रामविलास पासवान ने सवर्ण आरक्षण को बताया ऐतिहासिक फैसला

122
0
SHARE

पटना – लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष व केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सवर्ण आरक्षण को एक ऐतिहासिक फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है, 89-90 में बीपी राव ने ओबीसी को आरक्षण दिया। बीपी राव ऊंची जाति के थें तो निचली जाति को आरक्षण दिया। नरेंद्र मोदी निचली जाति के हैं तो उन्होंने सामान्य वर्ग को आरक्षण दिया। मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास में यकीन करती है। अब इसमें कोई अपील भी करेगा तो सुप्रीम कोर्ट पहले संविधान देखेगा जिसमें कानून बनाया गया है। सरकारी नौकरी कम हो गई है, 1990 में प्राइवेट नौकरी आने के चलते यह हुआ है। यह देश हित में बहुत बड़ा कदम है।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दो मुंही सांप है उनके एक आदमी आनंद शर्मा बिल का सपोर्ट कर रहे थें, वहीं कपिल सिब्बल विरोध कर रहे थें। कांग्रेस में सबसे ज्यादा ऊंची जाति के लोग हैं। कपिल सिब्बल कहते हैं कि सब लोग दलित के कंधे से बंदूक चलाते हैं। अल्पसंख्यक का वोट कांग्रेस के साथ है, लेकिन वो उत्तर प्रदेश में सपा बसपा के साथ नहीं है। इससे कुछ नहीं होगा।जब तक ऊंची जाति के लोग पिछड़ी जाति की बात नहीं करेंगे, पिछड़ी जाति के लोग अगड़ी की बात नहीं करेंगे। हिंदू मुस्लिम की बात नहीं करेगा, मुस्लिम हिंदू की बात नहीं करेगा तब तक देश मजबूत नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि हमारी मांग थी कि ऊंची जाति के गरीबों के लिए आरक्षण होनी चाहिए। एससी/एसटी को आरक्षण सिर्फ जातिगत आरक्षण दिया गया। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में अटक जाएगा। नरसिम्हा राव ने भी 10% आरक्षण का लॉलीपॉप दिया गया था। बीपी सिंह ऊंची जाति के थे तो उन्होंने पिछड़ों को आरक्षण दिया। यह सामाजिक समरसता है।

उन्होंने कहा राजद सदन में इसका विरोध करती रही थी। जब दलित का हिस्सा नहीं छुआ जा रहा है तो राजद को दिक्कत क्या है। ये लोग नहीं चाहते हैं कि ऐसा हो। ये लोग माई का नारा दे दिए। इस आरक्षण में मुस्लिम, ईसाई, पारसी, सिख भी हैं। अंगुठा छाप भी मुख्यमंत्री बन जाता है। ये लोग नारा लगवाकर समाज को बांटना चाहते हैं। राजद जीरो पर आउट होने वाली है।