रेल ढाला नहीं तो वोट नहीं !

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बेतिया – यह नजारा है बेतिया धमौरा पंचायत के महापंचायत का जिसका साथ दे रहे आस-पास के कई पंचायतों से इकठ्ठा हुए हजारों लोग. ये हजारों लोग बढ़ते डीजल और पेट्रोल में बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर परेशान हैं. ये लोग चाहते हैं कि जिला मुख्यालय जाने के लिए इस इलाके के चार पंचायत के लोगों का एक तरफ से 15 किलोमीटर का अतिरिक्त भार बच जाए. अगर रेल ढाल बन जाता है तो उसपर आए खर्च की बचत होगी. जिसके लिए जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटते काटते और परेशान होकर अन्ततो गत्वा महा पंचायत कर फैसला लिया है कि वोट का बहिष्कार करते हुए हमलोग अब जनप्रतिनिधियों को बंधक बनाएंगे.

यही वो जगह है जिसका नाम है लचनौता, जहाँ से रेल पटरियों को पार कर जान जोखिम में डाल कर अपनी-अपनी बाईक को बारी-बारी से पार कर रहे हैं दर्जनों लोग. ये लोग रेल पटरी को पार करते समय काफी सजग रहते हैं. इनकी सजगता बखूबी देखी जा सकती है कि उसी दरम्यान एक ट्रेन गुजर रही होती है और ये सभी लोग कुछ समय के लिए रुक जाते है और जैसे ही ट्रेन चली जाती है फिर से शुरू हो जाते हैं अतिरिक्त 15 किलोमीटर जाने से बचने के लिए.

इस दरम्यान किस्मत बार-बार इन लोगों का साथ नहीं देती और दुर्घटनाओं के कारण कितनी जाने चली गई हैं. गौरतलब है कि इस बाल्मीकिनगर लोक सभा के चनपटिया विधान सभा और लौरिया विधान सभा के इलाके की तस्वीर है जहाँ महा पंचायत कर जनप्रतिनिधियों को बंधक बनाए जाने की बात हो रही है. ये सभी बीजेपी से आते हैं.