रामाशीष की गिरफ्तारी के बाद क्या लालू प्रसाद से पूछताछ करने की हिम्मत दिखायेगी एसआईटी? -सुशील मोदी

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पटना 10.02.2017 – बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) में पर्चा लीक के जरिए हुए 200 करोड़ के घोटाले से राजनेता-नौकरशाह नेक्सेस का खुलासा हुआ है। महागठबंधन सरकार में हुए दवा, दलित छात्रवृत्ति व टाॅपर घोटाले से लेकर पेपर लीक तक के किंगपिन लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के करीबी हैं। चारा घोटाले एक मामले में लालू प्रसाद के बेलर रहे तथा पर्चा लीक में मुख्य भूमिका निभाने वाले रामाशीष राय की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी में क्या लालू प्रसाद से पूछताछ करने की हिम्मत है? आखिर विज्ञान व प्राद्योगिक विभाग में टाइपिस्ट की नौकरी करने वाला रामाशीष राय पटना में स्कूल कैसे चला रहा है? विवादित तथा सीबीएसई से सम्बद्धता खत्म होने के बावजूद उसके एबीएन स्कूल में परीक्षा केन्द्र क्यों बनाया गया?

बीएसएससी के गिरफ्तार सचिव परमेश्वर राम के बयान के बाद सरकार को एसएमएस भेजने वाले उन दो मंत्रियों तथा दबाव बनाने वाले दर्जनों विधायकों व नौकरशाहों के नाम सार्वजनिक करना चाहिए? बीएसएससी अध्यक्ष सुधीर कुमार के बयान की भी जांच हो कि कौन उन पर अवैध नियुक्ति के लिए दबाव बना रहा था? बीएसएससी की परीक्षाओं में पिछले चार वर्षों से भ्रष्टाचार, पेपर लीक और धांधली के आरोप के बावजूद सरकार सोई क्यों थी?

पर्चा लीक मामले की जांच कर रही एसआईटी को साल 2015 में स्नातक स्तरीय सचिवालय सहायक व 3616 अन्य पदों के लिए बीएसएससी द्वारा ली गई परीक्षाओं के साथ जेई भर्ती, एमवीआई की परीक्षा तथा 2016 में हुई कृषि समन्वयकों की बहाली में भी धांधली व घोटाले के साक्ष्य मिले हैं।

बीएसएससी पर जब विगत चार साल से विभिन्न परीक्षाओं में धांधली के आरोप लग रहे थे तो मुख्यमंत्री ने पहले ही जांच का आदेश क्यों नहीं दिया? बीएसएससी की अब तक ली गई सभी परीक्षाओं की जांच के साथ ही परमेश्वर राम और सुधीर कुमार ने जिन मंत्रियों, विधायकों और नौकरशाहों के नाम बतायें हैं उन्हें सार्वजनिक किया जाए तथा रामाशीष राय को संरक्षण देने वाले लालू प्रसाद से भी एसआईटी पूछताछ करें।