लोग मरीज न बनें, इसके लिये काम होना चाहिये :- मुख्यमंत्री

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पटना- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे0पी0 नड्डा ने आज सम्राट अशोक ट्रॉपिकल डिजीज रिसर्च सेंटर का उदघाट्न किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सबसे पहले केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे0पी0 नड्डा को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने अपने जन्म स्थान पर आकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी और केंद्र सरकार की नीतियों को रखा है, उससे पूरे देश और राज्य को लाभ होगा। बिहार में सत्ता संभालने के पहले राज्य में स्वास्थ्य संस्थानों पर से लोगों का भरोसा उठ रहा था।

उन्होंने कहा कि सत्ता संभालने के बाद फरवरी 2006 में एक सर्वेक्षण कराया गया, जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर (जो प्रखंड स्तर पर होता है) एक माह में औसतन इलाज के लिए सिर्फ 39 मरीज आते थे। हमलोगों ने डॉक्टर, पारा मेडिकल स्टॉफ, नर्स की उपस्थिति को सुनिश्चित करवाया। वर्ष 2006 से ही अस्पतालों में दवा मुफ्त में उपलब्ध करवाया गया। जब अक्टूबर 2006 में पुनः सर्वेक्षण कराया गया तो पाया गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या 1500 से 2000 तक प्रतिमाह पहुंच गई है। आज इनकी संख्या औसतन 10,000 से भी ज्यादा है। राज्य के अस्पतालों, जिला अस्पतालों अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की हालत में सुधार किया गया। पी0एम0सी0एच0 में लोग पहले इलाज के लिए नहीं जाना चाहते थे और आज इतने मरीज हैं कि अस्पताल में बेड तक नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री जे0पी0 नड्डा ने जो सबसे महत्वपूर्ण बात कही कि प्रीवेंटिव स्कीम चलाया जा रहा है। रोग हो ही क्यों, इसके लिए काम होना चाहिए। देश में स्वच्छता अभियान चल रहा है और बिहार में भी लोहिया स्वच्छ अभियान इसमें अपनी तरफ से योगदान दे रहा है। शुद्ध पानी पीने के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। अगर खुले में शौच से मुक्ति मिल जाए और शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध हो जाए तो आज होने वाली 90 प्रतिशत बीमारियों से छुटकारा मिल जाएगा। हर क्षेत्र में काम हो रहा है। इनफैंट मोर्टलिटी और मैटर्नल मोर्टलिटी पर काम किया जा रहा है, इसमें कमी आयी है। इनफैंट मोर्टलिटी में लड़के में ज्यादा कमी आयी है, लेकिन लड़कियों में नहीं, इसमें ध्यान देने की जरुरत है। इसके लिए सामाजिक अभियान भी चला रहे हैं। रुटिन इम्यूनाइजेशन पहले 30 प्रतिशत था और अब 86 प्रतिशत पहुंच गया है। इस साल के अंत तक यह 90 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि हम देश के टॉप पांच राज्यों में पहुंचें। मुख्यमंत्री ने कहा कि रुटिन इम्युनाइजेशन के लिए केंद्र सरकार ने 17 जिलों में अलग से प्रोजेक्ट चला रखा है। मैंने निर्देश दिया है कि बाकि जिलों में अपनी तरफ से विशेष ध्यान दीजिए। इन सब चीजों पर गंभीरता से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर 2005 में सत्ता संभालने के 7 दिन के अंदर विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ वाले पोलियो उन्मूलन के लिए हमसे मिलकर बात करना चाहते थे। हमलोगों ने इसमें जिलाधिकारी को जिम्मेवारी सौंपी, विभिन्न धर्मगुरुओं से आग्रह किया, अन्य तरह के भी प्रयास किए गए। नेशनल लेवेल पर भी इसके लिए काम किया और पोलियो का उन्मूलन हो गया। वर्ष 2012 में पाकिस्तान देश के सिंध और पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री के बुलावे पर मैं वहां गया था, उनलोगों ने अलग से मेरे साथ घंटे भर बैठक की और पोलियो उन्मूलन के संबंध में मुझसे जानकारी ली।

मेरे अनुभव को साझा करने के बाद उन्होंने कहा कि यदि बिहार से उन्मूलन हो सकता है तो पाकिस्तान से क्यों नहीं। कालाजार उन्मूलन के लिए पहले भी 2-3 बार बड़े स्तर पर प्रयास किए गए लेकिन पूर्णरुप से समाप्त हुए बिना यानि 10-20 प्रतिशत बीमारी बची रहने के बाद इसमें शिथिलता आ जाती थी। डॉ0 सी0पी0 ठाकुर जी की अध्यक्षता में समिति बनी। हमलोगों ने इसमें काफी प्रयास किया। कालाजार के मरीज का इलाज कम से कम एक महीने का होता है। इससे पीड़ित मरीजों के लिए एक महीने के लिए प्रतिदिन 200 रुपए के हिसाब से 6,000 रुपया उपलब्ध कराया गया। मरीज के आने-जाने के लिये 200 रुपये के हिसाब से खर्च और मरीज के साथ आए अटेंडेंट का खर्च मिलाकर कुल 6,600 रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से उपलब्ध कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रेन फिवर के लिए मैंने एम्स में एक मीटिंग की थी। इस बीमारी के बारे में कई प्रकार की गलतफहमियां थीं। सबलोगों ने मिलकर एक रास्ता निकाला कि कैसे इसका ईलाज हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 6 मेडिकल कॉलेज के अलावे बेतिया, नालंदा में मेडिकल कॉलेज खोले गये हैं। मधेपुरा में भी बिल्डिंग बनकर तैयार है और मार्च तक वहां भी यह कॉलेज खुल जाएगा। राज्य में और 5 मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिसमें नर्सिंग कॉलेज भी खुलेगा। राज्य के हर जिले में जी0एन0एम0 संस्थान और हरेक अनुमंडल में ए0एन0एम0 संस्थान खोले जाएंगे। हरेक जिले में पारा मेडिकल इस्टीच्यूट खुलेगा। राज्य ही नहीं पूरे देश में, दुनिया में नर्सों की कमी है। इन संस्थानों के खुलने से नर्सिंग के क्षेत्र में बिहार के बाहर भी लोगों को काम मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ और पटना में आई0जी0आई0एम0एस0 एक साथ खुले थे लेकिन पटना का यह संस्थान काफी पिछड़ गया। हमलोगों ने इसके लिए काफी प्रयास किया और आज ज्यादा लोग इसमें इलाज के लिए जाना चाहते हैं। आयुर्वेद, होम्योपैथी, एलोपैथ, प्राकृतिक चिकित्सा, योग सबका अलग-अलग अपना महत्व है। प्राकृतिक चिकित्सा तो लुप्त हो चली थी लेकिन इसे पुनर्जीवित करने के लिए गांधी जी ने प्राकृतिक चिकित्सा के लिए साउथ अफ्रीका से एक किताब लाया था। त्वरित इलाज के लिए लोग एलोपैथ में ही जाते हैं। लंबे दौर के इलाज के लिए अन्य चिकित्सा पद्धति अपनाते हैं। केंद्र सरकार ने सभी पद्धतियों की बेहतरी के लिए जो योजना चलायी है, उसके अच्छे परिणाम आएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना में जब एम्स का काम शुरु हुआ था तो उस समय मात्र 18 डिपार्टमेंट थे। अब ठीक ढंग से विभाग स्थापित हो गया है। चिकित्सकों की बहाली हो रही है, इससे और बेहतरी आएगी। विभाग अगर स्थापित हो जाय तो दिल्ली के एम्स पर से दबाव कम हो जाएगा। एक और एम्स स्थापित करने का फैसला किया गया है। आई0जी0आई0एम0एस0 भी ठीक ढंग से काम कर रहा है। पी0एम0सी0एच0 को वल्र्ड
क्लास हॉस्पीटल बनाने के लिए हमलोगों ने कार्य करना शुरु कर दिया है। आवागमन के लिए बगल में गंगा पथ बन रहा है। गांधी मैदान तक जाने में किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसके लिए एलिवेटेड रास्ते का निर्माण किया जाएगा। सरकारी क्षेत्र में जितना संभव हो सकेगा, हमलोग प्रयास कर रहे हैं और निजी क्षेत्र को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रॉपिकल डिजिज रिसर्च सेंटर का आज उदघाट्न हुआ है, इसमें ईलाज के लिए 150 बेड के इंतजाम किये गये हैं। आई0सी0यू0 में 6 बेड की, इमरजेंसी के लिए भी बेड के इंतजाम किये गये हैं। इसके चालू होने से अनेक तरह की बीमारियों के इलाज में सहुलियत होगी। इस राजेंद्र चिकित्सा महाविद्यालय का शिलान्यास राजेंद्र बाबू के द्वारा हुआ था। उदघाट्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण के द्वारा किया गया था। इस अस्पताल का विधिवत उदघाट्न करने के लिए उस समय के विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी आए थे। यहां बनने वाले इस ट्रॉपिकल सेंटर के लिए स्वीकृति डॉ0 सी0पी0 ठाकुर ने दिया था। आज यहां हम सब उदघाट्न के लिए आए हैं। यह सब एक ऐतिहासिक क्षण है। यह पाटलिपुत्र की धरती है, अजातशत्रु से लेकर गुप्तवंश तक की राजधानी रही है। इस संस्थान के निदेशक प्रदीप दास का काम भी प्रशंसनीय है। यह पूरे बिहार और देश में मरीजों के ईलाज के क्षेत्र में गौरव का जगह बनेगा। संस्थान के चिकित्सकों, विशेषज्ञों की सराहना करता हूॅ और आप सबको एक बार फिर से बहुत-बहुत बधाई।

इस अवसर पर संस्थान के निदेषक डाॅ0 प्रदीप दास द्वारा मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे0पी0 नड्डा, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, पूर्व केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं सांसद पद्मश्री डॉ0 सी0पी0 ठाकुर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद नित्यानंद राय, विधान पार्षद सुरज नंदन कुशवाहा ने भी सभा को संबोधित किया। आर0एम0आर0आई0 संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप दास ने विस्तार से इस सेंटर के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर विधायक शत्रुघ्न तिवारी, पटना नगर निगम की मेयर सीता साहू, प्रधान सचिव स्वास्थ्य आर0के0 महाजन, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा सहित अन्य चिकित्सकगण, गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।