शहीद रंजित कुमार के शोकाकुल परिजन

632
0
SHARE

छतीसगढ़ के सुकमा में सोमवार को हुए रक्तरंजित नक्सली हमले में शहीद हुए सीआपीएफ के 26 जवान में से एक जवान रंजित कुमार बिहार के शेखपुरा जिला के फुलचोढ गांव के हैं। शहीद होने की सूचना मिलने पर परिवार के लोगों का रो-रोकर हाल बेहाल है तो पूरा गांव शोक में डूब गया है। शहीद के दो मासूम छोटे बेटो के आंखों में आंसू तो नहीं है पर परिवार के लोगों को रोते देखकर तोतली जुबान में मां से पिता के बारे में सवाल पूछ रहा है। वहीं बूढ़े बाप और वृद्ध माता का सहारा छीन जाने से आंखों में आंसूओं का सैलाब है। पत्नी की आंखे भी पथरा चुकी है। शहीद के दोस्तों में नक्सलियों के प्रति घृणा है और बदला लेने का जूनून भी है। वर्ष 2011 में सीआरपीएफ में नौकरी करने वाले रंजित की शादी सात साल पहले हुई थी। चार एवं छह वर्ष के दो पुत्र भी हैं। परिवार के लोगों ने बताया की दो दिन पहले ही शहीद से बात हुई थी जिसमे कहा था की 28 मई को छुट्टी लेकर घर आ रहा हूं। घरवालों को यकीन ही नहीं हो रहा है की जिन्दादिल रंजित का पार्थिव शरीर घर आ रहा है।