शिप रीसाइक्लिंग प्लांट में मजदूरों की सुरक्षा का रखा जाए विशेष ख्याल, कानून में हो प्रावधान :- आरसीपी सिंह

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पटना राज्यसभा में पेश किए गए रिसाइक्लिंग आॅफ शिप बिल, 2019 का जनता दल यूनाइटेड के सांसद आरसीपी सिंह ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश में रिस्पांसिबल व सस्टेनेबल शिप रीसाइक्लिंग की व्यवस्था होनी चाहिए। देश में शिप ब्रेकिंग कोड के तहत ही शिप रीसाइक्लिंग हो रही है। इस बिल के माध्यम से हम एक कदम आगे बढ़ रहे हैं। हांगकांग कन्वेंशन को रेक्टिफाई कर रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर के नियमों को अंतर्राष्ट्रीय मापदंड पर कसने की कोशिश की जा रही है। इससे फायदा यह होगा कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा, स्वास्थ्य व पर्यावरण के जो मानक तय किए गए हैं, उसको हम हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। यह बिल पर्यावरण को सहायता देने वाली है।

सांसद ने कहा कि शिप रीसाइक्लिंग पूरी तरह से मजदूर आधारित उद्योग है। ऐसे में सुरक्षा व स्वास्थ्य पर जोर देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हांगकांग कन्वेंशन के अलावा यूरोपीयन यूनियन के नियम अलग हैं। उन नियमों को अगर आप देखेंगे तो देश में होने वाली शिप रीसाइक्लिंग को यूरोपीयन यूनियन के कन्वेंशन के तहत सही नहीं पाया गया है। अगर हम वैश्विक स्तर के जहाजों को अपने यहां लाकर उसकी रीसाइक्लिंग करना चाहते हैं। रोजगार के नए अवसर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं तो वैश्विक स्तर के नियमों का पालन करना भी जरूरी हो जाएगा।

सांसद ने कहा कि इस बिल के माध्यम से एक स्टेप आगे बढ़े हैं। अब इसके तहत नियम जब बनाए जाएंगे तो मजदूरों को लेकर विशेष तौर पर नियमों को स्पष्ट किया जाना जरूरी होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इस उद्योग में देश के सभी तरफ से लोग काम करने आएंगे। इसलिए, नियमों को बनाते समय उनकी सुरक्षा व स्वास्थ्य को लेकर विशेष रूप से ख्याल रखा जाना चाहिए। किसी भी मजदूर को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो, इसका खास ख्याल रखा जाए। सांसद ने दिल्ली में हुई आगजनी की घटना का संकेतों में जिक्र करते हुए कहा कि हम सब लोगों ने देखा है कि फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर सुरक्षित नहीं रहते हैं।

सांसद ने कहा कि मजदूरों को सुरक्षित रखने के लिए नियम बदलने की जरूरत है। जब आप मानकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बना रहे हैं तो मजदूरों को भी सुविधा अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मिले, इसकी व्यवस्था होनी चाहिए। इस बिल के पास होने के बाद उद्योग बढ़ेगा। बिजनेस एक्टिविटी बढ़ेगी। इस फील्ड में काम करने वाली विदेशी कंपनियां निवेश करने आएंगी। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। सांसद ने जोर देकर इस प्रकार के उद्योगों में मजदूरों की सुरक्षा पर जोर दिया और नियमों में इसको लेकर कड़ाई करने का सुझाव सरकार को दिया।