‘साहेब’ के साथ पत्रकार का हत्यारा – पुलिस फाइल में फरार कैफ

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शहाबुद्दीन की रिहाई के समय भागलपुर में पत्रकार राजदेव रंजन के हत्या के अभियुक्त बंटी उर्फ मोहम्मद कैफ को देखा गया। इस पर जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पत्रकार की हत्या में उनकी पत्नी ने किसी का नाम नहीं दिया था लेकिन पुलिस ने मुख्य हत्यारे को पकड़ कर जेल में बंद किया और पुलिस के अनुसंधान में कैफ का नाम आया जिसकी पुलिस को तलाश थी। शहाबुद्दीन के रिहाई के समय काफी भीड़ थी। उस वक्त पुलिस कार्रवाई नहीं कर सकी। शहाबुद्दीन की रिहाई के समय कैफ को देखा गया यह सही है। पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या की जाँच मुख्यमंत्री ने 72 घंटे में सीबीआई से कराने के लिए अनुशंसा कर दी थी।

सिवान के पूर्व सांसद सहाबुद्दीन के जेल से छूटने के बाद से बिहार की राजनीती ने नया मोड़ सा ले लिया है। आज जब सिवान के एसपी सौरभ कुमार साह से बात की गई और पूछा गया कि क्या मोहम्मद शहाबुद्दीन को जेल भेजने की तयारी प्रशासन कर रही है तो उन्होंने बताया कि न्यायालय ने जिस शर्त पर जमानत दी होगी उसके अनुपालन पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं उनके साथ भागलपुर से सिवान तक साथ में रहे शार्प शूटर मोहम्मद कैफ उर्फ बंटी की गिरफ्तारी को लेकर बात की गई तो उनका कहना था कि फोटो में देखने को मिला है। छापेमारी चल रही है, बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा। वहीं एसपी ने यह भी कहा कि बेल कंडीशन पर पर्याप्त ग्राउंड पाए जाएंगे तो हमलोग जरूर जेल भेजेंगे।

जेल से रिहा होने के बाद बाहुबली नेता शहाबुद्दीन लगातार नीतीश कुमार पर हमले कर रहा है। इस बार सीसीए लगाने के मुद्दे पर शहाबुद्दीन ने नीतीश कुमार को निशाने पर लिया है। दरअसल, सोमवार को बीजेपी नेताओं ने राज्यपाल रामनाथ कोविंद को ज्ञापन देकर शहाबुद्दीन पर अपराध नियंत्रण कानून यानी सीसीए लगाने की मांग की थी जिसको लेकर शहाबुद्दीन लगातार जेडीयू पर हमलावर है।

इस बीच बिहार में जेडीयू और आरजेडी की टेंशन में कांग्रेस की भी एंट्री हो गई है।कांग्रेस अब खुलकर नीतीश के समर्थन में आ गई है।

अशोक चौधरी के मुताबिक आरजेडी के लोग बार-बार कह रहे हैं कि गठबंधन में रहना है लेकिन उसके साथ ही नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा भी खोल रखा है। दोनों चीजें एक साथ संभव नहीं है।