सिनेमा एक इंटरप्राइजेज वर्क है : घोष

704
0
SHARE

बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड के फिल्म क्लब द्वारा आयोजित सिने संवाद का आगाज बहुत ही सकारात्मक प्रतीत हुआ|  सिने संवाद की पहली कड़ी का विषय  “भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा और फिल्म सोसाइटी” था | इस विषय पर खास तौर से आमंत्रित थे जमशेदपुर फिल्म सोसाइटी के अमिताभ घोष| श्री घोष ने कहा की  फिल्म सोसाइटी की भूमिका देश दुनियां के विविध संस्कृतियों से परिचय करना रहा है | सवाल ये आता है कि सिनेमा क्या है ? मैं समझता हूँ की सिनेमा एक किताबी कहानी है | उन्होंने यह भी कहा कि सिनेमा बजट से पहले जूनून से बनता है | जूनून है तो आप किसी भी तरह सिनेमा बना ही लेंगे |  क्योकि सिनेमा एक इंटरप्राइजेज  वर्क है | मतलब उससे जुड़े हर आवश्यक सामग्रियों को जुटाना सिर्फ और सिर्फ आपका काम है |  चाहे वह मामला धन का हो या दर्शक वर्ग का |  फिल्म सोसाइटी की प्राथमिकतायें  यही रही  है कि ऐसे जीवट फिल्मकारों के फिल्मों का अवलोकन करना |  सत्यजीत राय, मृणाल सेन, मणि कौल, बुद्धदेव दास गुप्त, अदूर गोपाल कृष्णन, गौतम घोष, अपर्णा सेन,  जहानु बरुआ जैसे नाम इस देश में ऐसे उदाहरण हैं |  हमारे यहाँ एक मूल समस्या रही है कि छोटे शहर के लोग सिनेमा के कैनवास से वंचित रह जाते हैं | बहुत हद तक फिल्म सोसाइटी की भूमिका इस मायने में सार्थक रहा है |

श्री घोष ने यह भी कहा कि बिहार फिल्म निगम द्वारा किये जा रहे ऐसे प्रयास बहुत ही सराहनीय है | मेरा सुझाव होगा कि इसी  प्रयास की  कड़ी में कुछ बुनियादी कार्यशालाएं आयोजित हो| जैसे पटकथा कार्यशाला, लघु फिल्म निर्माण प्रतियोगिता आदि|  लोगों को कोई भी छोटी सी कविता दे दें और उनसे कहें कि वे उस पर एक लघु फिल्म निर्माण की कल्पना करें|  इससे सिनेमाई वातावरण को बनाने में मदद मिलेगी |

सिने संवाद की इस कड़ी की अध्यक्षता सिनेयात्रा के अध्यक्ष एवं सिने सोसाइटी के मुख्य सलाहकार आर. एन. दास ने किया| जबकि श्री घोष सहित उपस्थित तमाम सिने प्रेमियों का स्वागत फिल्म निगम के प्रबंध निदेशक गंगा कुमार ने किया|  सिने संवाद का संचालन युवा फिल्मकार रविराज पटेल किया | इसके पूर्व श्री गंगा कुमार ने मिथला पेंटिंग चित्रित अंगवस्त्रम से श्री घोष को सम्मानित भी किया |

मौके पर  पद्मश्री डॉ. उषा किरण खान, फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम, प्रियंका चोपड़ा के सचिव चाँद मिश्र,  कला समीक्षक विनय कुमार, निगम के महाप्रबंधक डी.के. सिंह, फिल्मकार राजेश राज, वरिष्ठ रंगकर्मी सुमन कुमार, कला महाविद्यालय के प्रो. अजय पाण्डेय आदि मौजूद थे |