सभी आवास गृहों की डीएम एसएसपी ने की संयुक्त जांच

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गया – जिलाधिकारी अभिषेक सिंह एवं वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा द्वारा आज जिले के सभी आवास गृहों का संबंधित पदाधिकारियों के साथ निरीक्षण किया गया। सर्वप्रथम रिमांड होम का निरीक्षण किया गया 159 बटालियन सीआरपीएफ कैंप के समीप अवस्थित रिमांड होम में आवासित सभी बच्चों का परेड कराया गया। परेड में 113 बच्चे उपस्थित पाए गएं, जबकि अधीक्षक द्वारा बताया गया कि 116 बच्चों की प्रविष्टि है। तीन बच्चों के संबंध में बताया गया कि एक बच्चा न्यायालय गया हुआ है एवं दो बच्चों के संबंध में बताया गया की वे छुट्टी लेकर गए हुए हैं।जेजेबी द्वारा छुट्टी दी जाती है। निरीक्षण के दौरान शौचालय, पेयजल, भोजन इत्यादि की जानकारी ली गयी। सभी पंजियों का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर काउंसलर प्रेरणा सहाय, सुपरिंटेंडेंट अरुण पासवान, गृह माता सुगंधा शर्मा, प्रोबेशनर गृह पिता नूर उल हक, गृह माता प्रियंका कुमारी इत्यादि उपस्थित थे।

जिलाधिकारी महोदय द्वारा बच्चों के दिनचर्या के संबंध में पूछे जाने पर अधीक्षक ने बताया कि सीआरपीएफ के द्वारा सुबह में फिजिकल ट्रेनिंग करायी जाती है। एक किशोर ने बताया कि उसकी जमानत हो गई है और उसका घर छत्तीसगढ़ है। लेकिन उसे यहां रखा गया है। अधीक्षक ने बताया कि इसके माता-पिता नहीं हैं तथा इसे कोई रखने को तैयार नहीं हो रहा है। जिलाधिकारी ने उसके अभिभावक का पता लगाने का निदेश दिया। एक किशोर के संबंध में बताया गया कि वह रिमांड होम में रहकर गणित से बीएससी कम्पलीट किया है। बच्चों से पूछने पर उन लोगों ने बताया कि 16 दिन पहले उन लोगों की चिकित्सीय जांच की गई थी और आज नाश्ता में चना खाने को मिला है। इसके उपरांत जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा मगध कॉलोनी रोड नंबर 5 अवस्थित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया गया, जिसमें 22 वृद्ध आवासित पाए गए। उनसे उनके भोजन एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में पूछा गया।

पटना के ड़ोर्ड द्वारा संचालित बाल गृह (डंडी) के निरीक्षण में 22 बच्चे आवासित पाए गएं। बालगृह के अधीक्षक दिनेश ने बताया कि हाल ही में उन्होंने 64 बच्चों को पुनर्वासित कराया है। उन्होंने बताया कि आवासित सभी 22 बच्चों का हेल्थ कार्ड दो महीना पहले बनवाया गया है। इस केंद्र पर सीसीटीवी लगा हुआ नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रतिनियुक्त दो शिक्षिका नियमित रुप से नहीं आ रही हैं। मुस्तफाबाद अवस्थित यह बालगृह राज्य बाल संरक्षण समिति, बिहार के द्वारा संचालित करवाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने सभी बच्चों का अपडेट सूची प्रतिदिन व्हाईट बोर्ड पर अंकित करके रखने का निर्देश दिया साथ ही इसी माह इसे नए भवन में शिफ्ट करवाने का निदेश दिया।

इसके उपरांत जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा अल्पावास गृह का निरीक्षण किया गया, जहां घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को पुनर्वासित करने तक रखा जाता है। इसमें 5 सीसीटीवी कैमरा लगा पाया गया। निरीक्षण में यहां 21 महिलाएं पायी गयीं। अल्पावास गृह के अधीक्षक द्वारा बताया गया कि 3 महीने के बाद यदि उनका पुनर्वास नहीं होता है तब पुनः आवासित महिला का रिनुअल कराया जाता है। अल्पावास गृह मानव सेवा आश्रम संस्था द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसके सचिव सुरेश कुमार सिंह हैं। उन्होंने बताया कि यहां कंप्लेन बॉक्स लगाया गया है, जिसे कालांतर पर महिला हेल्पलाइन की पदाधिकारी द्वारा खोला जाता है। यह गृह निजी भवन में किराए पर संचालित पाया गया।

इसके उपरांत विशिष्ट दत्तक ग्रहण केंद्र, दक्षिणी लक्खीबाग, मानपुर का निरीक्षण किया गया, जिसे एबीएस संस्था द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसमें 21 छोटे-छोटे बच्चों को आवासित पाया गया। दो बच्चे एक से डेढ़ साल के पाए गए। यहां निरीक्षण के दौरान कई बच्चे मानसिक बीमारी से ग्रस्त पाए गए।

जिलाधिकारी ने इन्हें नियमित रूप से मानपुर सेंटर पर इलाज हेतु ले जाने का निदेश दिया। केंद्र के बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा नहीं पाया गया। सिविल सर्जन को इन सभी बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने का निदेश दिया गया।

इसके उपरांत बोधगया अवस्थित सेवा कुटीर का निरीक्षण किया गया। वहां के अधीक्षक ने बताया कि आज ही सेवा कुटीर में आवासित भिक्षुक गण एवं शांति कुटीर में आवासित महिला भिक्षुणी को पटना शिफ्ट किया जा रहा है। यह दोनों आवास गृह आज से बंद किया जा रहा है।

बोधगया अवस्थित बालिका आवास गृह के निरीक्षण में पाया गया कि वर्तमान में यहां 3 बच्चियां रह रही हैं। मकान को मानक के अनुरुप नहीं पाया गया। हलाकि अधीक्षिका अमृता कुमारी ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर मकान को दुरुस्त करा लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस भवन को बालिका आवास गृह के लिए अनुपयुक्त माना और इससे संबंधित प्रतिवेदन प्रेषित करने का निर्देश प्रभारी सहायक निदेशक को दिया गया।

भ्रमण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सदर सूरज कुमार सिन्हा, पुलिस उपाधीक्षक नगर राजकुमार साह, जिला गोपनीय शाखा के विशेष कार्य पदाधिकारी सुभाष नारायण जिला प्रोग्राम पदाधिकारी सह प्रभारी सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग मोहम्मद कबीर साथ में थे।