लाशों के बीच अपनों को खोजती रहीं नजरें

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मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले में सोमवार को यात्रियों से खचाखच भरी एक यात्री बस एसएच-52 पर बसैठ चौक के पास गहरी खाई में पलट गई। बस में 60 से ज्यादा यात्री सवार थे। देर रात तक 32 शव निकाले गए। राहत-बचाव के लिए अफसरों के देरी से आने पर लोगों ने पथराव और तोड़फोड़ की। गांव वालों के मुताबिक अभी भी तालाब में कई लोगों के शव दबे हैं, जिनकी तलाश के लिए फिर से मंगलवार सुबह से ऑपरेशन शुरू किया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक तेज रफ्तार एक साइकिल सवार को बचाने में बस ड्राइवर ने बस तेजी से बाईं ओर मोड़ी। इससे बस पलटी मारती हुई पानी से भरे तालाब में चली गई। हादसे के वक्त बस पर तकरीबन 60 यात्री थे। 10 से 12 बस के ऊपर थे। इनमें से 8 लोग ही भाग्यशाली रहे, जो बस की खिड़की से बाहर जा गिरे। बाकी लोग बस के साथ पानी में समा गए। तालाब से शव निकाले जाने के बाद कुछ लोग लाशों के बीच अपनों को खोजते दिखे। हर तरफ हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के चीख-पुकार सुनाई दे रही थी।

कुछ लोगों ने पानी में घुस कर हादसे का शिकार हुए लोगों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन गहराई के चलते संभव नहीं हो पाया। तकरीबन डेढ़ घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे तो लोग उग्र हो गए। उन्होंने रोड़े बरसाने शुरू कर दिए। अधिकारियों को भगा दिया। फिर रेस्क्यू टीम पहुंची तो भीड़ ने हमला कर दिया। रेस्क्यू टीम को बचाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। भीड़ ने एसडीआरएफ के वाहन और एंबुलेंस को भी तोड़ दिया।

हादसे के बाद राहत बचाव कार्य में सुस्ती को लेकर स्थानीय लोग भड़क गए। मौके पर पहुंचे मधुबनी के डीडीसी हाकिम प्रसाद, सदर एसडीओ शाहिद परवेज सहित डीएम और एसपी के काफिले पर उग्र लोगों ने पथराव कर दिया। चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए है। बिहार सरकार के दो मंत्री घटना स्थल पर पहुंच कर जायजा ले रहे है।