संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों की सेवा में बढ़ोतरी

76
0
SHARE

पटना- मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय के विशेष सचिव उपेन्द्र नाथ पाण्डेय ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने 17 एजेंडों पर मुहर लगाई हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अन्तर्गत सारण जिलान्तर्गत मौजा-घेघटा, थाना नं०-295 के विभिन्न खाता एवं खेसरा के अन्तर्गत जयप्रकाश विश्वविद्यालय हेतु अधिग्रहित भूमि में से कुल रकबा-25.00 (पच्चीस) एकड़ (प्रपत्र-प्ए खाता-खेसरा संलग्न) भूमि चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना हेतु स्वास्थ्य विभाग को निःशुल्क अन्तर्विभागीय हस्तान्तरण की स्वीकृति, औरंगाबाद जिलान्तर्गत रफीगंज अंचल के मौजा-अरथुआ में थाना नं०-741, खाता सं०-239, खेसरा सं०-187, रकबा-7.50 एकड़ गैरमजरूआ आम परती कदीम भूमि अभियंत्रण महाविद्यालय की स्थापना हेतु विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, बिहार को निःशुल्क अन्तर्विभागीय हस्तान्तरण की स्वीकृति तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के ही तहत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-83 (पटना-गया-डोभी खण्ड) के चौड़ीकरण के क्रम में गया जिलान्तर्गत विभिन्न अंचलों के विभिन्न मौजा एवं थाना के विभिन्न खाता एवं खेसरा की कुल-4.125 हेक्टेयर (भूमि विवरणी संलग्न-परिशिष्ट) ‘‘यथास्थिति’’ में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार को निःशुल्क स्थायी हस्तान्तरण की स्वीकृति दी गई है।

नगर विकास एवं आवास विभाग के अन्तर्गत पंचम् राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में वित्तीय वर्ष 2017-18 के द्वितीय किस्त की राशि कुल 507.725 करोड़ (पाँच सौ सात करोड़ बहत्तर लाख पचास हजार रू०) मात्र तथा वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए कर्णांकित प्रथम किस्त की राशि 520.995 करोड़ (पाँच सौ बीस करोड़ निनानवे लाख पचास हजार रू०) मात्र अर्थात् कुल 1028.720 करोड़ (एक हजार अठाईस करोड़ बहत्तर लाख रू०) मात्र को वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट उपबंध की राशि में से राज्य के कार्यरत 141 नगर निकायों के बीच सहायक अनुदान के रूप में वितरित करने हेतु व्यय की स्वीकृति दी गई है।

उन्होंने बताया कि सूचना प्रावैधिकी विभाग के अन्तर्गत भारत सरकार के द्वारा स्वीकृत परियोजना के क्रियान्वयन हेतु बिहार सरकार के द्वारा के रूप में 1,15,82,000.00 (एक करोड़ पन्द्रह लाख बेरासी हजार) मात्र को वित्तीय वर्ष 2018-19 में भुगतान किये जाने हेतु बिहार राज्य आकस्मिकता निधि से अग्रिम की स्वीकृति दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत गुरू गोविन्द सिंह अनुमंडलीय अस्पताल, पटना सिटी को सदर अस्पताल में उत्क्रमित करते हुए गुरू गोविन्द सिंह सदर अस्पताल, पटना करने की स्वीकृति दी गई है। गृह विभाग के अन्तर्गत केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के द्रुत कार्य बल की वाहिनी की स्थापना हेतु वैशाली जिले के अंचल-राजापाकर में अधिग्रहित 28.99 1/4 एकड़ भूमि को बिहार खासमहल नीति की कंडिका-19 (लीज की अधिकतम अवधि 30 वर्ष) एवं बिहार वित्तीय नियमावली के नियम 441 एवं अनुसूची-15 (भूमि का बाजार मूल्य एवं पंजीकृत मूल्य प्राप्त करने) के प्रावधानों को क्षांत करते हुए 99 वर्ष की लीज पर 1/-रूपया टोकन राशि पर उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई है।

वित्त विभाग के अन्तर्गत बिहार वित्त नियमावली, 1950 मंे संशोधन की स्वीकृति दी गई है। तद्नुसार विदित हो कि वित्त विभागीय अधिसूचना 9230/वि0 दिनांक-27.11.2017 द्वारा बिहार वित्त नियमावली, 1950 के नियम-30 के उप नियम (गग) में 3 पर उपलब्ध सामग्रियों एवं सेवाओं की अधिप्राप्ति अनिवार्यतः सभी विभागों द्वारा आवष्यकतानुसार किये जाने से संबंधी प्रावधान था। विभिन्न विभागों द्वारा ळमड च्वतजंस से 50 हजार रूपये तक के कम मूल्यों की खरीद में समस्या प्रतिवेदित किये जाने के आलोक में बिहार वित्त नियमावली, 1950 के उपर्युक्त प्रावधान में निम्नलिखित परंतुक जोड़ा जायेगा। ‘‘परंतु कार्य हित में आवष्यकतानुसार 50 हजार रूपये तक की खरीद से बाहर के आपूर्तिकर्ता से किये जाने के संबंध में वित्त विभाग द्वारा आवष्यक मार्गदर्षन निर्गत किया जा सकेगा।

विशेष सचिव ने बताया कि पथ निर्माण विभाग के अन्तर्गत ‘‘वामपंथ उग्रवाद प्रभवित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क योजना के अन्तर्गत राज्य के पाँच जिले-औरंगाबाद, गया, जमुई, बाँका एवं मुजफ्फरपुर अन्तर्गत जिलावार/पथवार संलग्न विवरणी के अनुसार (परिशिष्ट) में कुल-864.916 कि०मी० लम्बाई में पथ निर्माण कार्य (पुल/पुलिया निर्माण 15 मी० लम्बाई तक सहित) एवं एक अदद पुल (लम्बाई 148.8 मी०) निर्माण कार्य, भू-अर्जन कार्य तथा 5ः की दर से प्रशासनिक निधि सहित 122883.00 लाख (बारह सौ अठाईस करोड़ तिरासी लाख) रूपये की अनुमानित लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति, पथ प्रमंडल, सीतामढ़ी अंतर्गत रसलपुर-बाजपट्टी-गाढ़ा पथ के कि०मी० 20.50 से कि०मी० 40.00 तक (कुल 19.50 कि०मी० पथांश लम्बाई) में चैड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य कुल 4938.39 लाख (उनचास करोड़ अड़तीस लाख उनचालीस हजार) रूपये की अनुमानित व्यय पर करने की प्रशासनिक स्वीकृति तथा पथ निर्माण विभाग के ही तहत नीति 2018 का अनुमोदन एवं इसे लागू करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। गृह विभाग (विशेष शाखा) के अन्तर्गत संकल्प ज्ञापांक-10228 दिनांक-28.11.2017 द्वारा प्रवृत्त वामपंथी उग्रवादियों के समर्पण – सह – पुनर्वासन से संबंधित नीति की कंडिका-5 में अंकित देय वित्तीय लाभ के पुनर्निधारण के संबंध में तथा गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के ही तहत रेल पी०पी० डिहरी आॅन-सोन को उत्क्रमित कर रेल थाना डिहरी-आॅन-सोन का सृजन एवं उसके संचालन हेतु अतिरिक्त-52 (बावन) पदों के सृजन की स्वीकृति की स्वीकृति प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि संसदीय कार्य विभाग षोडश बिहार विधान सभा के दशम्-सत्र तथा बिहार विधान परिषद् के 189वें सत्र (मानसून सत्र) के औपबंधिक कार्यक्रम की स्वीकृति दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अन्तर्गत राज्य आपदा रिस्पौस फोर्स की एक बटालियन में पूर्व से प्रावधानित 18 टीमों को मिलाकर कुल पचास (50) टीमों के गठन हेतु विभिन्न श्रेणी में अतिरिक्त पदों की स्वीकृति दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत नियमित चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदागत नियोजित चिकित्सकों की सेवा एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अन्तर्गत स्वीकृत पदों पर संविदा के आधार पर कार्यरत चिकित्सकों को नियमित चिकित्सकों के अधिकतम उम्र सीमा के अनुरूप (वित्त विभागीय अधिसूचना संख्या-6745 दिनांक-30.07.2015) 67 वर्ष तक प्राप्त करने हेतु सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प संख्या-2401 दिनांक-18.07.2007 द्वारा निर्धारित 65 वर्ष की अधिकतम सीमा संबंधी बंधेज को शिथिल करने एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अन्तर्गत संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों की अधिकतम सेवा 65 वर्ष से 67 वर्ष उनकी चारित्री एवं सत्यनिष्ठा के आधार पर विस्तारित करने की शक्ति राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के शासी निकाय को तत्समय प्रभावी प्रावधान के अनुसार किये जाने की स्वीकृति दी गई है तथा पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 में केन्द्रीय प्रायोजित स्कीम राष्ट्रीय पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत चालित बिहार पशु चिकित्सा परिषद् की स्थापना का पद सहित योजना का अवधि विस्तार की स्वीकृति तथा वर्ष 2017-18 के लिए घटनोत्तर स्वीकृति के साथ इसके स्थापना पर होने वाले व्यय राज्यांश शत्-प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा व्यय करने हेतु योजना की स्वीकृति दी गई है।