विकास का काम देख कुछ लोगों को परेशानी होती है वहीं लोग उकसावे और बहकावे की राजनीति करते हैं :- मुख्यमंत्री

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पटना:- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा के क्रम में बक्सर जिले के डुमराँव प्रखंड के नंदन पंचायत के वार्ड नंबर- 7 का भ्रमण कर सात निश्चय एवं अन्य विकासात्मक योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की सतही हकीकत से रू-ब-रू हुए। जनसभा स्थल मंच से मुख्यमंत्री ने 168 करोड़ रुपये की लागत वाली 272 योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास रिमोट के माध्यम से किया। नंदन गाँव भ्रमण के क्रम में मुख्यमंत्री ने उमरावती देवी, रुखसाना परवीन, कमलावती देवी, दिनेश चौधरी सहित अन्य कई ग्रामीणों से मुलाकात कर पंचायत के अंदर चल रहे विकास कार्यों की पूरी जानकारी ली। गाँव भ्रमण के क्रम में मुख्यमंत्री ने नंदन गाँव मे वृक्षारोपण किया। मुख्यमंत्री ने गाँव में लक्ष्मी नारायण पाठक, विकास कुमार यादव और विन्देश्वरी महतो से मुलाकात कर पानी निकासी के लिए उनके द्वारा दान में दी गयी भूमि के पहल की सराहना की। नंदन गाँव के ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। छात्र-छात्राओं ने नंदन गाँव से सभा स्थल के मार्ग में श्रृंखला बनाकर दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ चल रहे सशक्त अभियान का समर्थन किया।

सभा स्थल पर जीविका, मध्य बिहार ग्रामीण बैंक, जिला प्रशासन द्वारा पंचायत स्तरीय जागरूकता शिविर से संबंधित लगी प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 4 लाख रुपये का ऋणस्वरूप मध्य बिहार ग्रामीण बैंक का डमी चेक मुख्यमंत्री ने रंभा पाण्डेय और प्रकाश कुमार को सौंपा। जनसभा स्थल मंच पर जिलाधिकारी ने पुष्प-गुच्छ देकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। बक्सर जिले से जुड़ी विकासात्मक योजनाओं और बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम से संबंधित पुस्तिका का विमोचन मुख्यमंत्री ने किया।

इसके पूर्व वीर कुँवर सिंह कृषि महाविद्यालय डुमराँव प्रांगण में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी बाबू वीर कुँवर सिंह की प्रतिमा का अनावरण कर वृक्षारोपण किया। हरियाणा फार्म डुमराँव परिसर मार्ग में स्थापित बाबा साहब डॉ0 भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर भी मुख्यमंत्री ने माल्यार्पण किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आपके बीच विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा के सिलसिले में उपस्थित हुआ हूँ और 2009 में विकास यात्रा के क्रम में जून माह में मैं यहां आया था। इस बार समीक्षा यात्रा में हमने तय किया कि 2009 में जिन गाँवों में गए थे, उन स्थानों पर इस विकास समीक्षा यात्रा के माध्यम से भी जरूर जाएंगे। इस विकास समीक्षा यात्रा के जरिए हम खुद भ्रमण करके देखते हैं और विकास कार्यों की समीक्षा करते हैं, जिसमें सात निश्चय के तहत हर घर नल का जल, हर घर गली-नाली का पक्कीकरण, हर घर बिजली कनेक्शन और हर घर शौचालय निर्माण जैसे सात निश्चय के तहत निर्धारित कार्यक्रम के अलावा जो विकास के कार्यक्रम चल रहे हैं, उसकी पूरी जानकारी से अवगत होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास के कार्यों का मुख्य सचिव के स्तर पर हर जिले की समीक्षा भी हो रही है ताकि जो कठिनाई या परेशानियाॅ आती हैं, उसका निराकरण किया जा सके। चार साल के अंदर बुनियादी सुविधाओं को लोगों को मुहैया कराना है, जो सात निश्चय योजनाओं के तहत निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि पटना में बैठकर सरकार चलाना हमारा मकसद नहीं है बल्कि हमलोगों के बीच जाकर विकास कार्यों की पूरी जानकारी लेने के साथ ही लोगों की समस्याओं से भी रू-ब-रू होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदन गांव के स्वरूप को देखकर मुझे काफी खुशी हुई। देखने से लगता है कि यह एक ऐतिहासिक जगह है। नंदन गांव में यात्रा के दौरान काफिले पर उपद्रवी तत्वों द्वारा की गई रोड़ेबाजी पर नाराजगी प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी घटना की जांच होगी, तब असली कारण का पता चलेगा।

उन्होंने कहा कि हम इस तरह से विकास का काम करते हैं तो कुछ लोगों को जो उकसावे और बहकावे की राजनीति में जुटे हैं उन्हें परेशानी होती है, जिसकी हमें कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने सेवा करने के लिए हमको मौका दिया है और हम न्याय के साथ विकास का काम करते हैं। लोगों ने हमें काम करने के लिए मौका दिया है, राज करने के लिए नहीं। हमारा रिश्ता लोगों की सेवा करने से है, उनके वोट से नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों का स्पष्ट तौर पर दिशा-निर्देश है कि हर पंचायत में सात निश्चय के तहत निर्धारित विकास के काम होने हैं, जिसे 4 साल में हर हाल में पूरा करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों के अंदर जो गलतफहमी है, वह अपने आप दूर हो जाएगी और किसी को कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का संवैधानिक अधिकार सबको है और हम इस तरह की हरकतों से अपनी बात को बुनियादी चीजों से भटकने नहीं देंगें। उन्होंने कहा कि हम हर घर तक बुनियादी सुविधा पहुंचाना चाहते हैं, जिसको निश्चय का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाएं, पुल-पुलिया, सड़क निर्माण जैसे हर क्षेत्र में विकास का काम तेजी से हो रहा है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में हुए कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पहला राज्य है, जहां प्राथमिक शिक्षक नियोजन, पंचायती राज और नगर निकाय के चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिषत का आरक्षण दिया गया है। लड़कियों के लिए पोशाक योजना और साइकिल योजना की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि अब तक बिहार में आठ लाख स्वयं सहायता समूह का गठन हो चुका है और हमारा लक्ष्य इसे दस लाख करने का है। जब महिलाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, तभी वास्तव में महिला सशक्तिकरण होगा। उन्होंने कहा कि स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत चार लाख रुपये का ऋण, स्वयं सहायता भत्ता और कुशल युवा कार्यक्रम के जरिए युवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। बेहतर रोजगार की तलाश में जुटे युवाओं को दो साल तक स्वयं सहायता भत्ता के माध्यम से एक हजार रूपये मुहैया कराया जा रहा है। कम्प्यूटर प्रशिक्षण, संवाद कौशल और व्यवहार कौशल की ट्रेनिंग भी युवाओं को कुशल युवा कार्यक्रम के जरिए मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान, जी0एन0एम0 संस्थान, पारा मेडिकल संस्थान, महिला आई0टी0आई0 और हर सब डिवीजन में ए0एन0एम0 स्कूल आई0टी0आई0 स्थापित किया जा रहा है ताकि बिहार के युवाओं को पढ़ने के लिए बाहर नहीं जाना पड़े।

उन्होंने कहा कि जितने संस्थानों का निर्माण होना है, उसके लिए जमीन और धनराशि का प्रबंध करा दिया गया है और अब निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है, यह कोई मामूली बात नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डुमरांव में वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय प्रांगण में बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा का अनावरण करके मुझे बेहद प्रसन्नता हुई है, जहां बड़ी संख्या में लड़कियां भी कृषि के क्षेत्र में पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारी आदत काम करने का है और हम काम करते रहेंगे।

बक्सर जिले के अंदर 168 करोड़ रुपए की लागत वाली 272 योजनाओं का इस समीक्षा यात्रा के क्रम में उद्घाटन और शिलान्यास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कृषि रोड मैप बनाकर कृषि के क्षेत्र में काम करने वाले उस हर व्यक्ति को समृद्ध करना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य हर हिंदुस्तानी की थाल में बिहार का एक व्यंजन पहुँचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2004-05 में बिहार की क्या स्थिति थी, अनाज का प्रोक्योरमेंट न के बराबर होता था। इस संदर्भ में 2009 में विकास यात्रा के क्रम में लोगों ने बातें कही थीं। उन्होंने कहा कि पैक्स के माध्यम से विकेंद्रीकृत तरीके से अनाज का प्रोक्योरमेंट हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पहले 17 प्रतिशत नमी तक वाले धान की ही अधिप्राप्ति होती थी, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर केंद्र सरकार ने 19 प्रतिशत कर दिया है। इसके लिए केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को मैं धन्यवाद देता हूँ। उन्होंने कहा कि पहले जहाँ 50000 मीट्रिक टन ही धान की अधिप्राप्ति हो पाती थी, वह नमी की मात्रा बढ़ाए जाने के बाद इस वर्ष अब तक 230000 मीट्रिक टन से भी ज्यादा धान की अधिप्राप्ति की गई है। उन्होंने कहा कि रैयती और गैर रैयती दोनों ही तरह के किसानों से धान की खरीद की जा रही है, जिसमें जिन किसानो के पास अपना खेत है और जिनके पास अपने खेत नहीं है, वैसे किसानों से धान की अधिप्राप्ति की जा रही है ताकि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आ सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांप्रदायिक एकता, सर्वधर्म सम्भाव और समाज में अमन-चैन कायम हुआ है लेकिन कुछ लोग झगड़ा लगाने में लगे हुए हैं लेकिन वह अपने मकसद में कामयाब नहीं होंगे। लोगों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आपस में वैमनस्यता पैदा नहीं होने दें, तभी समाज आगे बढ़ेगा।

बिहार में हुई शराबबंदी की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की मांग पर बिहार में शराबबंदी लागू की गई, ऐसे में महिलाओं के साथ-साथ हर एक व्यक्ति को सक्रिय और सजग होना होगा। वैशाली और रोहतास में जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हुई थी। लोगों को समझाना होगा कि जो कुछ चोरी-छिपे अवैध कारोबार करने वाले लोगों से शराब लेकर उसका सेवन कर रहे हैं तो वे मौत के शिकार भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा लोग शराब में गंवा देते थे लेकिन शराबबंदी के बाद बिहार में न सिर्फ अमन-चैन और सामाजिक सौहार्द्र कायम हुआ है बल्कि परिवारों में खुशहाली लौटी है और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है।

उन्होंने कहा कि बिहार में जो शराबबंदी हुई है, उससे किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आई0जी0 मद्य निषेध का पद सृजित किया गया है, साथ ही गांव में जो बिजली के ट्रांसफार्मर लगे हैं, उस पर टेलीफोन नंबर भी लिखा जा रहा है ताकि जो अवैध कारोबार शराब का सरकारी तंत्र की मदद लेकर कर रहे हैं, उसकी सूचना आपके माध्यम से विभाग तक पहुंचे और एक घंटे के अंदर उस पर पुलिसिया कार्रवाई हो सके। इसके साथ ही जो सरकारी तंत्र के लोग दो नंबर के धंधेबाजों को मदद कर रहे हैं, उस पर भी लगाम लगेगी। लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक पूरी बुलंदी से आप सब इस काम मे नही जुटेंगे, तब तक कामयाबी नहीं मिलेगी।

दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ बिहार में चल रहे सशक्त अभियान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा बहुत ही बुरी चीज है और दोनों ही एक दूसरे से जुड़े हुये हंै। उन्होंने कहा कि दहेज देने के भय से लोग कम उम्र में अपनी बेटी की शादी कर देते हैं, जिसका दुष्परिणाम है कि कम उम्र में जब महिलाएं गर्भधारण करती हैं तो वे कई बीमारियों से जूझती हैं या प्रसव के दौरान मौत की शिकार हो जाती हैं। महिलाओ के कम उम्र में गर्भधारण से जो बच्चे पैदा होते हैं वे मंदबुद्धि और बौनेपन के शिकार होते हैं। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा के कारण दहेज हत्या और महिला उत्पीड़न की घटनाएं होती हैं, जिससे हमें उबरना होगा। उन्होंने कहा कि विकास का काम करना, लोगों की सेवा करना और समाज सुधार की दिशा में काम करना हमारा लक्ष्य है।

जनसभा में मौजूद लोगों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर आप दहेज लेन-देन करने वाले परिवार की शादी समारोह में शामिल नहीं होने का संकल्प लेते हैं तो यकीन मानिए कि इस कुप्रथा से हमें मुक्ति अवश्य मिलेगी। इसमें गोतिया, कुटुंब, मित्र, रिश्तेदार जैसा कोई अपवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आप ऐसा करते हैं तो लोग अलग-थलग पड़ जाएंगे और बदनामी से बचने के लिए दहेज लेना बंद करेंगे।

21 जनवरी 2017 को शराबबंदी और नशामुक्ति के पक्ष में बने मानव श्रृंखला में चार करोड़ लोगों की हुई भागीदारी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल भी 21 जनवरी को जिसमें अब मात्र 9 दिन बचे हैं, एक बार फिर दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ मानव श्रृंखला बनेगी और उस दिन रविवार है। उन्होंने कहा कि नंदन गांव के पास लड़के और लड़कियां बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थीं, जिसको देखकर मुझे बड़ी खुशी हुई है और मुझे पूरा यकीन है कि इस कुप्रथा से बिहार को मुक्ति मिलेगी और बिहार आगे बढ़ेगा। जनसभा में मौजूद लोगों को हाथ उठाकर संकल्प दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्य के समक्ष आप हाथ उठाकर संकल्प लिए हैं, ऐसे में भूलिएगा नहीं क्योंकि सूर्य भगवान पर ही पूरी सृष्टि टिकी हुई है। ऐसे में 21 जनवरी को मानव श्रृंखला में आप एक दूसरे का हाथ पकड़कर आधे घंटे के लिए अवश्य खड़ा होकर अपनी भावना का प्रकटीकरण कीजियेगा। बिहार से दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियाँ अवश्य खत्म होंगी। कार्यक्रम के अंत में बक्सर जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

जनसभा को कला संस्कृति मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, कृषि मंत्री डॉ0 प्रेम कुमार, परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला, विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह, विधान पार्षद राधाचरण साह, विधायक ददन यादव उर्फ ददन पहलवान, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह एवं पुलिस महानिदेशक पी0के0 ठाकुर ने भी संबोधित किया

इस अवसर पर जदयू जिलाध्यक्ष रामव्यास सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष, लोजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह, रालोसपा जिला अध्यक्ष निर्मल सिंह कुशवाहा, प्रधान सचिव कृषि सुधीर कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीष चन्द्रा, सचिव पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास अरविंद कुमार चौधरी, पटना प्रमंडल आयुक्त आनंद किशोर, पटना के आई0जी0 नैयर हसनैन खान, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, बक्सर जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में आमलोग उपस्थित थे।