सरकारी दावे की खुली पोल, गांव में बिजली के खंभे तक नहीं

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गया – केंद्र सरकार ने दावा किया है कि अब देश के सभी गांवों में बिजली पहुंच चुकी है. पीएम मोदी ने खुद इसकी घोषणा की है. जब इन गांवों में बिजली के खंभे हीं नहीं पहुंचा तो बिजली कैसी, गांव के सबसे बुजुर्ग ने कहा कि आजादी के समय से हीं इस गांव में बिजली नहीं है. इस गांव की जमीनी हकीकत देखने के बाद आप भी कहेंगे कि विकास की लम्बी चौड़ी फाइलों में हीं बिजली पहुंची है और रौशन भी विकास हीं हुआ है. 

नए साल की नई झूठ, सरकारी दावे की पोल सामने आया है बिहार सरकार और केंद्र सरकार को मुँह चिढ़ाने के लिए यह गांव काफी है. गया जिला मुख्यालय से महज 30 km दूर यह मोहनिया गांव मोहनपुर प्रखंड का है, इस गांव की आबादी करीब 1500 है लेकिन 1947 के बाद इस गांव में कभी बिजली आयी हीं नहीं है. ऐसा नहीं है कि बिजली से गांव रौशन नहीं हुआ हो लेकिन हर घर बिजली पहुंचाने का दावा फेल है. सरकारी कागजों में इस गांव के हर घर में बिजली पहुंच चुकी है क्योंकि बिहार सरकार और केंद्र सरकार के रिकॉर्ड के मुताबिक बिहार के सभी गांवों में सौभाग्य योजना के तहत बिजली अक्टूबर 2018 में ही पहुंच चुकी है. लेकिन सरकारी दावों से अलग इस गांव की तस्वीर बहुत कुछ बया करती है.

इस गांव की स्थिति यह है कि रात के अँधेरे में बच्चे ढिबरी जला कर पढ़ने को मजबूर है खेती भी होती है वह भी वर्षा और डीजल पम्पसेट पर निर्भर है. जब पूरे गांव में देखा तो एक के घर के बाहर बिजली का ट्रांसफार्मर रखा था जब पूछा गया कि कब से रखा है तो बताया कि 3 दिन पहले बिजली विभाग के लोग गांव में आये थे और ट्रांसफार्मर रख कर चले गए.