डाॅ॰ कुमार ने कहा कि राज्य में इस योजना के माध्यम से क्षारीय एवं लवणीय समस्या से ग्रस्त भूमि को उपचारित कर उसे उपजाऊ बनाया जायेगा। इससे भूमि की उपज क्षमता में वृद्धि होगी तथा इससे राज्य में अतिरिक्त उपजाऊ भूमि का क्षेत्र विस्तार होगा। इस तरह किसानों की आमदनी बढ़ेगी।