शराब जैसे सामाजिक कोढ़, सुख-शांति के दुश्मन और विकास रोधक आदत का खात्मा अनिवार्य – नीतीश कुमार

512
0
SHARE

नई दिल्ली। 30 जून 2016ः श्री नीतीश कुमार जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारतीय समाज के लिए शराब एक कोढ़, सुख-शांति का दुश्मन एवं विकास वाधक के रूप में खड़ा है जिसका खात्मा अनिवार्य है। अन्यथा भारत जैसे गरीब कृषि प्रधान देश की संस्कृति समाप्त हो जाएगी। शराबबन्दी इस देश के लिए एक ऐसे वरदान को प्रमाणित करेगा जो न केवल देश बल्कि पश्चिमी देशों में भी इसका अनुकरण कर लाभान्वित होने की पहल करने का प्रयास कर सकता है क्योंकि इन बुराइयों के खात्मा से सभी परेशानियों का निदान सहज एवं सुखद है। बिहार में शराब बन्दी से खुशहाली के संकेत मिलने शुरू हो गए हैं।

श्री नीतीश कुमार आज नई दिल्ली स्थित अगस्त क्रांन्ति मार्ग में स्थित पी.एच.डी. चैम्बर आफॅ काॅमर्स भवन में निहारिका, संचारिका, महिला मंगल तथा फैमिली वेलफेयर कमिटी आॅफ पी.एच.डी., सी.सी.आई के संयुक्त तत्वावधान में शराब बन्दी हेतु श्री कुमार को सम्मानित करने के लिए आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि की हैसियत से सम्बोधित कर रहे थे। मुख्य मंत्री श्री कुमार ने कहा कि बिहार में शराब बन्दी की साकारात्मक परिणाम को देखते हुए आसपास के राज्यों को भी इसका अनुकरण कर इससे होने वाले विभिन्न लाभों की राह प्रशस्त किये जाने की आवश्यकता है। एक ओर भारत विश्व में योग का नेतृत्व कर रहा है, जहाँ शराब जैसी बुराई का कोई स्थान नहीं है, जबकि दूसरी ओर अल्पकालिन राजस्व की लघु आय की हवाला देकर इस पर पाबन्दी से हिचकिचाते हैं। मेरी समझ से इसका कोई औचित्य नहीं है।
श्री कुमार ने बताया कि बिहार में विगत् जुलाई-2015 में पटना में महिलाओं द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुझे आमंत्रित किया गया था। मैं अपनी बात पूरी कर बैठ गया। उसके बाद महिलाओं द्वारा शराब बन्दी की अपील की गई तो मैं अपने आप को रोक नहीं पाया और फिर मंच पर आकर घोषणा किया कि अगर अब मुझे सत्ता की बागडोर सम्भालने का अवसर मिलता है तो मैं शराब बन्दी अवश्य लागू करूँगा। परिणामस्वरूप सत्तासीन होने के साथ ही मैंने घोषणा की कि 1 अप्रैल से देशी शराब की ठेका बन्द कर दी जाएगी और ऐसा ही किया। चार दिनों के बाद मैंने शहरी लोगों के बीच पर्याप्त उत्साह देखा तो मुझे महसूस हुआ कि अंग्रेजी शराब भी बन्द करने के प्रति लोग अत्यधिक उत्सुक हैं। और मैंने 5 अप्रैल को पूर्ण शराब बन्दी की घोषणा की और लोगों का भरपूर सहयोग मिला। श्री कुमार ने कहा कि बिहार में शराब बन्दी से लगभग 5 हजार करोड़ के राजस्व की हानि हुई है। इससे ऐसा लगता है कि कम से कम 10 हजार करोड़ के शराब लोग पीते होंगे। शराब बन्दी होने से उन पैसों का उपयोग अब अपनी अन्य जरूरत के लिए करेंगे जिसका लाभ समाज से लेकर सरकारी खजाने तक को मिलेगी।

श्री कुमार ने कहा कि शराब बन्दी से इस देश की आधी आबादी (महिला) मात्र में अत्यधिक खुशी की लहर है, उनका मानना है कि इससे न केवल घर में शान्ति स्थापित हुई है, बल्कि क्रमशः आर्थिक हालात भी सुधर रहे हैं। शराब के आदी जनसमूह भी धीरे-धीरे इस लत से निजात पाकर अपनी नये दिनचर्या के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। जो समय वो पहले परिवार के सदस्यों के विरोध को रोकने में, लड़ाई झगड़ा में बिताते थे, वही समय अब अपने बाल-बच्चे के कल्याणार्थ एवं घर में बेहतर माहौल बनाने में लगाते हैं, इससे न केवल सुख शान्ति स्थापित होगी बल्कि शराब पर होने वाले अनावश्यक व्यय से अपनी भविष्य निर्माण में अब लगा पायेंगे।

श्री नीतीश कुमार को आयोजित सम्मान समारोह में विभिन्न स्वयं सेवी संगठन के विशिष्ठ महानुभावों एवं अनेकों महिला सदस्यों द्वारा उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट कर श्री कुमार द्वारा शराब बन्दी जैसे अहम सामाजिक बुराईयों के लिए उठाये गए कठोर कदम एवं स्थिति को बनाये रखने हेतु कठोर नियमों को प्रतिपादित करने हेतु बनाये गए नियमों को सख्ती के साथ लागू करने के लिए उन्हें बधाई दी। और उन्हें विश्वास दिलाया कि उनके इस प्रयास के लिए हम सब आपके साथ है। उपस्थिती विशिष्टजनों का मानना है कि अब यह सामाजिक मुद्या के साथ-साथ देश व्यापी राजनीतिक मुद्या भी बनता जा रहा है। देशभर की महिलाएँ इस दिशा में आवाज उठाना शुरू कर दिया है।¬¬¬
आहुत सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि श्री नीतीश कुमार सहित सर्वश्री संजय सिंह, अध्यक्ष, सह प्रबन्ध निदेशक, एन.जी. टाउनशिप, एन.आर.आई. सिटी द्वारका एक्सटेंशन, श्री अनिल वंशल, आयुर्वेद उपचार चिकित्सा संजीवनी हर्वल, श्री राकेश गुप्ता, अध्यक्ष साधना टी.वी, श्री मुकेश गुप्ता- प्रमुख ग्राफिक्स एड्स, श्री राम कैलाश गुप्ता, अध्यक्ष टेक्निकल इंस्टीटयूट, दिल्ली, श्री संतोष भारतिया, सम्पादक चैथी दुनिया एवं पूर्व सांसद आदि ने अपने विचार रखा।