सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अन्तर्गत सभी पेंशनधारियों के पेंशन राशि को लेकर जिलाधिकारी ने दिया निर्देश

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पटना – जिलाधिकारी कुमार रवि ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अन्तर्गत सभी पेंशनधारियों को पेंशन राशि का भुगतान डी0बी0टी0 के माध्यम से उनके बैंक खाते में किया जा रहा है। 3 लाख 12 हजार पेंशनधारी को माह मार्च, 2018 तक (अद्यतन) भुगतान कर दिया गया है तथा 41,031(इकतालीस हज़ार इकतीस) पेंशनधारियों के पेंशन का भुगतान त्रुटि रहने के कारण नहीं हो पाया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि पेंशन भुगतान नहीं होने के संबंध में कई बातें प्रकाश में आयी हैं, जो यथावत् हैः- जिन पेंशनधारियों का नाम डिजिटाईज हुआ है उनमें भी 2412 पेंशनधारी का बैंक खाता नहीं खुला है एवं यदि बैंक खाता खुला भी है तो उनका बैंक खाता वेबसाईट पर अपलोड नहीं है। 14,727 डिजिटाईज खाता अभी तक पी0एफ0एम0एस0 द्वारा स्वीकृत नहीं किया गया है तथा पी0एफ0एम0एस0 द्वारा खाता संख्या में त्रुटि होने पर कारण सहित ई-लाभार्थी पोेर्टल पर त्रुटि अंकित किया जाता है, जिसे निराकरण कर पुनः वेबसाईट पर अपलोड किया जा रहा है ताकि पी0एफ0एम0एस0 द्वारा खाता स्वीकृत हो और उसमें पेंशन का भुगतान किया जा सके।

उन्होंने बताया कि सभी पी0एफ0एम0एस0 स्वीकृत खाता को प्रखंड द्वारा लाॅक्ड किया जाना है। अभी भी 3 लाख 36 हजार स्वीकृत खातों के विरूद्ध मात्र 3 लाख 26 हजार खाता को ही प्रखंड द्वारा लाॅक्ड किया गया है। प्रखंड द्वारा लाॅक्ड नहीं करने के कारण लगभग 10000 खाता में पेंशन का भुगतान नहीं हो पाया है। जिलाधिकारी ने सहायक निदेशक समाजिक सुरक्षा को निर्देश दिया कि छूटे/भुगतान नहीं मिल रहे पुराने पेंशनधारियों के लिए प्रखंड स्तर पर दिनांक 25.04.2018 से पेंशन शिविर लगा हुआ है, जिसे 05.05.2018 तक अंतिम रूप से शिविर को बढ़ाया जाय। उक्त शिविर में छूटे हुए पेंशनधारियों से आवश्यक कागजात प्राप्त करते हुए ई-लाभार्थी पोर्टल पर डाटा डिजिटाईज किया जाय एवं उक्त कागजात को अभिलेख के रूप में संधारित किया जाय। प्रत्येक प्रखंड में उक्त अवधि के लिए पंचायत/पंचायत समूहवार रोस्टर निर्धारित किया जाए ताकि कोई भी मामला छूटने न पाये।

जिलाधिकारी ने सहायक निदेशक समाजिक सुरक्षा को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिविर में इन्टरनेट सुविधा युक्त कम से कम चार कम्प्यूटर सेट (आॅपरेटर सहित) की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शिविर में आधार पंजीकरण हेतु अधिकृत आधार एजेंसी का एक काउन्टर लगाएं, जिसमें छूटे हुए पेंशनधारियों का आधार कार्ड बनाया एवं उसमें संशोधन किया जाए। साथ ही वैसे पेंशनधारी जिनका आधार नहीं है, उनका आधार पंजीकरण कर Enrollment ID को ई-लाभार्थी पोर्टल पर अपलोड किया जाय।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार शिविर में छूटे हुये पेंशनधारियों का बैंक खाता खुलवाने हेतु कम से कम एक काउन्टर प्रखंड स्तर पर लगाने की व्यवस्था की जाए। छूटे हुए/भुगतान नहीं मिल रहे पुराने पेंशनधारियों को अपने दावा के समर्थन में सभी आवश्यक प्रमाणक यथा – पेंशन पासबुक अथवा स्वीकृत्यादेश की प्रति/अथवा पूर्व में पेंशन प्राप्त होने का कोई अन्य प्रमाणिक साक्ष्य तथा पेंशन प्राप्त करने हेतु बैंक खाता पासबुक की छायाप्रति जिसमें नाम एवं बैंक खाता संख्या स्पष्ट अंकित हो। इसके साथ आधार कार्ड अथवा कोई अन्य प्रमाणित परिचय पत्र रहना आवश्यक है। जिनके पास आधार कार्ड अथवा बैंक खाता नहीं हो तो उनका शिविर में ही आधार कार्ड बनवाया जाए एवं खाता खुलवाया जाए।

उन्होंने सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोे निर्देश दिया कि प्रमाणक के आधार पर ई-लाभार्थी पोर्टल/भुगतान पंजी से जाँच कर ली जाए। सत्यापित योग्य पेंशनधारी का डाटा यदि ई-लाभार्थी पोर्टल पर अपलोड नहीं है, तो वैसे पेंशनधारियों का डाटा तत्काल ई-लाभार्थी पर अपलोड कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि छुटे हुए पेंशन धारी को पेंशन प्राप्त हो सके।