वही विकास सार्थक है, जिसका लाभ हर व्यक्ति को मिले:- मुख्यमंत्री

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज गया जिला के महकार में नवनिर्मित आई0टी0आई0 एवं विभिन्न विकास योजनाओं का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन करते हुये मुख्यमंत्री ने पांच विकास योजनायें जनता को समर्पित की। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के गाँव महकार में आयोजित सभा को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने बिहारवासियों को दीपावली और छठ पर्व की शुभकामनायें दी। साथ ही इस लोकार्पण समारोह में आमंत्रित करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जीतन राम मांझी के प्रति हमारे मन मे स्नेह औए सम्मान का भाव सदैव रहा है। इन्होंने अपने पैतृक गांव में कई परियोजनाओं के लोकार्पण में सम्मिलित होने के लिए आग्रह किया था। मुझे इनके गांव आकर काफी प्रसन्नता हो रही है। कई सड़कों को दुरुस्त करने के जीतन राम मांझी के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों का काम तेजी से चल रहा है इसलिए संपर्कता जल्द ही और बेहतर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है और अब लोग सामुदायिक अस्पताल आकर इसका लाभ उठाएंगे। वहीं नालंदा, जहानाबाद और गया में खेतों की सिंचाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए बराज की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतना भव्य सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बना है तो चिकित्सकों का प्रबंध होना चाहिये और इस संबंध में संबद्ध विभाग को निर्देश दूँगा। महकार में पावर सब स्टेशन की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी इच्छा है तो महकार में पावर सब स्टेशन बनाने के लिये ऊर्जा विभाग को निर्देश दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क और बिजली के क्षेत्र में बहुत कुछ काम हुआ है और अभी बहुत कुछ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले बिहार के किसी सुदूर इलाके से छह घंटे में पटना पहुंचने का लक्ष्य पूरा करने के बाद अब इसे पांच घंटा निर्धारित किया गया है। इसके लिये सड़कों एवं पुल-पुलिया का काम तेजी से चल रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से जोड़ा जा रहा है। इसके बावजूद जो भी बसावट या टोला सड़क सम्पर्कता से छूट गये हैं, उसे टोला निश्चय योजना के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक हर बसावट में बिजली पहुंचा दिया जायेगा और 2018 के अंत तक हर इच्छुक व्यक्ति के घर में बिजली का कनेक्शन पहुंचा दिया जायेगा। हर घर नल का जल, नाली, गली पक्कीकरण, हर घर शौचालय निर्माण का काम विकेन्द्रीत तरीके से चल रहा है और लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वही विकास सार्थक है, जिसका लाभ हर व्यक्ति को मिले। उन्होंने कहा कि विकास का मतलब सिर्फ कुछ कारखाना लगवा देना नहीं है बल्कि जिस विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे सही मायने में वही विकास है। उन्होंने कहा कि जो गांधी जी का सपना था कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की रौशनी पहुंचे यही सार्थक विकास है और इसी सिद्धान्त पर चलकर बापू के सपनों को पूरा करना है।

मुख्यमंत्री ने बापू के चम्पारण सत्याग्रह का जिक्र करते हुए कहा कि चम्पारण पहुंचकर न सिर्फ गाँधी जी ने किसानों पर हो रहे निलहों के अत्याचार से मुक्ति दिलाई बल्कि वहाँ स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक किया। गांधी जी के मार्गदर्शन का अनुसरण करते हुए ही हमने “सब पढ़े सब बढ़े” का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि जब मैनें 7 साल पहले चम्पारण का दौरा किया था, वहां अनुसूचित जाति के आवासीय विद्यालय को देखा जहां शौचालय और अन्य कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। मैंने इसके लिए बेहतर भवन बनाने का निर्देश दिया और अच्छे भवन का कांसेप्ट तैयार हुआ। कृषि रोडमैप का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच साल का कृषि रोडमैप तैयार किया जा चुका है जिसकी शुरुआत करने के लिए महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से आग्रह भी किया गया है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ ही उत्पादकता को भी बढ़ावा मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि 76 प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं इसलिए कृषि के विकास के बिना बिहार का विकास सम्भव नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार शराबबंदी से नशामुक्ति की ओर अग्रसर है जिसको लेकर 21 जनवरी 2017 को मानव श्रृंखला बनी थी जिसमें 2 करोड़ लोगों के भाग लेने का अनुमान था जबकि 4 करोड़ लोगों ने सम्मिलित होकर अपनी भावना का प्रकटीकरण किया। शराबबंदी होने से लोगों के आर्थिक और सामाजिक स्थिति में बदलाव आया और सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 39 प्रतिशत बाल विवाह बिहार में होता है। दहेज उत्पीड़न और महिला अपराध में देश में उत्तर प्रदेश के बाद बिहार का स्थान दूसरा है। बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ भी अभियान की शुरुआत हो गयी है। उन्होंने कहा कि दहेज के लेन-देन करनेवालों के शादी समारोह में सम्मिलित न होने का हर कोई संकल्प लें। इस अवसर पर 21 जनवरी 2018 को बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ बनने वाली मानव श्रृंखला में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों में चेतना आने लगी है जिसका नतीजा है कि 4 अक्टूबर को आरा में आयोजित एक बहुत बड़े यज्ञ में मैं शामिल हुआ था। वहां रामानुजाचार्य की सहस्त्राब्दी मनायी गयी थी। लाखों श्रद्धालू आये थे। देश भर के हजारों संतों का आगमन हुआ था, जिन्होंने शराबबंदी, दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान का समर्थन किया था। उस मंच से दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ दिए गए मेरे भाषण का ऐसा असर हुआ कि स्कूल के रिटायर्ड प्रिंसिपल ने अपने बेटे की शादी में दहेज लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी मुझे अखबारों के माध्यम से मिली और मैन उन्हें बधाई दिया। बिहार में लोग राजनीति की खूब बातें करते हैं और ऐसे में सामाजिक क्षेत्र में शुरू किए गए काम में अगर जनभागीदारी होने लगे तो बिहार अपने न सिर्फ गौरव को प्राप्त करेगा बल्कि लोगों का जीवन स्तर भी उंचा उठेगा। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा एवं बाल विवाह पर सशक्त अभियान चल रहा है और घर-घर संवाद पहिन्चाने की कोशीश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि है। यही मगध की भूमि ज्ञान और मोक्ष दोनों की भूमि है। भगवान बुद्ध को यहीं ज्ञान प्राप्त हुआ था। लोगों को मुक्ति यहीं मिलती है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आई0टी0आई0 परिसर और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में वृक्षारोपण भी किया तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के विरूद्ध कला जत्था द्वारा तैयार सशक्त गीत भी प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम को पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, शिक्षा मंत्री सह प्रभारी मंत्री गया कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, कृषि मंत्री प्रेम कुमार, श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद अरूण कुमार, सांसद हरि मांझी, विधायक कुंती देवी, विधायक बिनोद यादव, विधायक अभय कुशवाहा, विधायक राजीव रंजन डांगी, विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह, विधान पार्षद उपेन्द्र प्रसाद कुशवाहा, अनेक पूर्व विधायक एवं पूर्व विधान पार्षद, जदयू, भाजपा, लोजपा, रालोसपा एवं हम के जिलाध्यक्ष, संतोष मांझी सहित अन्य जन प्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के सचिव अतीष चन्द्रा, आयुक्त मगध प्रमण्डल जीतेन्द्र श्रीवास्तव, सचिव श्रम संसाधन एवं गया जिला के प्रभारी सचिव के0 सेंथिल कुमार, पटना के आई0जी0 नैयर हसनैन खान, जिलाधिकारी गया कुमार रवि, वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मलिक सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।