लोगों को व्यक्ति पर नहीं धर्म पर होना चाहिए निर्भर: दलाई लामा

285
0
SHARE

गया: बिहार के बोधगया में आयोजित 34वें कालचक्र पूजा के दौरान अपने प्रवचन में तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा ने कहा कि सभी धर्म एक है। धर्म परिवर्तन करने की जरूरत नहीं। लोगों को व्यक्ति पर नहीं धर्म पर निर्भर होनी चाहिए। आत्मग्रह को नष्ट करने वाले ज्ञान पर ध्यान देने की जरूरत है। ये सारी बातें बिना अध्ययन के संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि ज्ञानरूपी प्रकाश को बढ़ानी चाहिए तभी 21वीं शताब्दी के बुद्धिस्ट बन सकते है। मन के ज्ञान के द्वारा ही क्लेश और शून्यता को दूर किया जा सकता है। मन परिवर्तन होगा, क्लेशता को हटाने के बाद बुद्धत्व की प्राप्ति होती है क्योंकि सभी जीवप्राणी एक है।

gayaदलाई लामा ने कहा कि हम भी आपकी तरह ही है क्योंकि हम भी बचपन में खेलते थे लोग चिढ़ाते भी थे सब प्राणी एक है। जब वैज्ञानिक किसी विषय पर शोध करते है तो उसमें महीनों वर्षो लगते है तभी कामयाबी मिलती है। उसी तरह निरंतर अभ्यास से ही ज्ञान की प्राप्ति होती है। सुख सन्तोष के लिए अभिमान का त्याग करें। दुसरों के अच्छे कार्यो की प्रसंशा करनी चाहिए न की ईर्ष्या। सोते समय भी अगर अच्छे विचारों को लेकर सोते है तो भी मन पूण्य की ओर जाता है।

उन्होंने कहा कि दुःख को जैसे नष्ट करने का प्रयास तुरन्त करते है। बुद्धिमान लोग दुःख से मन के चित्त को प्रभावित नही करते है। क्योंकि कोई भी प्राणी स्वेच्छा से दुःखी होना नही चाहता है। जब मन में शत्रुता या मित्रता में दूसरे को हानि पहुंचाने की भावना उतपन्न होती है वहीं से दुःख की शुरुआत होती है। इसलिये शत्रु को देखने के बाद क्षमा और धैर्य का अभ्यास करें।