राशन कार्ड के डेटा को अपडेट करने की आवश्यकता है- मुख्यमंत्री

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पटना:- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज रोहतास जिले के सासाराम समाहरणालय सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। समीक्षा बैठक में सासाराम, कैमर, बक्सर और भोजपुर जिले में सात निश्चय एवं अन्य विकासात्मक कार्यों की जिलावार अद्यतन रिपोर्ट एवं उनमें आ रही दिक्कतों को दूर करने पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई।

समीक्षा बैठक में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, लोक सेवा का अधिकार कानून, धान अधिप्राप्ति के साथ ही सात निश्चय के अंतर्गत स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, हर घर बिजली कनेक्शन, हर घर तक पक्की गली-नाली योजना, हर घर नल का जल, ग्रामीण टोला संपर्क योजना, शौचालय निर्माण घर का सम्मान, अवसर बढ़े, आगे पढ़ें की बिंदुवार एवं जिलावार समीक्षा की गई, जिसमें संबंधित विभाग के प्रधान सचिव/सचिव और चारों जिलों के जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिले की वर्तमान स्थिति इन विकास योजनाओं के सम्बन्ध में प्राप्त उपलब्धियों एवं लक्ष्य को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।

बैठक में सासाराम, कैमूर, बक्सर एवं भोजपुर के विधायकों, विधान पार्षदों, जिला परिषद और नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों द्वारा शौचालय निर्माण भुगतान, दुर्गावती नहर की सफाई, पंचायत भवन निर्माण, विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति, दाखिल-खारिज, पी0डी0एस0, शिक्षा, स्वास्थ्य, जलजमाव, अतिक्रमण, भूमि का हो रहे एरियल सर्वे, सड़क निर्माण, सड़क जाम की स्थिति, तिलौथू में स्टेडियम निर्माण, धान अधिप्राप्ति, विधायक निधि से जुड़ी योजना की स्वीकृति, बिजली, सिंचाई जैसे अन्य कई क्षेत्रों से जुड़ी समस्याएं और शिकायतें मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गयी।

समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा उठायी गयी समस्याओं पर संबंधित विभाग के अधिकारियों ने रिस्पॉन्ड करते हुए इस दिशा में त्वरित सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन मुख्यमंत्री के समक्ष जनप्रतिनिधियों को दिया। समस्यायें सुनने के क्रम में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण टोलों की बारहमासी सड़कों से संपर्कता में जमीन एवं अन्य प्रकार की आ रही दिक्कतों को अतिशीघ्र दूर करने का निर्देश जिलाधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की मानसिकता होती है कि गरीबों के टोलों को बारहमासी कनेक्टिविटी नही मिले ऐसी शिकायतें कई जगहों से आ रही है, इसके लिए जिलाधिकारी को अपने स्तर से विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें हर दल के जनप्रतिनिधियों एवं मुखिया को एप्रोच करके उनका सहयोग जिलाधिकारी लें और इसके लिए प्रेगमेटिक व्यू अपनाएं। उन्होंने कहा कि रूट का ऑप्शन ओपेन रखिये और दिक्कत आने पर रुट को बदलिए या लोगों को समझाइये, पैसा ज्यादा लगे तो लगाइये ताकि हर किसी को बारहमासी कनेक्टिविटी मिल सके।

खुले में शौच से बिहार को मुक्त कराने के सरकार के निश्चय को दुहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर पैनी नजर रखने की आवश्यकता है क्योंकि अगर किसी पंचायत, प्रखंड या जिला को सरकार के माध्यम से ओ0डी0एफ0 घोषित करवाते हैं तो यदि 99 प्रतिशत भी काम पूरा हो गया है तो एक प्रतिशत को ही प्रमुखता देनी होगी। जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शौचालय निर्माण की दिशा में हो रहें काम को पूरी तरह वेरीफाई कराने के बाद ही किसी इलाके को ओ0डी0एफ0 घोषित करवाइये। इसके लिए उत्साह में नही जाकर कॉन्शस रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बिहार खुले में शौच से मुक्त हो जाय यह कोई मामूली बात नही है। जनप्रतिनिधियों से आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत ओ0डी0एफ0 हो जाय तो वहां हर घर मे शौचालय बना या नहीं, इसका पूरा वेरिफिकेशन कराकर और फीडबैक कार्यकर्ताओं से लेकर प्रशासन को सहयोग कीजिये। उन्होंने कहा कि बिहार यदि खुले में शौच से पूरी तरह मुक्त हो जाय तो 90 प्रतिशत बीमारियों से छुटकारा मिलेगा।

लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून के तहत हो रहे निष्पादन और लोक सेवा का अधिकार कानून के तहत आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र जैसी मिलने वाली 53 सेवाओं को ऑडियो-विजुअल के माध्यम से रथ निकालकर और आधे घंटे की फिल्म बनाकर पूरे बिहार के इंटीरियर इलाकों में प्रचारित करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद, बिजली बिल, पुलिस या अन्य विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण समस्याओं का लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून के तहत हुए विभिन्न जिलों में निष्पादन एवं लोक सेवा अधिकार कानून के तहत मिलने वाली सुविधाओं को आधे घंटे के फिल्म में समाहित कर लोगों को जागरूक करिये ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन कार्ड के डेटा को अपडेट करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि कोई ऐसी व्यवस्था विकसित होनी चाहिए ताकि राशन कार्ड की मांग होने पर कम समय पर वेरिफिकेशन कराकर लोगों को राशन कार्ड मुहैया कराया जा सके। जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लॉक में भी एस0पी0 साहब के साथ एक दिन जो समस्याएं हैं, उस पर चर्चा करिये। जैसे हम अपने अधिकारियों के साथ जगह-जगह जाकर करते हैं ताकि नीचे वाले अधिकारी अपने दायित्वों के प्रति सजग और सक्रिय रहें।

वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन जैसे वेलफेयर के तहत मिलने वाली पेंशन वितरण में हो रही देरी और गड़बड़ी को जल्द से जल्द दूर करने का मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्रों पर जिन बैंक कोरेस्पोंडेंट द्वारा गड़बड़ी की जा रही है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाय। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पटना से विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, प्रधान सचिव गृह आमिर सुबाहानी, प्रधान सचिव स्वास्थ्य एवं शिक्षा आर0के0 महाजन सहित अन्य विभागों के प्रधान सचिव मीटिंग से जुड़े थे।

समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री सह रोहतास जिले के प्रभारी मंत्री प्रेम कुमार, परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ब्रजकिशोर बिंद, खान एवं भूतत्व मंत्री विनोद कुमार सिंह, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक पी0के0 ठाकुर, प्रधान सचिव जल संसाधन अरुण कुमार सिंह, प्रधान सचिव पथ निर्माण अमृत लाल मीणा, प्रधान सचिव नगर विकास एवं कला संस्कृति चैतन्य प्रसाद, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चन्द्रा, सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज अरविंद चौधरी, सचिव ग्रामीण कार्य एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विनय कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त आनंद किशोर, चारों जिला के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।