शराबबंदी से सामाजिक परिवर्तन आया है: मुख्यमंत्री

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पटना, 10 जून 2016:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज गया के हरिहर सुब्रहमण्यम स्टेडियम गाॅधी मैदान में जीविका समूह की महिला सदस्यों के मद्य निषेध कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर एक महती सभा को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर खुशी का अनुभव कर रहा हूॅ। जीविका का गठन वर्ष 2007 में बिहार के छह जिलों के 44 प्रखण्डों में की गयी। उनके कार्य से मैं काफी प्रभावित हुआ। उसके बाद जीविका का विस्तार पूरे बिहार में हुआ। बिहार के सभी जिलों के सभी प्रखण्डों में जीविका का गठन किया गया। वर्ष 2007 से पहले महिला स्वयं सहायता समूह महिला विकास निगम के अन्तर्गत कार्यरत था। उन्होंने कहा कि प्रारंभ में कर्ज लेकर विश्व बैंक से इसकी शुरूआत की गयी। वर्ष 2017 तक दस लाख जीविका स्वयं सहायता समूह का गठन किया जायेगा। अब तक बिहार में जीविका के पाॅच लाख स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि जीविका के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं में आत्मविश्वास आया है। उनमें बचत की प्रवृति बढ़ी है, उनका ज्ञान बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गया के जीविका की दीदीयों के साथ पहले भी बातचीत का मौका मिला है। मैंने उनके कार्यों को देखा है। मैं उनके कार्यों से काफी प्रभावित हुआ हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जीविका द्वारा जन वितरण प्रणाली की दुकान भी अच्छी तरह चलायी जा रही है। मैंने पूर्णिया भ्रमण के दौरान जीविका द्वारा चलायी जा रही जन वितरण प्रणाली की दुकान को देखा। लोगों से इस संदर्भ में बात की। लोगों ने जीविका के कार्य को काफी सराहा। सभी ने कहा कि अनाज ससमय सही तौल एवं सही मूल्य पर मिल जाता है। स्वयं सहायता समूह की उपयोगिता और ज्यादा प्रमाणित हो गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के लिये दीदीयों द्वारा शुरू से आन्दोलन चलाया जा रहा है। शुरूआत में मेरे मन में शराबबंदी को लेकर द्वंद था। लगता था कि शराबबंदी ठीक ढ़ंग से क्रियान्वित होगा कि नहीं। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई 2015 को श्रीकृष्ण मेमोरियल हाॅल में ग्राम वार्ता कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों को संबोधित करते हुये वापस जैसे ही अपने स्थान पर बैठा तो स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा शराबबंदी की माॅग की गयी। मैं माइक पर आकर कहा कि अगली बार सता में आऊॅगा तो शराबबंदी लागू करूॅगा। बिहार की जनता ने दुबारा काम करने का मौका दिया। नई सरकार के गठन के उपरान्त 26 नवम्बर 2015 मद्य निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मैंने शराबबंदी का एलान कर दिया। 1 अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि उसी दिन से निरंतर शराबबंदी की तैयारी शुरू हो गयी। सषक्त अभियान बनाने के लिये षिक्षा विभाग को समन्वय बनाने की जिम्मेवारी दी गयी। सबका सहयोग लिया गया, एक जबर्दस्त अभियान चला। स्कूली बच्चों ने अपने अभिभावकों से खुद शराब न पीने तथा दूसरों को भी शराब न पीने देने से संबंधित शपथ भरवाया। 31 मार्च तक एक करोड़ 19 लाख अभिभावकों द्वारा स्वहस्ताक्षरित शपथ पत्र भरा गया। देष के किसी भी राज्य में एक मुद्दे पर इतनी संख्या में शपथ नहीं भरे गये। दीवारों पर नारे लिखे गये। चैक-चैराहांे पर नुक्कड़ नाटक एवं गीत-संगीत के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। शराबबंदी के लिये एक माहौल बनाया गया। 1 अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू किया गया। पहले चरणबद्ध तरीके से शराबबंदी लागू करने का सोंचा परन्तु ऐसा माहौल बना कि तुरंत ही 5 अप्रैल 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी गयी। इसका व्यापक समर्थन मिला है, जो शुरू में शराबबंदी से नाराज थे, आज वे भी खुष हैं। शराबबंदी सफल रूप से लागू रहे, इसके लिये सभी को सतत् निगरानी, सतर्कता एवं ध्यान रखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून में कठोर सजा के भी प्रावधान रखे गये हैं। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी से अपराध की घटनाओं में कमी आयी है। गत दो महीनों में संज्ञेय अपराध 15 प्रतिषत, हत्या में 32 प्रतिषत, डकैती में 45 प्रतिषत, फिरौती अपहरण में 76 प्रतिषत तथा सड़क दुर्घटना में 32 प्रतिषत की कमी आयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल के कैदियों पर भी शोध किया गया है। शोध में पाया गया कि 41 प्रतिषत कैदियों द्वारा शराब के नषे में अपराध किया गया है। उन्होंने कहा कि आज माहौल बदल गया है। पति लोग जो पहले लेट आते थे, आज बाजार से सब्जी खरीदकर समय पर आते हैं। परिवर्तन आ रहा है, यह कोई मामूली परिवर्तन नहीं है, यह सामाजिक परिवर्तन है। उन्होंने स्वयं सहायता समूह की सभी दीदीयों को कहा कि लोगों पर नजर रखियेगा, आपकी जिम्मेवारी और बढ़ गयी है, किसी प्रकार की षिकायत हो तो उत्पाद विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा जारी किये गये फोन नंबर पर फोन कीजियेगा, तत्क्षण कार्रवाई होगी, जिसकी रोज माॅनिटरिंग की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग कहते थे कि शराबबंदी लागू होगा ही नहीं। यह आज कामयाब है, हम चाहेंगे कि शराबबंदी सर्वदा के लिये कामयाब हो। लोगों की आदत में सुधार आ जाय, शराबबंदी की माॅग आज सभी जगहों पर होने लगी है। धनबाद में भी महिलाओं द्वारा शराबबंदी अभियान चलाया जा रहा है। 19 जून को डालटेनगंज में आयोजित शराबबंदी कार्यक्रम में भाग लेने का बुलावा आया है। झारखण्ड में भी शराबबंदी के लिये अभियान चलाया जा रहा है। उतर प्रदेष में भी शराबबंदी अभियान चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विषेष रूप से आये आचार्य पवन कुमार का उदाहरण देते हुये कहा गया कि आचार्य पवन कुमार दिल्ली से सटे उतर प्रदेष के नोएडा में शराबबंदी तथा नषामुक्ति के लिये आन्दोलन करते हैं। इन्होंने वहाॅ पर मुझे कार्यक्रम में बुलाया है। महाराष्ट्र, राजस्थान से भी लोग सम्पर्क कर रहे हैं। आज शराबबंदी देष भर में फैल गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में पटना में आयोजित ब्रह्र्षि कुमार स्वामी जी के धार्मिक समागम कार्यक्रम प्रभु कृपा दुख निवारण समागम में आये हुये विभिन्न संतों द्वारा कहा गया कि देष भर में वे लोग भी शराबबंदी के लिये अभियान चलायंेगे। अब इसे कौन रोक पायेगा। गया की धरती मोक्ष एवं ज्ञान की भूमि है। इस महान धरती का नमन करता हूॅ और आपका आह्वान करता हूॅ कि सदैव सजग रहियेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष गाॅधी जी के चम्पारण सत्याग्रह का सौंवा साल है। शराबबंदी लागू कर बिहार ने उनके चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित किया है। इसका प्रभाव दूसरे राज्यों में भी शुरू हो गया है। आज 70 दिन हो गये हैं, पूरी मजबूती से लागू है। हम सब यह संकल्प लें कि आगे भी इसे पूरी मजबूती से लागू करेंगे। महिलायें इतनी सजग हैं, युवाओं एवं पुरूषों का साथ है, अब इसे कौन रोक सकता है।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री श्रीमती अनिता देवी, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री श्री कृष्णनंदन वर्मा, पषु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री श्री अवधेष कुमार सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेषक श्री पी0के0 ठाकुर ने भी सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को मगध प्रमण्डल के जीविका के दीदीयों द्वारा प्रतीक चिह्न भेंट किया गया। इस कार्यक्रम में नवादा की कौषल्य दीदी, गया की गुड़िया दीदी, जहानाबाद की संगीता कुमारी एवं अन्य द्वारा अपना अनुभव बताया गया।

इस अवसर पर विकास आयुक्त श्री षिषिर सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक नैयर हसनैन खान, प्रधान सचिव स्वास्थ्य श्री आर0के0 महाजन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीष चन्द्रा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, आयुक्त मगध प्रमण्डल श्री लियांग कुंगा, सचिव ग्रामीण विकास श्री अरविन्द चैधरी, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जीविका श्री बाला मुरूगन डी0, पुलिस उप महानिरीक्षक मगध प्रमण्डल श्री सौरभ कुमार, जिलाधिकारी गया श्री कुमार रवि, जिलाधिकारी जहानाबाद श्री मनोज कुमार सिंह, जिलाधिकारी नवादा श्री मनोज कुमार, जिलाधिकारी औरंगाबाद श्री तनूज कंवल, जिलाधिकारी अरवल श्री आलोक रंजन घोष, वरीय पुलिस अधीक्ष गया श्रीमती गरिमा मलिक, पुलिस अधीक्षक जहानाबाद श्री आदित्य कुमार, पुलिस अधीक्षक नवादा श्री विकास वर्मन, पुलिस अधीक्षक अरवल श्री दिलीप कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक औरंगाबाद श्री बाबू राम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।