रेलवे के ग्रुप डी में नौकरी दिलाने का फर्जीवाड़ा

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दिलीप कुमार

कैमूर – जिले के दुर्गावती रेलवे स्टेशन के माल गोदाम के पास अचानक सैकड़ों छात्रों की भीड़ देखकर किसी ने इसकी सूचना कैमूर एसपी को दी। एसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डीआईओ और मोहनिया डीएसपी के नेतृत्व में छापामारी दल भेजा। जब वहां पहुंचकर तहकीकात किया तो रेलवे माल गोदाम में ग्रुप डी का नौकरी दिलाने के नाम पर यूपी के गोरखपुर के सैकड़ों छात्र-छात्राएं का मेडिकल टेस्ट कराने के लिए बुलाया गया था। लेकिन इस विभाग के संबंधित इन लोगों के पास कोई ओरिजिनल कागजात नहीं था। जहां पुलिस ने नौकरी दिलाने वाले सदस्य के एक महिला सहित कुल बारह लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

उनके पास से रुपया, दो लग्जरी गाड़ी, फर्जी आई कार्ड, रेलवे का फर्जी मोहर, और फर्जी बहाली का दस्तावेज सहित दर्जनों आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुआ। पुलिस की जांच में पता चला यूपी के सैकड़ों लड़कों को छह लाख रुपये में रेलवे के ग्रुप डी में नौकरी दिलाने के लिए झांसा देकर डेढ़ लाख रुपया अग्रिम भुगतान करा लिया गया था और आज उनका मेडिकल टेस्ट करा कर साढे चार लाख रुपया कल बैंक खुलने पर खाते में डलवाया जाता। इन लोगों का जाल बिहार सहित पूरे देश में फैला हुआ है।

कैमूर एसपी दिलनवाज अहमद ने बताया कि मेडिकल टेस्ट के लिए पहुंचे छात्र-छात्राओं के बयान पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए इन सभी को जेल भेजा जा रहा है और यह लोग का तार कहां-कहां फैला है और इसका मुख्य सरगना कौन है सबका पूछताछ किया जा रहा है। फिलहाल सैकड़ों लड़कों से इन लोगों ने डेढ़-डेढ़ लाख रुपया ले चुके हैं और राशि लेने से पहले इन लोगों को दबोच लिया गया।

इन लोगों द्वारा रेलवे का फर्जी वेबसाइट बनाकर लड़कों को दिखा कर पैसा वसूली किया जाता है। दो से तीन लड़कों को यूपी के अलग अलग रेलवे स्टेशन पर कुछ दिन नौकरी भी दिलवाए हैं और उनको छह हजार रुपये प्रति महीना के दर से कुछ दिन पेमेंट भी किया है। लेकिन जांच में सब फर्जी निकला है, कोई ऐसा बहाली की प्रक्रिया नहीं आया है। इसमें दो फर्जी डॉक्टर और दो फर्जी पत्रकार सहित कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी फिलहाल हुई है। एसपी ने पैसा लेकर नौकरी दिलाने वालों से लोगों को सतर्क रहने की बात युवाओं को कही।