रेल हादसे से सबक लेने को तैयार नहीं रेलवे, जानिए क्या है मामला

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झाझा: बिहार के झाझा-जमुई रेल पथ पर सोमवार को बाराजोर हॉल्ट के समीप रेल पटरी टूट गयी। इसकी सूचना गांव के ही छात्र मुकेश पंडित ने स्थानीय रेलकर्मी को दी। इस सूचना के बाद रेल प्रशासन सक्रिय हुआ और झाझा स्टेशन पर हटिया पटना पाटलीपु़त्र एक्सप्रेस को 25 मिनटों तक रोका गया। इसके बाद वहां से ट्रेनों को धीमी गति में पार कराया गया।

झाझा-जमुई रेल पथ पर पटरी टूटने के कुछ देर पहले ही हावड़ा-काठगोदाम एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 13019 (बाघ एक्सप्रेस ) उस लाइन से गुजरी थी। इसके कारण बाघ एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गयी। रेल पटरी टूटने की जानकारी झाझा स्टेशन मास्टर को दी गयी। टीआरडी के अभियंता घटना स्थल पर जाकर पटरियों को जोड़ा। फिर 8:30 बजे परिचालन सामान्य हो सका।

बाराजोर गांव निवासी ग्रामीण त्रिवेणी पंडित, संजय यादव, मुन्ना पंडित अहले सुबह खेत देखने को निकले थे। इसी दौरान अप लाइन की टूटी पटरी पर ग्रामीणों की नजर गयी। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने गेट मैन को दी। गेट मैन श्रीवास्तव ने पटरी पर लाल झंडा लगा दिया और इसकी जानकारी झाझा स्टेशन प्रबंधक एके मिश्रा को दी। प्रबंधक ने ट्रैफिक अभियंता को अविलंब पटरी को ठीक करने का निर्देश दिया।

सुबह 8:30 बजे पटरी को ठीक कर दिया गया। इस दौरान हटिया-पटना पाटलीपुत्रा एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 18622) अप झाझा में 25 मिनट खड़ी रही। पटरी के ठीक हो जाने के बाद परिचालन सामान्य हो सका।

स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि सवा सात बजे सी ट्रैक मैन अरुण चौधरी ने सूचना दिया कि पोल संख्या 365/23-25 के समीप पटरी ठंड के कारण टूट गयी है। त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक कर्मियों को भेज कर पटरी को ठीक कराया गया और परिचालन सामान्य किया जा सका।

युवक की सूचना पर एक संभावित रेल हादसा टाला जा सका। गौरतलब है कि अभी हाल में कानपुर के पुखरायां में इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे में करीब 145 लोगों की मौत हो गई थी जबकि जबकि 200 से ज्यादा लोग जख्मी हो गये थे।