विश्वासघाती भाजपा को देश की जनता ने नकारा: माले

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“उत्तप्रदेश, राजस्थान, गुजरात आदि राज्यों की जनता ने भाजपा को सबक सिखाया”

 

भाकपा-माले राज्य सचिव ने देश के 3 लोकसभा व देश के विभिन्न राज्यों के 33 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा के खिलाफ उत्तर प्रदेश, राजस्थान व गुजरात जैसे राज्यों में भी जनता का आक्रोश संगठित होने लगा है, जहाँ पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक सफलता मिली थी।

 

उन्होंने कहा कि अगस्त में हुए उपचुनाव में भी भाजपा को झटका लगा था, लेकिन इस बार का झटका और जोरदार है। भाजपा ऐसे राज्यों में हारी है, जहाँ उसकी मजबूत स्थिति मानी जाती रही है। उन्होंने कहा कि मोदी ने देश की जनता से जो वादा किया था, वह कहीं से पूरा नहीं हुआ है, इसके खिलाफ जनता का प्रतिरोध संगठित होने लगा है। 33 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा को 13 सीटों का नुकसान हुआ है। यूपी में जिन 11 सीटों पर उपचुनाव हुए, उन सभी पर भाजपा का कब्जा था, लेकिन आज के चुनाव परिणाम में उसे जबरदस्त पटखनी मिली है।

 

माले सचिव ने कहा कि महंगाई की मार कम करने, जनता के लिए अच्छे दिन लाने का वादा करके भाजपा ने जनता की उम्मीदों व आकांक्षाओं को काफी बढ़ाया था। लेकिन जब वह सत्ता में आई तो ठीक वही काम करने लगी जो कांग्रेस कर रही थी। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता का जीवन और संकटग्रस्त कर दिया गया। प्रेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, रेल भाड़ा तो बढ़ाया ही गया, विभिन्न क्षेत्रों में एफडीआई के निवेश को प्रोत्साहित किया गया। किसानों को सुविधा देने की बजाए कॉरपोरेट कंपनियों के हित में भूमि अधिग्रहण कानून में संसोधन का प्रस्ताव लाया गया। बिना फील्ड सर्वे के जीएम बीजों के इस्तेमाल की अनुमति दी गयी।

 

दूसरी ओर, यही भाजपा देश में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने पर तुली हुयी है। कभी लव जेहाद के नाम पर सांप्रदायिक उन्माद भड़काने की कोशिश हो रही है, तो कभी दूसरे नाम पर्। इतिहास व शिक्षा का भगवाकरण भी तेजी से शुरू कर दिया गया।

 

उन्होंने कहा कि जेएनयू में आइसा की जीत और आज के परिणाम के बाद स्पष्ट हो गया है कि देश की जनता ने मोदी के सांप्रदायिक कॉरपोरेट एजेंडे को पूरी तरह नकार दिया है और एक बार फिर आंदोलन की राह पकड़ रही है।