सदियों से चलता आ रहा अतिक्रमण आज हुआ मुक्त

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दिलीप कुमार

कैमूर – जिला के मोहनिया स्टुअर गंज बाजार में सदियों से चलते आ रहे अतिक्रमण को आज प्रशासन ने पूरी तरह से खाली कर दिया। जब पूरा अतिक्रमण खाली हो गया तो आज शहर देखने में बहुत अच्छा दिख रहा है। लोगों को आने जाने में बहुत आसान सा रास्ता दिख रहा है। रेलवे स्टेशन जाने वाला रास्ता अतिक्रमण से कराहता था। शहीद मार्केट होते हुए स्टूवर गंज बाजार का यह अतिक्रमण कई सालों से विवाद के घेरे में चलता था।

इस अतिक्रमण को लेकर पुलिस द्वारा गोली चलाने से लेकर समान फेंके जाने तक की घटना को अंजाम दिया गया। स्थानीय विधायक निरंजन राम ने भी अतिक्रमण को लेकर एक सवाल प्रशासन पर खड़ा कर दिया की बहू बेटियों को जाने में अतिक्रमणकारियों के द्वारा गलत नजरिए और छेड़खानी बोली बोलने तक की बात कह दी। जिसको देखते हुए कैमूर जिला के जिलाधिकारी के आदेश पर डीएसओ मोहनिया, एसडीएम, मोहनिया सीओ, और मोहनिया के पुलिसकर्मियों के साथ नगर पंचायत के अधिकारी के साथ-साथ कई विभाग के अधिकारियों के द्वारा मोहनिया शहर में अतिक्रमण को हटाया गया।

अतिक्रमण हटने से सब्जी लगाने वालों में भी प्रशासन के प्रति रोष सा नजर देखने में आया। मोहनिया शहर का अतिक्रमण इतना जबरदस्त हो गया था कि प्रशासन को जेसीबी लगाकर लोगों के छज्जे सहित कई को तोड़ना पड़ा। कैमूर जिला प्रशासन व शहरवासियों ने धन्यवाद दिया। इस अतिक्रमण से अगर निजात मिल जाती तो हम लोग को आने-जाने सुगम रास्ता हो जाता है। वहीं शहर में पढ़ने वाली छात्राओं ने भी जिलाधिकारी सहित सभी अधिकारियों को तहे दिल से धन्यवाद दिया है। उस रास्ते से हम लोग अपने घर भी जाते थे तो भी मुसीबतों का सामना करना पड़ता था।

मोहनिया शहर का स्टूवर गंज बाजार अतिक्रमण से घिरने के बाद चंद जनप्रतिनिधियों के राजनीतिक अवसरों का कारण बनता था। जिससे शहर की सुंदरता और उपद्रव तक होने की नौबत आ जाती थी। मोहनिया शहर में स्टूवर गंज बाजार का अतिक्रमण हमेशा के लिए समाप्त कर दिया जाए तो मोहनिया शहर की रूपरेखा और सुंदरता में चार चांद लग सकते हैं। कहीं ना कहीं मोहनिया में हुए विवादों के कारणों में से एक रखता है। लाखों रुपए की बनकर सब्जी मंडी नगर पंचायत के द्वारा तैयार है लेकिन वहां सब्जी लोग नहीं लगाते। सड़कों पर सब्जी लगाते हैं और सड़क पर सब्जी लगाकर पूरी तरह से सड़क को रोक दिया जाता है। वाहन तो वाहन पैदल के राहगीर भी शाम के टाइम पर उस रास्ते से गुजरना बाघा बॉर्डर पर जाने के समान समझते हैं।

आज प्रशासन के बदौलत उस रास्ते से फोर व्हीलर स्टेशन जा रहा है, टेंपू और ईरिक्शा से सवारी स्टेशन जा रहे हैं। शहरवासियों ने जिला कैमूर के अधिकारी नवल किशोर जी को धन्यवाद दिया है और इस अतिक्रमण को हटाने में तमाम अधिकारियों को धन्यवाद देता है। इस शहर से अतिक्रमण किसी भी कीमत पर मुक्त होना चाहिए और पुनः वहां अतिक्रमण न लगे इसके लिए स्थानीय प्रशासन जागी