सीधे समाज को संबोधित करती है फिल्म गुटरू गुटरगुं : शिवचंद्र राम

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बिहार में पहली बार फीचर फिल्म  गुटरू गुटरगुं दिखलाई गई | राजधानी स्थित  बिहार ललित कला अकादमी के बहुदेश्शीय  सांस्कृतिक परिसर में फिल्म प्रोडक्शन साईं फ्लिक्स  की ओर से विशेष प्रदर्शन  की वयवस्था की गई थी |  समारोह के मुख्य अतिथि कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री शिवचन्द्र राम ने कहा कि इस फिल्म को बिहार की बेटी अस्मिता शर्मा ने बनाया है, जो इस फिल्म के मुख्य अभिनेत्री भी हैं | मैं उन्हें शुभकामनायें और बधाई देता हूँ |  फिल्म की सराहना करते हुए श्री राम ने कहा कि ऐसे विषय पर फिल्म बनाना अपने आप में एक सराहनीय कदम है | सिनेमा के क्षेत्र में भी बिहार अव्वल होगा ऐसा मेरा  विश्वास है | राज्य सरकार बहुत जल्द फिल्म प्रोत्साहन नीति लाने जा रही है, जिसके माध्यम से बिहार के सकारात्मक पृष्ठभूमि पर फिल्म निर्माण करने वाले फिल्मकारों को  आर्थिक अनुदान के साथ साथ सम्मानित करने की भी योजना है | गुटरू गुटरगुं फिल्म सीधे समाज को संबोधित करती है | उम्मीद करता करता हूँ दर्शकों को भी बेहद पसंद आएगी |

मौके पर फिल्म के निर्मात्री, लेखिका एवं मुख्य अभिनेत्री अस्मिता शर्मा ने कहा कि मेरा घर बिहार के जहानाबाद जिले में पंडुई गाँव है | एक दशक पूर्व मैंने पटना में भी खूब रंगमंच किया है | पढाई-लिखाई के बाद मुंबई गई और प्रतिज्ञा, बालिका बधू जैसे चर्चित धारावाहिकों में कई वर्षों तक अभिनय किया | घर-गाँव से जुड़े रहने के कारण मेरे मन में एक कहानी चल रही थी, जो महिलाओं के सत्य समस्याओं पर आधारित है | गांवों में महिलाओं के लिए शौच की समस्या के माध्यम से फिल्म अपनी बात कहती है |  फिल्म देश के कई चर्चित एवं प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सवों में प्रतिष्ठित हो चुकी है | अस्मिता ने यह कहा कि फिल्म अभी रिलीज नहीं है | मैं उन्हें भी आमंत्रित करती हूँ जो इस फिल्म साथ किसी भी रूप में जुड़ना चाहते हों |

फिल्म के निर्देशक प्रतिक शर्मा  ने कहा कि  इस फिल्म में अधिकांश कलाकार बिहार के हैं | हालाँकि पटना में ऑडिशन करने के पहले ये तय नहीं था कि फिल्म के सभी किरदारों के लिए कलाकार मुझे यहीं मिल जायेंगे |  फिल्म के मुख्य अभिनेता भी मुझे ऑडिशन के दौरान ही मिले | बिहार में बहुत रंग हैं | यहाँ के लोग बहुत अच्छे और सच्चे हैं | ये मेरी पहली फिल्म है |  मैं खुद राजस्थान का रहने वाला हूँ, एक फिल्मकार होने  के हैसियत के कहना चाहूँगा कि भारत के किसी भी राज्य से कहीं अधिक बहुरंगी एवं सांस्कृतिक प्रदेश है बिहार |

फिल्म के मुख्य अभिनेता बुल्लू कुमार उर्फ़ चंद्रशेखर  ने कहा कि मैं इस फिल्म को लेकर बेहद उत्साहित हूँ | मुझे गर्व है कि मैं इस फिल्म के मुख्य अभिनेता हूँ | मैं पटना रंगमंच का कलाकार हूँ |  इस फिल्म से बिहार के रंगकर्मियों में उर्जा का संचार हुआ है कि वे पटना में रंगमंच करते हुए बड़े परदे का भी हिस्सा हो सकते हैं |  मेरे साथ ऐसा ही हुआ है |  श्री चंद्रशेखर ने इसके पहले डी डी किसान  के लिए बाबा नागार्जुन की बलचनमा में भी मुख्य भूमिका निभा चुके हैं |

मौके पर बिहार संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष अलोक धन्वा, सिनेयात्रा के अध्यक्ष एवं सिने सोसाइटी के मुख्य सलाहकार आर.एन. दास, कला समीक्षक विनय कुमार, फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम, कवित्री डॉ. शांति जैन, अभिनेता रमेश सिंह, चित्रकार मनोज बच्चन आदि उपस्थित थे | कार्यक्रम  का संचालन युवा फिल्मकार रविराज पटेल ने किया | इसके पूर्व कला संस्कृति मंत्री शिवचंद्र राम एवं बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक गंगा कुमार का स्वागत पुष्पगुच्छ दे कर अभिनेत्री अस्मिता शर्मा ने किया |