शरद यादव अब जदयू की नहीं संभालेंगे कमान, नीतीश हो सकते है अध्यक्ष

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पटना: जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव अब जदयू की कमान नहीं संभालेंगे। सोमवार को उन्होंने चौथी बार पार्टी का अध्यक्ष बनने से साफ इंकार कर दिया। शरद ने अपने फैसले से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत अन्य नेताओं को भी अवगत करा दिया है। सुत्रों से पता चला है कि जदयू के अगले प्रमुख नीतीश कुमार हो सकते हैं।

10 अप्रैल को दिल्ली में राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। जो राष्ट्रीय लोकदल और झारखंड विकास मोर्चा के साथ विलय की प्रक्रिया को आखिरी रूप देगा।

सूत्रों के अनुसार शरद यादव जदयू के अध्यक्ष बनने के इच्छुक नहीं हैं लेकिन वे विलय के बाद जन विकास पार्टी या जन विकास मोर्चा के नाम से बनने वाली नई पार्टी के अध्यक्ष के प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं। इस मामले में अभी पूरी तरह खुलासा नहीं हो पाया है।

शरद यादव 1991 से 1996 तक जनता दल के अंग रहे उसके बाद वे लालू प्रसाद की पार्टी राजद के भी साथ रहे। 1998 में शरद यादव और जार्ज फर्नांडिस ने मिलकर जनता दल यू का गठन किया और और नीतीश कुमार को भी इससे जोड़ा। 1998 में शरद यादव और लाल कृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता में बीजेपी और जदयू एक दूसरे के साझेदार बने।

शरद यादव सबसे पहले 1974 में मध्य प्रदेश की जबलपुर लोकसभा सीट से चुने गये। उस समय जेपी आंदोलन अपने उठान पर था। शरद यादव हलधर किसान चुनाव चिह्न से चुने जाने वाले पहले उम्मीदवार थे और 1977 में वह दोबारा उसी क्षेत्र से चुने गये। बाद में बिहार के मधेपुरा से वह 1996 से लेकर 2015 के लोकसभा चुनाव से पहले तक सांसद रहे। वर्ष 2012 में शरद यादव को उत्कृष्ट सासंद का पुरस्कार भी दिया गया।

जदयू के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि शरद यादव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के अपने तीन कार्यकाल पूरे कर चुके हैं। उन्होंने संविधान में संशोधन करा पुनः अध्यक्ष बनने में अपनी असमर्थता जाहिर की है। उनको तीसरी बार अध्यक्ष बनाने के लिए सर्वसम्मति से जदयू के संविधान में संशोधन किया गया था। नई परिस्थितियों राष्ट्रीय परिषद में विचार किया जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में हिस्सा लेंगे।

शरद यादव के इंकार के बाद पार्टी की बिहार इकाई में सुगबुगाहट तेज हो गई है। लोगों में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन संभालेगा ? यह 10 अप्रैल को फैसला हो जाएगा।