शराबबंदी पर हूंकार भरने मध्यप्रदेश पहुंचे नीतीश कुमार

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में किये गये शराबबंदी के प्रयोग को मध्य प्रदेश में लागू करने को लेकर 16 सितंबर को राज्यव्यापी नशा मुक्त मध्य प्रदेश यात्रा को बड़वानी के राजघाट से रवाना करने वाले हैं। बिहार की तरह ही मध्य प्रदेश को नशामुक्त राज्य बनाने के लिये मुख्यमंत्री इस यात्रा को रवाना करेंगे।

नीतीश कुमार एक दिवसीय दौरे पर मध्यप्रदेश के ग्वालियर के आइटीएम कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंच गए हैं। यहां से वे बड़वानी में चल रहे नर्मदा बचाओ आंदोलन और शराबबंदी अभियान में हिस्सा लेंगे।

नीतीश कुमार दिल्ली से सीधे ग्वालियर पहुंचे और यहां आयोजित कार्यक्रम में वे राम मनोहर लोहिया व्याख्यानमाला को संबोधित करेंगे। इसके बाद नीतीश कुमार इंदौर पहुंचेगे और इंदौर से सड़क मार्ग से बडवानी पहुंचेगे जहां नर्मदा बचाओ आंदोलन के बाद शराबबंदी अभियान को संबोधित करेंगे। साथ ही वे बड़वानी में आज नशा मुक्ति यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

जानकारी के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ता और नर्मदा बचाओ आंदोलन की लड़ाई लड़ने वाली मेधा पाटकर की अगुवाई में हो रहे नशामुक्ति आंदोलन के साथ नीतीश कुमार भी इस सत्याग्रह में शामिल होंगे, वहीं दूसरी ओर आंदोलन में शामिल किसानों का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नशामुक्ति आंदोलन में शामिल होते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे, किसानों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने नर्मदा बचाओ सत्याग्रह को समर्थन दिया तो उनका काला झंडा दिखाकर विरोध किया जायेगा।

शराबबंदी को नीतीश ने राष्ट्रव्यापी मुद्दा बनाया है और उन्होंने कहा है कि यह अभियान अब देशव्यापी अभियान बनेगा। नशा मुक्ति यात्रा मध्यप्रदेश के कुल 24 जिलों में नशा मुक्ति अभियान को प्रचारित-प्रसारित करेगा।

मध्यप्रदेश की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने और मप्र विधानसभा चुनाव 2018 और लोकसभा 2019 के मद्देनजर जदयू ने मध्यप्रदेश में पैर पसारना शुरू कर दिया हैं। इस मुहिम की अगुवाई खुद बिहार के सीएम नीतीश कुमार करने जा रहे हैं।

खास बात ये है कि मध्यप्रदेश में पकड़ मजबूत करने के लिए जदयू ने बिहार का शराबबंदी अभियान चुना है और अब जेडीयू सामाजिक संगठनों के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार पर शराबबंदी का नैतिक दवाब बनाने का काम करेगी। इसके लिए पूरे प्रदेश में मुहिम चलायी जाएगी और सरकार से मांग की जाएगी कि शराबबंदी लागू की जाए।