सांप्रदायिक सौहाद्र बनाये रखने के लिए प्रशासन ने निकाली सद्भावना यात्रा

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मुंगेर – शहर में सांप्रदायिक सौहाद्र बनाने एवं अमन-चैन का पैगाम देने हेतु पुलिस नियंत्रण कक्ष से मुंगेर पुलिस एवं जिला प्रशासन के नेतृत्व में एक सद्भावना यात्रा का आयोजन किया गया। प्रशासन ने लोगों से अपील करते हुए यात्रा में शामिल होकर शान्ति और भाईचारे का संदेश दिया। एसपी और डीएम के नेतृत्व में निकाली गई यह यात्रा।

मुंगेर के सभी शान्ति प्रिय नागरिकों को यात्रा में शामिल होने तथा शहर में शांति कायम करने का संदेश दिया गया। साथ ही शहर में शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों का पहचान कर पुलिस एवं प्रशासन को सहयोग करने के लिए कहा गया। प्रशासन द्वारा अफवाहों पर भरोसा न करने तथा अफवाहों को ना फैलाने के लिए कहा गया। प्रशासन ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों की सूचना पुलिस को दें। मुंगेर की गंगा-जमुनी तहजीब जिसको पूरे देश में मिशाल की तरह पेश किया जाता है उसको बनाये रखें।

सद्भावना रैली में मुंगेर जिला पदाधिकारी उदय कुमार सिंह, मुंगेर SP आशीष भारती, एसडीओ कुंदन कुमार, डीडीसी, ATM, डीटीओ के अलावे भाजपा के जिला अध्यक्ष लालमोहन गुप्ता, राजद के जिलाध्यक्ष प्रमोद यादव, जदयू के जिलाध्यक्ष संतोष साहनी, सामाजिक कार्यकर्ता जदयू नेता प्रीतम सिंह, गुड्डू राय, पूर्व विधायक अनंत कुमार सत्यार्थी, भाजपा नेता प्रणव कुमार यादव, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य सहित शहर के गणमान्य लोग शामिल थे।

रैली में विशेषकर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा हिंदू-मुस्लिम एकता जिंदाबाद, हिंदू-मुस्लिम आपस में है भाई-भाई के नारे लगाते हुए तख्ती लेकर शामिल थे। मॉडल उच्च विद्यालय, कन्या उच्च विद्यालय सहित आधा दर्जन से अधिक विद्यालय के बच्चों ने भी रैली में शामिल होकर लोगों को शांति और एकता भाईचारे बनाने का संदेश देते हुए मुंगेर के प्रमुख चौक चौराहों से होते हुए शहर का भ्रमण किया। रैली में सभी लोग हिंदू-मुस्लिम, सिख-इसाई आपस में है भाई-भाई का नारा लगाते चल रहे थे। खुद मुंगेर के एसपी और डीएम भी लोगों को एक सूत्र में बांधने के लिए निवेदन करते हुए आगे बढ़ रहे थे।

प्रशासन के इस पहल का मुंगेर के लोगों ने भी स्वागत किया। 3 दिनों तक इस तरह मुंगेर तनाव में रहा उसके बाद अब यह रैली साबित करती है कि मुंगेर में सब कुछ शांत हो गया है और अमन-चैन बहाल हो गया है। अब यह मुंगेर वासियों पर निर्भर करता है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अगर अफवाह आता है तो सीधे प्रशासन को सूचित करें।