लालू के मॉल पर ED ने की बड़ी कार्रवाई

326
0
SHARE

पटना- बिहार की राजधानी पटना के दानापुर में बन रहे लालू यादव परिवार के मॉल पर ED ने की बड़ी कार्रवाई। मिट्टी घोटाले के बाद यह मॉल सुर्खियों में आया था। IRCTC होटल घोटाले मामले में ED ने लालू परिवार के खिलाफ लिया एक्शन। ED ने पटना शहर में लालू के लारा प्रोजेक्ट्स के 3 एकड़ जमीन को किया जब्त जिसका अभी सर्किल रेट के हिसाब से जिसकी कीमत लगभग 46 करोड़ रुपए है। इस जमीन पर बिहार का सबसे बड़ा मॉल तैयार करवाया जा रहा था। यह जमीन तेजस्वी, राबड़ी समेत लालू परिवार के नाम पर था।

ED के कार्रवाई के बाद तेजस्वी यादव ने बयान दिया और कहा कि ED ने ये नार्मल रूटिन के तहत यह फैसला लिया है। ईडी के बुलाए जाने पर मां भी गई और मैं भी गया और हमलोगों ने ईडी को पूरा सहयोग किया है। ईडी किसके दवाब पर ये सब कर रही है यह सब को पता है। केन्द्र में किसकी सरकार है ये किसी से छुपा नहीं। ये सिर्फ हमलोगों के साथ ही नहीं पूरे विपक्ष् के पार्टियों के साथ हो रहा है। अमित शाह के बेटे पर एजेंसियां कार्रवाई क्यों नहीं कर रही हैं? अगर उनके पास सबुत है तो चार्जशीट आने में देरी क्यों हो रहा है? अब आपस में ईडी और इन्कम टैक्स वाले लड़ेंगे कि यह किसकी संपत्ती है क्योंकि चार्जशीट अभी दायर नहीं किया गया है। हमलोग को फर्क नहीं पड़ने वाला है, सत्य की जीत होती है। चार्जशीट आने पर जवाब देगें।

क्या था पूरा मामला, पढ़िए यहां-

पटना के दानापुर में बन रहे लालू यादव परिवार के बहुचर्चित मॉल पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने रोक लगा दी थी। आरोप था कि मॉल बनाने से पहले पर्यावरण मंजूरी नहीं ली गई थी। इस निर्माणाधीन मॉल के मालिकों में पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का नाम है। उनकी कंपनी डिलाइट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर 115 कट्ठा जमीन है जिस पर 750 करोड़ रुपये की लागत से बहुमंजिला मॉल बनाया जा रहा था। राजद के ही विधायक अबु दोजाना की कंस्ट्रक्शन कंपनी इस मॉल का निर्माण करवा रही थी।

भाजपा नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का आरोप था कि इस मॉल के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 का उल्लंघन किया गया है। मोदी का कहना है कि दो लाख वर्गफुट से ज्यादा क्षेत्रफल में हो रहा निर्माण स्टेट इन्वॉयरमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी से अनुमति हासिल किए बिना ही शुरू कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि जब मामला मीडिया में आया तब 1 अप्रैल को इसके लिए उन्होनें आवेदन किया था। सुशील कुमार मोदी ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी। दानापुर में लालू यादव फैमिली का 12 मंजिला मॉल बनवाना था। लेकिन मॉल की मिट्टी खरीदकर पटना के चिड़ियाघर में गिरवाया जा रहा था।

ये कंपनियां आयात-निर्यात (एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट) और निर्माण कार्य (कंस्ट्रक्शन) इत्यादि कारोबार से जुड़ी थी। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के दस्तावेज के अनुसार इनमें से चार कंपनियां पटना और एक दिल्ली में स्थित हैं। इन कंपनियों के अधिकार लालू के परिजनों ने उनके मूल मालिकों से खरीदा था। पांचवी कंपनी में कई अंशधारक हैं और बिहार के मौजूदा उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव उसके डायरेक्टर हैं। सुशील मोदी ने कहा, “फर्जी कंपनियों के माध्यम से जमीन खरीदने पर किसी व्यक्ति को इसे नहीं खरीदना होता और जमीन खरीद के सारे कागजात कंपनी के नाम होते हैं।”