वायु प्रदूषण को लेकर एकदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

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पटना – वायु प्रदूषण: निहितार्थ और भावी उपाय विषय पर बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकार द्वारा आद्री स्थित सेंटर फाॅर एनवायरनमेंट, एनर्जी एंड क्लाइमेट चेंज; सीईईसीसी के साथ मिलकर एक एकदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ बिहार के उपमुख्यमंत्राी सुशील कुमार मोदी ने प्राधिकार द्वारा इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ ट्राॅपिकल मेटेरियोलाॅजी; आइआइटीएम के जरिए पटना की हवा की गुणवत्ता के मूल्यांकन की रिपोर्ट जारी करते हुए किया। उद्घाटन सत्र में उपमुख्यमंत्री ने वायु प्रदूषण के मुद्दे को गंभीर खतरे के रूप में रेखांकित किया लेकिन इस तथ्य की ओर भी इशारा किया कि आंकड़ों में काफी कमियां हैं इसलिए अनुश्रवण स्टेशनों की स्थापना की जरूरत है।

प्राधिकार के उपाध्यक्ष व्यास ने कहा कि वायु प्रदूषण के मुद्दे ने आपदा जैसी स्थिति अख्तियार कर ली है जिसका स्वास्थ, कृषि और जीविका के लिए गहरे निहितार्थ हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह गंभीर संकट बने, इसके पहले ही हमलोगों को ठोस नीति लागू करने की व्यवस्था शुरू कर देनी चाहिए और लोगों को वायु प्रदूषण के संबंध् में शिक्षित तथा जागरूक करना चाहिए।

प्राधिकार के सदस्य डाॅ.यू.के. मिश्र ने हैपी सीडिंग और पुआल प्रबंधन प्रणाली पर प्रकाश डाला। वहीं, प्राधिकार के एक अन्य सदस्य पी.एन. राय ने समस्या में कमी लाने के दीर्घकालिक और अल्पकालिक उपायों के बारे में जानकारी दी। पर्यावरण एवं वन विभाग के प्रधान सचिव त्रिपुरारी शरण ने रेखांकित किया कि वायु प्रदूषण जो संकट उत्पन्न करने वाला है, उससे पार पाने के लिए लोगों की मानसिकता में बदलाव की जरूरत है।

प्रदूषण नियंत्राण बोर्ड के अध्यक्ष डाॅ.ए.के. घोष ने इस तथ्य को प्रमुखता से सामने रखा कि घर के अंदर होने वाला वायु प्रदूषण इसमें एक प्रमुख योगदाता है और इनके मामले में अनेक कार्यक्रम को संरेखित करने की जरूरत है। डाॅ. शैबाल गुप्ता ने रेखांकित किया कि वायु प्रदूषण मोटे तौर पर हमारे सकल घरेलू उत्पाद में 8 प्रतिशत का ह्रास करता है।

कार्यशाला में पूरे देश से आए अनुसंधन से संबंधित लगभग 20 प्रमुख चिंतकों और संस्थानों ने विभिन्न कार्यशालाओं और तकनीकी सत्रों में भाग लिया और समग्रतामूलक ‘‘वायु प्रदूषण पर पटना घोषणा’’ प्रस्तुत की। कार्यशाला में परिवहन सचिव संजय अग्रवाल, बिआडा के प्रबंध निदेशक आर.एस. श्रीवास्तव और आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत सहित अनेक गण्यमान लोग उपस्थित थे। सेंटर फाॅर एनवायरनमेंट, एनर्जी एंड क्लाइमेट चेंज; सीईईसीसी के निदेशक डाॅ. अबिनाश मोहंती ने धन्यवाद ज्ञापन किया।