विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे सही मायने में वही विकास है :- मुख्यमंत्री

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पटना:- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज माँ जानकी जन्मोत्सव के मौके पर सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में आयोजित सीतामढ़ी महोत्सव-2018 का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इससे पहले हेलीपैड पहुँचने पर स्थानीय नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को गुलदस्ता और माला भेंटकर उनका अभिनंदन किया। हेलीपैड से पुनौरा धाम में स्थापित जानकी जन्म मंदिर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने पूजा अर्चना कर मंदिर प्रांगण में वृक्षारोपण किया। जानकी जन्म मंदिर प्रांगण के प्रेक्षागृह में मिथिला राघव परिवार द्वारा आयोजित श्रीराम कथा में मुख्यमंत्री सम्मिलित हुये और ‘मानस में युगल गीत’ धार्मिक पुस्तक का विमोचन किया। उल्लेखनीय है कि पदम् विभूषण जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज श्रीराम कथा का वाचन कर रहे थे। पुनौरा धाम में ही स्थित माँ जानकी की प्राकट्य स्थली ‘सीता कुण्ड’ के समक्ष मुख्यमंत्री ने मंत्रोच्चार के बीच आरती किया।

सीतामढ़ी महोत्सव-2018 के मौके पर आयोजित जनसभा को लेकर बने मंच पर मुख्यमंत्री को पुष्प-गुच्छ, शॉल और प्रतीक चिन्ह भेंटकर पर्यटन सचिव पंकज कुमार ने उनका स्वागत किया। स्थानीय नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का पाग, शॉल एवं फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कॉफी टेबुल बुक का विमोचन किया। रिमोट के माध्यम से मुख्यमंत्री ने 48 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत वाली पुनौरा धाम के विकास, सौंदर्यीकरण एवं पर्यटकीय सुविधाओं से संबंधित योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। सीतामढ़ी महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सबसे पहले पदम् विभूषण जगत गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज का अभिनंदन करते हुए माँ जानकी की प्राकट्य स्थली पुनौरा धाम, सीतामढ़ी की परम पावन धरती को नमन किया। उन्होंने कहा कि जगत गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज ने पहली मुलाकात में ही जानकी नवमी के उपलक्ष्य पर अवकाश घोषित करने की मांग की, जिस पर सरकार ने तत्काल निर्णय लिया। सम्भवतः 9 वर्षों से हम लगातार पुनौरा धाम पधार रहे हैं। जब मिथिला में भयंकर सूखा पड़ा था, लोग काफी परेशान थे, तभी राजा जनक ने स्वयं हल चलाया तो माँ जानकी प्रकट हुईं, यह पूरी दुनिया जानती है। पुनौरा धाम, हलेश्वर स्थान, पंथ पाकड़ और सीतामढ़ी के विकास के लिए पूरी कोशिश की जा रही है।

इस स्थल का विकास इस प्रकार से किया जाएगा कि यह एक आकर्षक स्थल होगा। वैसे तो यह पहले से ही आकर्षक स्थल है। जगत गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज का योगदान आध्यात्मिक जगत के साथ-साथ समाज सेवा में भी है। इन्होंने विकलांग विश्वविद्यालय की स्थापना की है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। मैं इसके लिए भी जगत गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज का विशेष तौर पर अभिनंदन करता हूँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नर-नारी समानता के लिए हमने (शुरू से) नवंबर 2005 से ही काम करना प्रारंभ किया। बिहार की बागडोर संभालने के तीन महीने बाद ही 2005 में हुए पंचायत चुनाव में महिलाओं की आधी आबादी को देखते हुए 50 प्रतिशत का आरक्षण लागू किया। उसके बाद वर्ष 2007 में हुए नगर निकाय चुनाव में भी महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण बिहार ने देने का काम किया। इस प्रकार पंचायत और नगर निकाय के चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण देने वाला बिहार देश का पहला राज्य है। इसके बाद अब तक 3 चुनाव सम्पन्न हुये हैं और वह अब बिहार में पूरी तरह स्वीकार्य हो चुका है।

केंद्र की सरकार ने भी इसे स्वीकार किया है। स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा पुनौरा धाम में बदहाल अस्पताल को दुरुस्त करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जिलाधिकारी और आयुक्त को इस संदर्भ में प्रस्ताव देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में हमारी सरकार बनी, तब फरवरी 2006 में हमने सर्वे कराया तो पता चला कि एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक माह में औसतन 39 मरीज आते है यांनी प्रत्येक दिन एक और भूलवश किसी-किसी दिन 2 मरीज पी0एच0सी0 में इलाज कराने पहुंचते थे।

तब हमने सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एव पारा मेडिकल स्टॉफ की दिन-रात व्यवस्था के साथ-साथ तत्कालीन उप राष्ट्रपति आदरणीय भैरो सिंह शेखावत के कर कमलों द्वारा मुफ्त दवा की सुविधा उपलब्ध कराई। नवंबर माह में पुनः सर्वे कराया गया तो एक पी0एच0सी0 में प्रति माह मरीजों की संख्या बढ़कर 1,200 से 1,500 हो गयी। वर्तमान में औसतन 10,000 मरीज एक पी0एच0सी0 में प्रतिमाह इलाज कराने पहुंचते है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराया जाएगा ताकि किसी प्रकार की तकलीफ होने पर उसका तत्काल इलाज हो सके।

साइकिल योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 9वें क्लास में पढ़ने वाली लड़कियों के लिए साइकिल योजना शुरू की गई। उसके बाद साइकिल चलाती हुई लड़कियों ने स्कूल जाना प्रारंभ किया, जिससे पूरे बिहार में जो दृश्य उपस्थित हुआ, वह पूरी तरह बदला हुआ था। पुनौरा धाम के विकास में जो भी काम होगा, उससे नारी सशक्तिकरण को और अधिक अधिक प्रेरणा मिलेगी। महिलाओं की मांग पर ही पूरे बिहार में हमने शराबबंदी लागू की और अब आई0जी0 प्रोहिबिशन भी बना दिया है। बिजली के खंभों पर एक टेलीफोन नम्बर भी लिखवाया जा रहा है ताकि शराब बेचने या शराब का सेवन करने वाले लोगों की सूचना मिलने पर एक से दो घंटे के अंदर कार्रवाई की जा सके। शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा और कार्रवाई से वह संतुष्ट है या नहीं, यह भी उससे पूछा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को शराबबंदी से नशामुक्ति की ओर ले जाना है। शराबबंदी से शहर, गांव और कस्बा में चहुंओर शांति और सद्भाव का माहौल कायम हुआ है जहां पहले कोलाहल हुआ करता था लेकिन अभी भी कुछ गिने चुने लोग चोरी छिपे शराब का सेवन कर रहे हैं और शराब बेचने के काम मे धंधेबाज लगे हुए हैं। ऐसी स्थिति में हम सबको सजग रहने की आवश्यकता है क्योंकि सबसे बड़ी चीज है जागृति। माँ जानकी की जन्मभूमि पर जगत गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज ने शराबबंदी के काम का समर्थन किया है, इससे जरूर अच्छा संदेश जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा से जो परेशानी है, उससे समाज को छुटकारा दिलाना है। इसको लेकर इसी वर्ष जनवरी माह में 14 हजार किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनी, जिसमें शामिल होकर बिहार के लोगों ने इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अपनी भावना का प्रकटीकरण किया। उन्होंने कहा कि माँ जानकी के जन्मोत्सव का अवसर है और अभी लगन भी चल रहा है इसलिए यहीं से संदेश निकलना चाहिए कि न कोई दहेज ले और न ही कोई दहेज दे। सीतामढ़ी महोत्सव में मौजूद लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर आप मन बना लीजियेगा तो जल्द ही समाज दहेज प्रथा मुक्त होगा। इसके लिए आपको दहेज नहीं लेने और दहेज का लेन-देन कर शादी करने वालों के विवाह समारोह में शामिल नही होने का संकल्प लेना होगा।

बिहार में लागू हुई मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मकसद बाल विवाह को रोकना है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2 वर्ष की उम्र पूरा करने वाली बालिकाओं को राज्य सरकार की तरफ से 5,000 रुपये मुहैया कराया जायेगा, जिसमें लड़की पैदा होने के वक्त उसके माता-पिता के खाते में 2000 रुपये, एक साल बाद आधार से लिंक होने पर 1,000 रुपये और 2 वर्ष की अवधि तक पूर्ण टीकाकरण होने पर पुनः 2000 रुपये उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अतिरिक्त पहले से चल रही पोशाक योजना की राशि में भी बढ़ोत्तरी की गयी है, जिसमें कक्षा एक एवं दो में पढ़ने वाली लड़कियों को 400 रूपये की जगह 600 रुपये, कक्षा 3 से 5 में पढ़ने वाली बालिकाओं को 500 के बजाय 700 रुपये, कक्षा 6 से 8 में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए 700 की जगह 1,000 रुपये और कक्षा 9 से 12वीं में पढ़ने वाली छात्राओं को अब 1,000 की जगह 1,500 रूपये की राशि पोशाक के लिए प्रदान की जाएगी। किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 7वीं से 12वीं में पढ़ने वाली लड़कियों को सैनेटरी नैपकिन के लिए पहले जहाँ 150 रुपये सालाना लड़कियों को दिया जाता था, अब उसकी जगह उन्हें 300 रुपये प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बाल विवाह पर लगाम लगाने के लिए इंटरमीडिएट पास करने वाली अविवाहित लड़कियों को 10,000 रूपये की राशि मुहैया कराने का राज्य सरकार ने फैसला लिया है, वहीं ग्रेजुएशन करने वाली लड़कियों को 25,000 रुपये मुहैया कराने का राज्य सरकार ने फैसला लिया है, वह चाहे कुंवारी हो या विवाहित।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना से लिंग अनुपात सुधरेगा, भ्रूण हत्या में कमी आएगी, बाल विवाह रुकेगा साथ ही लड़कियां शिक्षित होंगी। उन्होंने कहा कि समेकित बाल विकास योजना के अंतर्गत 3 से 6 वर्ष की उम्र वाले आंगनबाड़ी में पढ़ रहे बच्चों को पोशाक हेतु मिलने वाली पोशाक राशि में भी बढ़ोत्तरी की गयी है। आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों को अब पोशाक के लिए 250 की जगह 400 रुपये प्रदान किये जायेंगे। इस प्रकार एक लड़की के पैदा होने से ग्रेजुएट की पढ़ाई पूरी करने तक सरकार उसपर 54,100 रुपये खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि पुरुषों को बेटा की तरह बेटी पर भी ध्यान देना चाहिए और बीमार पड़ने पर उसका इलाज भी कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर में कमी आयी है लेकिन लड़कों की अपेक्षा लड़कियों का अनुपात कम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम न्याय के साथ विकास का काम करते हैं, जिसका मकसद हर तबके और हर इलाके का विकास करना है ताकि उस विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंच सके लेकिन सामाजिक कुरीतियों को खत्म किए बिना विकास का सही मायने में लाभ नहीं मिलेगा। समाज में प्रेम, सद्भाव, शांति और आपसी भाईचारा का माहौल कायम रहे, इसके लिए हम सदैव प्रयत्नशील हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध की घटनाओं में काफी कमी आई है लेकिन दहेज हत्या और दहेज प्रताड़ना की घटनाएं देखकर काफी दुख होता है। उन्होंने कहा कि बिहार को आदर्श प्रांत बनाने के लिए हम सबको आगे आना होगा। लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां जानकी की इस जन्मभूमि पर बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों से समाज को छुटकारा दिलाने के लिए हम सबको संकल्प लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे सही मायने में वही विकास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनौरा धाम, हलेश्वर स्थान और पंथ पाकड़ के सौंदर्यीकरण और सीतामढ़ी को विकसित करने का काम पर्यटन विभाग ने 2 साल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है लेकिन हम चाहेंगे कि जितनी जल्दी हो सके उतना ही अच्छा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 350वें जन्मोत्सव के मौके पर प्रकाश पर्व का भव्य आयोजन किया गया क्योंकि सभी धर्मों के प्रति हम श्रद्धा और सम्मान का भाव रखते हैं, इसके लिए जो भी करना पड़े हम करेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि रही है और इसका इतिहास काफी गौरवशाली है। हमें उस पुराने गौरव को फिर से प्राप्त करना है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री को मधुबनी पेंटिंग भेंट की गई।

सीतामढ़ी महोत्सव-2018 के मौके पर आयोजित जनसभा को पदम् विभूषण जगत गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नन्द किशोर यादव, पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार, सांसद प्रभात झा, सांसद रामकुमार शर्मा, विधायक श्री सुनील कुमार कुशवाहा एवं पर्यटन सचिव पंकज कुमार ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर नगर विकास एवं आवास सह सीतामढ़ी जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश शर्मा, सांसद आर0के0 सिन्हा, सांसद अजय निषाद, विधान पार्षद देवेश चन्द्र ठाकुर, विधान पार्षद राजकिशोर कुशवाहा, विधान पार्षद रामेश्वर महतो, विधायक रंजू गीता, विधायक सुनीता सिंह चौहान, विधायक दिनकर राम, पूर्व मंत्री सुनील कुमार पिंटू, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त एच0आर0 श्रीनिवासन, आई0जी0 सुनील कुमार, डी0आई0जी0 अनिल कुमार सिंह, जिलाधिकारी राजीव रौशन, पुलिस अधीक्षक हरिनारायण एस0जी0 सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।