रिसॉर्सेज की कमी है लेकिन रिफॉम्र्स जारी है:- मुख्यमंत्री

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पटना- 6ए, सर्कुलर रोड स्थित बिहार विकास मिशन के सभाकक्ष में आज एन0टी0पी0सी0 और बिहार सरकार के बीच एम0ओ0यू0 का हस्तांतरण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं भारत सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर0के0 सिंह के समक्ष किया गया। डायरेक्टर काॅमर्शियल एन0टी0पी0सी0 ए0के0 गुप्ता एवं एम0डी0 एस0बी0पी0डी0सी0एल0 एवं बी0एस0पी0जी0सी0एल0 आर लक्ष्मणन ने आपस में एम0ओ0यू0 का हस्तांतरण किया। बरौनी वाष्प शक्ति प्रतिष्ठान, कांटी बिजली उत्पादन निगम लिमिटेड एवं नवीनगर पावर जेनरेटिंग कम्पनी का स्वामित्व का हस्तांतरण एन0टी0पी0सी0 को किया गया है।

ज्ञात हो कि एन0टी0पी0सी0 कोयला आधारित ताप शक्ति प्रतिष्ठानों का निपुणतापूर्ण संचालन करती है। एन0टी0पी0सी0 को कम ब्याज दर पर बाजार से ऋण उपलब्ध होता है। सीमित संसाधनों के कारण इकाईयों से अनवरत उत्पादन पर संकट तथा संसाधनों की प्रतिपूर्ति हेतु राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ कम होगा। इस एम0ओ0यू0 के बाद राज्य को प्रतिवर्ष 875.06 करोड़ रुपए की बचत संभावित है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज मुझे व्यक्तिगत तौर पर प्रसन्नता हो रही है। ऊर्जा के क्षेत्र में बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य हुये हैं। हमलोगों ने राज्य के हित में यह निर्णय लिया है। ऐसे तो राज्य की पूरी संपत्ति राष्ट्र की संपत्ति है, इसका बेहतर उपयोग होने से पूरे देश को फायदा होता है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने पहले ही बिजली बोर्ड को पांच भागों में विभाजित कर कंपनी के रुप में निर्मित किया। बिजली बोर्ड में काम करने वाले किसी भी कर्मचारी की सेवा शर्त में कोई परिवर्तन नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि बिजली के दर को ठीक करने के लिए सरकार द्वारा बिजली नियामक आयोग के समक्ष जीरो सब्सिडी का प्रस्ताव रखा गया और जब रेट तय हुआ तब राज्य सरकार द्वारा अपने खजाने से उपभोक्ताओं को सब्सिडी दी जा रही है। बिजली बिल में वास्तविक बिजली की दर और राज्य सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी उस पर अंकित रहेगा, जिससे लोगों को पता चलेगा कि सरकार उपभोक्ताओं को कितनी सहायता राशि दे रही है। लोग इसे नैतिक जिम्मेदारी समझकर बिना वजह के बिजली की खपत नहीं करेंगे। हमलोग सब्सिडी उपभोक्ताओं को और वितरण कंपनियों को देते हैं। वितरण कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए सब्सिडी दी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीनगर प्लांट को शुरु करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मैने व्यक्तिगत तौर पर पहल की और जमीन अधिग्रहण संबंधी समस्या का समाधान किया गया और किसानों को उचित मूल्य दिया गया। जब हम केंद्र में मंत्री थे तो बाढ़ में एन0टी0पी0सी0 के सहयोग से 660 मेगावाट की तीन इकाई और 660 मेगावाट की दो इकाई शुरु की गई। पहले के मुकाबले बिहार में पावर जेनेरेशन काफी हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली की उपलब्धता बढ़ी है। हर क्षेत्र में काम किया जा रहा है, चाहे जेनेरेशन हो, ट्रांसमिशन हो, सब ट्रांसमिशन हो या डिस्ट्रीब्यूशन हो। हाल ही में रेहल गांव में ऑफ ग्रिड विद्युत आपूर्ति देखने का अवसर मिला। वहां पर सौर विद्युत के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। सोलर पावर और विंड पावर के क्षेत्र में भी काम करने की जरुरत है। राज्य में विकास के हर क्षेत्र में काम किया जा रहा है। पहले सड़क के क्षेत्र में राज्य में बेहतर कार्य किया गया, लोगों को आवागमन में काफी सुविधा हो रही है। कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि हर गांव, हर घर तक लोगों को बिजली उपलब्ध करा दी जाएगी। बेहतर यातायात और विद्युत की व्यवस्था होने से आज राज्य की तस्वीर बदल गई है और विकास को गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में रिसाॅर्सेज की कमी है लेकिन रिफाॅर्म जारी है और इसी की बदौलत बिहार नई ऊॅचाइयों को छुयेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरौनी, नवीनगर एवं कांटी विद्युत उत्पादन इकाई का एन0टी0पी0सी0 को स्वामित्व हस्तांतरण से बिजली की दर कमेगी। राज्य की जनता सस्ती बिजली दरों से लाभान्वित होगी। एन0टी0पी0सी0 का अपना सिस्टम है और वह बेहतर कार्य करती है, इससे बिजली जेनेरेशन बेहतर होगा। कुछ ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि पूरे देश में एक बिजली दर हो। हमारी इच्छा है कि राज्य में जल्द से जल्द एग्रीकल्चर फीडर लग जाए ताकि किसानों को कम से कम 8 घंटे बिजली आसानी से मिल सके।

इस अवसर पर भारत सरकार के बिजली एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर0के0 सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह मुख्यमंत्री के दूरदर्शी शासन को दर्शाता है। यह विजडम भरा मुख्यमंत्री का निर्णय है, इससे राज्य को काफी फायदा होगा। ऊर्जा मंत्री, बिहार सरकार विजेंद्र प्रसाद यादव ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सी0एम0डी0 एन0टी0पी0सी0 गुरदीप सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, डॉयरेक्टर कॉमर्शियल ए0के0 गुप्ता, रीजनल एक्जक्यूटिव डायरेक्टर एन0टी0पी0सी0 सुरेंद्र नरेंद्र, साउथ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड कंपनी के प्रबंध निदेशक आर0 लक्ष्मणन, नॉर्थ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड कंपनी के प्रबंध निदेशक संदीप के0 आर0पी0, विशेष सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, सी0ई0ओ0 कांटी विद्युत उत्पादक निगम लिमिटेड पी0के0 सिन्हा, जी0एम0 एन0टी0पी0सी0 प्रशांत कश्यप, जी0एम0 एन0टी0पी0सी0 राकेश प्रसाद, जी0एम0 एन0टी0पी0सी0 प्रवीण सक्सेना, ए0जी0एम0 काॅमर्शियल एन0टी0पी0सी0 एस0डी0 झा सहित ऊर्जा विभाग के वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।