सशस्त्र सीमा बल के तत्वाधान में मानव तस्करी के विरुद्ध कार्यक्रम का हुआ आयोजन

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आदित्यानंद आर्य की रिपोर्ट

सीतामढ़ी बिहार के सीतामढ़ी जिला के भारत नेपाल सीमा स्थित सोनबरसा प्रखंड स्थित नंदीपत जीतू अंतरवर्ती महाविद्यालय परिसर में शनिवार को सशस्त्र सीमाबल पटना द्वारा मानव तस्करी के विरुद्ध कार्यक्रम का आयोजन किया गया, साथ ही कौशल विकास योजना का शुभारंभ भी किया गया। एसएसबी के महानिदेशक अर्चना रामासुंदरम, बिहार सरकार के ऊर्जा व मध निषेध उत्पाद व निबंधन मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, समाजिक कल्याण मंत्री कुमारी मंजू बर्मा, सांसद राम कुमार शर्मा, नेपाल के डीआईजी नरेंद्र प्रसाद सिंह, विधायक रंजू गीता, गायत्री देवी, आईजी चंचल शेखर,जिलापरिषद अध्यक्ष उमा देवी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में स्कूली बच्चों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। जिसके बाद नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मानव तस्करी के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में एसएसबी के महानिदेशक अर्चना रामासुंदरम ने कहा कि देश मे हो रहे मानव तस्करी पर लोगो के बीच,खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह का जागरूकता अभियान एसएसबी द्वारा चलाया जा रहा है। एनजीओ व ग्रामीणों का भी मानव तस्करी के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में साथ मिल रहा है। डीजी ने सभी उपस्थित मंत्री, विधायक, सिस्टर एलिस सहित सभी गणमान्य का अभिनंदन करने के साथ ही बताया कि 1963 में सशस्त्र बल का गठन किया गया, कारगिल युद्ध के वक्त वर्ष 2001 में नेपाल व भूटान की सीमा पर एसएसबी को पदास्थापित किया गया।
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उन्होंने कहा कि सीबीआई व क्राइम ब्रांच में रहते हुए भी मानव तस्करी के विरुद्ध कार्य की,परन्तु एसएसबी में आने के बाद इस कार्य को विस्तार रूप देकर सम्पूर्ण रूप से मानव तस्करी का खात्मा करने के अभियान को द्रुत गति देने की तरफ अग्रसर हुई। कहा कि भारत नेपाल के लोगो के बीच बेटी रोटी का सम्बंध है, नेपाल भारत का बेहद ही प्रिये मित्र है, और मानव तस्करी का दंश दोनों देश के नागरिक को झेलना पड़ता है।
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इसलिए इस तस्करी को रोकने में आम जनता का सहयोग बेहद ही अहम होगा, साथ ही उन्होंने कहा कि कौशल विकास योजना का लाभ जवानों के बच्चों के साथ ही आम वर्ग के बच्चों को भी उस योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक, नृत्य संगीत व कला की जम कर प्रशंसा की। वही मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र चौधरी व विधायक गायत्री देवी ने एसएसबी द्वारा मानव तस्करी के खिलाफ आयोजित कार्यक्रम की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार एसएसबी के साथ इस कार्यक्रम में खड़ी है। उन्होंने कहा कि बिहार में सभी के सहयोग से अपराध कम हुआ है, साथ ही शराब बंदी से बिहार में अमन पसन्द लोगो को भारी राहत मिली है। सांसद शर्मा ने जहां एसएसबी के कार्यक्रम व प्रयास की जम कर तारीफ की वहीं बिहार सरकार की मंत्री मंजू बर्मा की भाषणों पर सभी की निगाहें मंच पर ही ठहर सी गई।

मंत्री ने कहा कि यहां महिलामंत्री, डीजी, विधायक व पूर्व मंत्री सभी उपस्थित हैं, और मंत्री के साथ हम सभी एक मां भी हैं। बच्चा अमीर, मंत्री का खोए या गरीबो का हर मां को दर्द बराबर होता है। कारण पद ओहदे में आप बड़ा छोटा कर सकते हो परन्तु मां की ममता को आप छोटा बड़ा नही कर सकते। पुत्र खोने पर जितना मां का कलेजा मंत्रियों के आंगन में फटता है। उतना ही एक गरीब के आंगन में भी मां का कलेजा फटता है। इसलिए आइए हम सभी मिल कर मानव तस्करी पर रोक लगाएं ताकि किसी मां को अपना पुत्र ना खोना पड़े।

सिस्टर एलिसा ने उपस्थित बिहार सरकार के मंत्रियों को इंगित कर कहा कि यदि मंत्री का शत प्रतिशत सहयोग हो तो हर हाल में वादा करती हूं कि मानव तस्करी पर विराम लग जायेगा। पूर्व मंत्री व बाजपट्टी विधायक डॉ रंजू गीता ने भी एसएसबी की सराहना की और कहा कि भारत और नेपाल के क्षेत्रों से मानव तस्करी का खात्मा हर हाल में हो कर रहेगा।

वहीं वैसे बच्चे जो मानव तस्करी की भेंट चढ़ गए थे। जिन्हें एसएसबी व अन्य संस्था तथा ग्रामीणों के सहयोग से मुक्त कराया गया उसे एक नई जीवन जीने की कला सिखाते हुए वैसे दस बच्चो को साईकिल देकर उनके हौशला को बढ़ाया गया। जबकि 5 दिव्यांग बच्चो को जिसमे पड़ोसी देश नेपाल के बच्चे भी शामिल है, उन्हें ट्राईसाईकिल दिया गया। ट्राईसाईकिल प्राप्त करने वालो बच्चो में डुमरा के अंगूरी खातुन, सुप्पी के प्रभात कुमार, नेपाल जलेश्वर की गुड़िया कुमारी,रंजीता व ललिता कुमारी शामिल है। वही सीमावर्ती क्षेत्र के पांच विद्यालय मनिथर पुर, कन्हमा, रक्सौल, राजनगर व डुमरी स्कूल के बच्चों को शील्ड व फुटबॉल प्रदान किये गए। वहीं प्रिंटिंग विजेता को भी पुरस्कृत किया गया। वही दूसरी तरफ सभी अतिथियों को एसएसबी के द्वारा शील्ड , प्रतीक चिन्ह भेंट की गई। वही नेपाल के डीआईजी द्वारा एसएसबी महानिदेशक को नेपाल का प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया।

मानव तस्करी रोक थाम जागरूकता अभियान को लेकर एसएसबी ने दो जागरूकता बस को सीमावर्ती क्षेत्र में रवाना किया। एसएसबी के डीजी, मंत्री, सांसद, बिधायक, आईजी, डीआईजी ने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। बस में रखे गए प्रोजेक्टर के माध्यम से 20-20 मिनट का फ़िल्म दिखा कर सीमावर्ती क्षेत्र के लोगो मे मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता फैलाई जाएगी। कार्यक्रम में प्रिंटिंग स्टॉल व जीविका आशा आंगनबाड़ी द्वारा विभिन्न तरह का स्टॉल लगाया गया था। सभी जगह जागरूकता कैसे आएगी इस पर समझाया जा रहा था ।

मौके पर-डीआईजी सुधीर वर्मा, संजय कुमार, एसएस पाटा, जेडी वशिष्ठ, कमांडेंट नवीन कुमार, सहायक कमांडेंट लोकेश कुमार, कन्स्पेक्टर जितेंद्र मिश्रा, स्थानीय इंचार्ज मान सिंह सहित एसएसबी के कई अधिकारी पदाधिकारी मौजूद थे। जबकि जनप्रतिनिधियो में पूर्व विधायक रामनरेश यादव सहित सैकड़ो लोग मौजूद थे ।