संजय सिंह ने बताया सुशील मोदी को बयानवीर

234
0
SHARE

पटना। जेडी(यू) मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद संजय सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा है कि लगता है सुशील मोदी बीजेपी के मार्गदर्शक बनने वाले हैं। 65 साल की उम्र को पार कर चुके सुशील मोदी अब उसी फेहरिस्त में शामिल हो रहे हैं। चूंकि बीजेपी आला कमान ने अक्सर सुशील मोदी को आइना दिखाने का काम किया है । बीजेपी ने पहले तो सुशील मोदी को बिहार में सीएम का उम्मीदवार नहीं बनाया फिर उन्हें राज्यसभा नहीं भेजा और तो और हर मौके पर सुशील मोदी को दरकिनार भी कर दिया जाता है ।

प्रकाश पर्व पर जब पीएम नरेंद्र मोदी पटना आये तो सुशील मोदी को टोके भी नहीं, साथ ही सुशील मोदी को यूपी चुनाव में प्रचार के लिए भी नहीं बुलाया गया। फिर भी सुशील मोदी खुद से मुंह मिंया मिट्ठू बनते हैं, कही भी उनकी पूछ नही होती है लेकिन बयान देने में ये आगे हो जाते हैं। ये बीजेपी के बयानवीर है ।

सुशील मोदी आजकल ठीकेदार की भूमिका में आ गए हैं। बिहार सरकार किस मद में किसको वेतन दे रही है ये बिहार सरकार का निहायत ही निजी मामला है। इसमें सुशील मोदी को क्यों फ़िक्र हो रही है। बिहार सरकार ने राज्य में शिक्षा आयोग गठित की है। यह आयोग प्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा को लेकर नीति का निर्धारण कर रहा है और रोड मैप तैयार कर रहा है। इसी रोड मैप के आधार पर शिक्षा विभाग काम करेगा। इससे शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए काम किया जा रहा है। शिक्षा विभाग की मंशा है कि विभाग से प्रधान सचिव, निदेशालयों के निदेशक से लेकर अधिकारियों का तबादला होता रहता है, इससे जो काम चल रहा होता है वह प्रभावित होता है। नये अधिकारी जब आते हैं तो उन्हें काम समझने में समय लगता है और जो काम पहले से चल रहा होता है, उसमें देरी होती है । शिक्षा आयोग के गठन होने से आयोग के गाइडेंस में जो काम चलेगा वह चलता रहेगा, तबादले के बाद आने वाले दूसरे अधिकारी भी उसी काम को आगे बढ़ायेंगे। फिलहाल विभाग को भी योजनाएं बनाने और उसे लागू करने का काम करना होता है। शिक्षा आयोग का गठन होने से योजनाओं का निर्धारण का काम उनका होगा और उसे इंप्लीमेंट शिक्षा विभाग करायेगा ।

बिहार में छात्रवृति योजना को पारदर्शी रखने के लिए एक राशि तय कर दी गई है ताकि सबको एक राशि मुहैया कराई जा सके । सुशील मोदी को यदि ये राशि कम लग रही है तो वो केंद्र सरकार से अपिल करें कि बिहार में छात्रवृति की राशि को बढाएं । लेकिन सुशील मोदी ऐसा नही करेंगे क्यों कि उनको बिहार के छात्रों से कोई लेना देना नही, उनको तो बस यहां की राजनीति से मतलब है। बिहार सरकार ने एससी –एसटी, पिछड़े, दलित, महादलित सबके लिए छात्रवृति की व्यवस्था कर रही है और साथ ही सवर्ण छात्रों के लिए भी छात्रवृति दी जा रही है । अब इन योजनाओं को लेकर सुशील मोदी के छाती पर सांप लोटने लगता है ।