संजय सिंह का संवैधानिक ज्ञान आम आदमी के स्तर से भी न्यून है – राजद महिला प्रकोष्ठ

117
0
SHARE

पटना – जदयू प्रवक्ता संजय सिंह द्वारा यह कहा जाना कि दलितों के नाम पर ढोंग रच रहे हैं तेजस्वी, उनके जवाब पर पलटवार करते हुए राजद महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा आभा लता एवं प्रवक्ता डाॅ0 उर्मिला कुमारी पाल ने कहा कि संजय सिंह की कितनी योग्यता है, मैं नहीं जानती, पर उनके ओछे बयान से इतना तो दावे के साथ कह सकती हूँ कि उनका संवैधानिक ज्ञान आम आदमी के स्तर से भी न्यून है। चूँकि महामहिम जैसे पद की गरिमा का भी ख्याल नहीं रखा जाता है। उस गरिमामयी पद के लिए भी दलित शब्द की मंशा से उपर नहीं उठ पाते हैं। दलित कोई संवैधानिक शब्द नहीं है। वैसे ही सोच पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को भी दलित शब्द का संबोधन किया गया है। जब राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री पद पर आसीन व्यक्ति भी दलित ही है तो यही बताने के लिए काफी है कि दलित के लिए कितना सम्मान है इनके दिल में।

उन्होंने कहा कि ज्ञान बघारने से अच्छा है कि स्वयं ही ज्ञान हासिल करें। अनुसूचित जातियां अब आपके सम्मान का भूखा नहीं, ज्ञान का भूखा है। अब वह श्रेष्ठ पद यू0पी0एस0सी0 जैसी गरिमामयी पद पर भी वो प्रथम और द्वितीय स्थान हासिल कर रहा है जिसे तुलसी दास जैसे व्यक्ति ने भी हिकारत की दृष्टि से देखा। कहीं संजय सिंह की तुलसीदास से भी श्रेष्ठ होने की लालसा तो नहीं। भविष्य में गरिमामयी पद को दलित कहकर लांछित न करें। आप जैसे लोगों से अपेक्षा नहीं की जा सकती। किसी गरिमामयी पद के लिए जाति सूचक शब्द का प्रयोग क्या संवैधानिक है। इनकी जुबान तो इतनी चलने लगी है कि अब ये आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी ओबीसी मुख्यमंत्री कहने से गुरेज नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि आप लालू जी और तेजस्वी प्रसाद यादव जी की बात करते हैं वो आपके तरह सम्मान बांटते नहीं, स्वाभिमान जगाते हैं। तेजस्वी के सामने आपका सोंच, चिंतन और कद बौना और ओछा है। लोकतांत्रिक परंपरा में स्वाभिमान और सम्मान समझने की जरूरत है। आप सम्मान बांटकर वोट लूटने की चाहत रखते हैं।