वैक्यूम व चेन पुलिंग वाले इलाके को चिन्हित कर रही रेल पुलिस

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बार-बार चेन पुलिंग से यात्रियों को होती है परेशानी, चेन पुलिंग से ट्रेन का इंजन फेल होने का खतरा, रेल में चेन पुलिंग पर रोक लगाने के लिए रेल पुलिस लोगों को करेगी जागरूक

लखीसराय- दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत किऊल-झाझा रेलखंड पर ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन और वैक्यूम रोकने के लिए अब स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों की सहायता ली जाएगी। इसके लिए जिन स्टेशन और गांव के आसपास ट्रेनों की चेन पुलिंग और वैक्यूम की जाती है। किऊल आरपीएफ द्वारा वैसे गांव की सूची तैयार करने जा रही है। सूची तैयार करने के बाद संबंधित गांव के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। अगर रेल विभाग की यह रणनीति सफल रही तो इस सेक्शन पर हो रही ट्रेनों की चेन पुलिंग और वैक्यूम होने से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।

रेल में चेन पुलिंग पर रोक लगाने के लिए रेल पुलिस लोगों को करेंगे जागरूक

लाखोचक, गोहरी , इटौन , बसुआचक, चुरामनबीघा, भलुई, गोपालपुर, कुन्दर गांव में सैकड़ों की संख्या में छात्र लखीसराय शहर पढ़ने या कोचिंग करने आते हैं। खासकर दुध बेचने वाले एवं पढ़ने वाले ज्यादातर छात्र पैसेंजर से चले आते हैं और एक्सप्रेस ट्रेन नहीं रुकने की वजह से जहां-तहां चेनपुलिंग और वैक्यूम कर रोक देते हैं। वहीं इससे जहां लेट होती है। इनमें कई लोगों का घर रेलवे स्टेशन या हाल्ट के आसपास पड़ता है। जिससे गाड़ीयां लेट हो जाती है और रेल विभाग को राजस्व का घाटा हो जाता है। वहीं बार-बार वैक्यूम होने की वजह कपलिंग से टूटने की संभावना बनी रहती है। इन सभी वजहों से निजात पाने के लिए रेलवे ने संबंधित गांव के लोगों से मदद लेने का निर्णय लिया है।

किऊल से जमुई-झाझा की दूरी तय करने में काफी समय लग जाते हैं। तकरीबन एक घंटे की यात्रा किऊल से जमुई-झाझा रेलखंड पर लगभग 52 किलोमीटर की दूरी तय करने में एक्सप्रेस गाड़ियों को कभी कभी 2 से 3 घंटे लग जाते हैं। इस सेक्शन पर सैकड़ों एक्सप्रेस हफ्ते में ट्रेनों का परिचालन रोज होता है। रेल दर्जनभर छोटे बड़े स्टेशन ऊपर रेल की सुरक्षा और संरक्षा की जिम्मेवारी किऊल आरपीएफ और जीआरपी की है। बावजूद इसके ट्रेनों के वैक्यूम होने का सिलसिला थम नहीं रहा। इधर वैक्यूम होने से इंजन पर बुरा असर पड़ता है इस कारण इंजन फेल होने के साथ दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।

एक साल में 84 लोगों को किया गया है गिरफ्तार

चलती ट्रेन में वैक्यूम करने वाले रेल यात्रियों के खिलाफ आरपीएफ एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। बीते एक साल में वैक्यूम करने के मामले में 84 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमे 41,100 रू0 का जुर्माना भी बसुल किया गया है। आगामी दिनों में चेनपुलिंग पर पूरी तरह से हल निकल लिया जाएगा । इन सभी वजहों से निजात पाने के लिए रेलवे ने संबंधित गांव के लोगों से मदद लेने का निर्णय लिया है।