शशिकला को न्‍याय दिलाने के लिए पांच फरवरी से आमरण अनशन करेगी जनतांत्रिक विकास पार्टी : अनिल कुमार

480
0
SHARE

पटना – जनतांत्रिक विकास पार्टी कैमूर के रामगढ़ की दलित बेटी शशिकला कुमारी को न्‍याय दिलाने के लिए पांच फरवरी से भभुआ समाहरणालय के समक्ष आमरण अनशन करेगी। साथ ही जनतांत्रिक विकास पार्टी मांग करती है कि इस मामले में जिले के वर्तमान डीएम, एसपी और डीएसपी का निलंबन हो और मामले की सीबीआई से जांच हो। इसके शशिकला के परिजनों को 25 लाख रूपए मुआवजा मिले और उस गांव में शशिकला को श्रद्धांजलि स्‍वरूप उनकी मूर्ति की स्‍थापना हो। उक्‍त बातें आज पटना में पत्रकार संवाददाता सम्‍मेलन में जनतांत्रिक विकास पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अनिल कुमार ने कहीं। इस दौरान मृतक शशिकला के पिता परमात्‍मा राम और मां कश्‍मीरा देवी भी मौजूद रहीं। संवाददाता सम्‍मेलन में जनतांत्रिक विकास पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष संजय मंडल भी उपस्थित रहे।

अनिल कुमार ने कहा कि बिहार में लॉ एंड ऑर्डर की हालत क्‍या है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कैमूर के रामगढ़ स्थित बड़ौरा गांव में शशिकला हत्‍याकांड में पुलिस अपराधियों के बदले पीडि़तों को डराती – धमका रही है और हत्‍या को अत्‍महत्‍या का मामला बता कर अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है। इस मामले में हमने पहले भी सरकार को ज्ञापन दिया था, मगर इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्‍टे प्रशासनिक लोग भाजपा और राजद के प्रभाव में आकर आरोपी मनोज सिंह को बचाने में लगी है। यही वजह है कि इस मामले में बेटी शशिकला को न्‍याय दिलाने सड़क पर उतरे 160 लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कर दलित आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। जबकि 2000 अनाम लोगों पर भी मुकदमा दर्ज कर लिया, जबकि मामले के मुख्‍य आरोपी मनोज सिंह पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। हमारी मांग है कि पहले इस मामले में न्‍यायिक जांच हो, उसके बाद ही गिरफ्तारी हो।

वहीं, संवाददाता सम्‍मेलन में मृत‍क शशिकला की मां कश्‍मीरा देवी ने रो – रो कर पत्रकारों के समक्ष बेटी को न्‍याय दिलाने की गुहार लगाई। उन्‍होंने कहा कि महज चार हजार रूपये के लिए मनोज सिंह ने मेरी बेटी की हत्‍या कर दी। उन्‍होंने पूरे घटनाक्रम को बताते हुए कहा कि मुख्‍य आरोपी मनोज सिंह ग्राहक सेवा केंद्र चलाता है, जहां शशिकला कुमारी का भी अकाउंट है। 3 जनवरी को शशिकला कुमारी के पिता ने 4000 हजार रूपये भेजे थे, जिसकी निकासी गलत तरीके से मनोज सिंह ने की और उसे गलत जानकारी दी। जब मनोज ने पैसे देने से मना कर दिये, तब शशिकला ने हिम्‍मत दिखाते हुए थाने में एफआईआर दर्ज कराई। बाद में मनोज ने बड़ी चालाकी से थाने में लड़की के साथ केस मैनज कर लिया और लड़की को थाने ले जाकर केस वापस करवा लिया। बाद में मेरी बेटी को जबरदस्‍ती ले गया और वह फिर लौट कर वापस नहीं आई।

मृत‍क शशिकला के पिता ने कहा कि शशिकला से अंतिम बार मेरी बात हुई, तब उसने बताया कि मनोज सिंह से मेरा झगड़ा हो गया। उस पर एफआईआर कर दिये हैं। मनोज सिंह ने कहा कि एफआईआर ले लो, पैसा वापस कर देगें। वहीं एफआईआर हम वापस लेने आये हैं। इसके बाद मेरी बेटी से बात नहीं हो पायी और बाद में पता चला कि उसकी हत्या हो गई। उन्‍होंने कहा कि हमारी बेटी को घर से कोई परेशानी नहीं थी। वह मेधावी छात्र थी। लेकिन पुलिस और स्‍टेशन ने मिलकर इसे आत्‍महत्‍या का मामला बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ा। उन्‍होंने शशिकला की डेड बॉडी वाली तस्‍वीर साझा करते हुए भी प्रशासन और उसके रवैये पर सवाल खड़े किये। उन्‍होंने मांग की कि उनकी बेटी के हत्‍यारे को पकड़ा जायेगा और उस पर कठोर से कठोर कार्रवाई हो। दोषी को फांसी की सजा मिले।