सलाखों में कैद रहने के बावजूद मेरा जनाधार किसी से कम नहीं : आनंद मोहन

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मुकेश कुमार सिंह

सहरसा – मंडल कारा में गोपालगंज के डीएम जी कृष्णिया हत्याकांड में आजीवन उम्र कैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन ने आज कोर्ट पेशी के दौरान कहा कि लवली आनंद शिवहर से ही चुनाव लड़ेंगी,वो शिवहर लड़ती रही है। शिवहर हमारी कर्मभूमि रही है, लवली आनंद, जब से मैं जेल में हूँ वहां की जनसमस्याओं को लेकर सड़क पर उतरती रही है, कोई कम आँक करके शिवहर के जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ करेगा, तो मैं डंके की चोट पर कह रहा हूँ, इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। कोसी में, वैशाली, बक्सर, पूर्णिया और बिहार के लगभग सभी सीटों पर नुकसान झेलना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि हम फुटबॉल नहीं जो कोई हमे कॉर्नर कर दे, बिहार के किसी भी कोने से लवली आनंद जीत सकती है। एक दो दिन में शिवहर का फैसला हो जाएगा, दुर्भाग्य से हमारा जनाधार चुनिंदे लोगों और दल को छोड़ दिया जाए तो जो छुटभैये लोग 2,4,5 टिकटों की मांग करते है। बिहार में उन सबों से विगत 12 वर्षों से लौह सलाखों में कैद रहने के बावजूद आनंद मोहन का जनाधार किसी से कम नहीं है।

देश में आज मुद्दाविहीन और संघर्षविहीन राजनीति का परिणाम है कि कुछ लोग धर्म आधारित, धार्मिक उन्माद की राजनीति कर रहे हैं और कुछ लोग जातीय उन्माद की राजनीति करते हैं। ऐसे सियासतदानों के लिए चंद पंक्ति में कहा कि विश्वव्यापी राम को एक वृत में न डालिए, निर्विवाद सत्य को असत्य से निकालिए, राम जन्मभूमि को तो राम ही संभालेंगे, हो सके तो आप मातृभूमि को संभालिए।

उन्होंने आगे कहा कि पैसे पर टिकटों का बंटवारा ये बहुत ही खेदजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। जमीनी कार्यकर्ता जमीन पर पड़े रहते है, संघर्षशील नेता छूट जाते हैं और धनपशु आते है टिकटे खरीदकर ले जाते हैं। ये किसी एक दल के साथ नहीं हो रहा है, प्रमाणिकता के साथ कह सकता हूँ। वैशाली में वही हुआ, शिवहर अगर कहीं से कोई प्रश्न चिन्ह खड़ा हुआ है तो सिर्फ और सिर्फ पैसे के कारण। पूर्णिया और मोतिहारी में वही खेल हो रहा है। तीन चार सीटों के बारे में मैं कन्फर्म हूँ और दुनिया जानती है कि वहाँ पैसों का गंदा खेल हो रहा है ये बिल्कुल गलत है।