सुशील मोदी आज अपने करतूतों एवं बयानों के कारण लोगों के बीच हंसी का पात्र बन चुके हैं : चितरंजन गगन

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पटना – राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने भाजपा नेता सुशील मोदी को याद दिलाया है कि वे बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं और उनकी पार्टी अब सरकार में है। उनके बयानों को देखने से ऐसा लगता है कि जैसे वे आज भी विपक्ष में हैं।

राजद नेता ने कहा कि मोदी जी अपनी सरकार की विफलता और नाकामी को छुपाने और लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ लगातार झूठे और अनर्गल बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं। उन्हें बताना चाहिए कि भाजपा के सरकार में आने के बाद बिहार में कानून और व्यवस्था की स्थिति इतनी बदतर क्यों हो गई। आज वैशाली जिले के भगवानपुर थानान्तर्गत एल एन हाई सकूल के कार्यालय में शिक्षक राकेश रंजन की हत्या दिन दहाड़े कर दी गई। मृत रंजन के पिता वीरचन्द्र दास जी0ए0 इंटर स्तरीय विद्यालय के अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक और राजद अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश सचिव हैं।

राजद नेता ने कहा कि सुशील मोदी जी को बताना चाहिए कि भाजपा के सरकार में आने के बाद बिहार में लागू शराबबंदी कानून पूर्ण रूप से ध्वस्त कैसे हो गई? आज भी पटना, वैशाली सहित राज्य के कई हिस्सों में शराब से लदे कंटेनर और भान पकड़े गये हैं। उन्हें बताना चाहिए कि सरकार का सात निश्चय कार्यक्रम आज क्यों केवल कागजी शोभा बनकर रह गई है? सामाजिक सुरक्षा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, अनुसूचित जाति और अतिपिछड़ी जाति के छात्रों को मिलने वाला स्काॅलरशिप की राशि का भुगतान क्यों नहीं हो रहा है? इंदिरा आवास सहित गरीबोन्मुखी सारी योजनायें आज क्यों दम तोड़ चुकी है? किसानों से गेहूँ की खरीद अभी तक क्यों नहीं शुरू हो पायी है? सुशील मोदी से बिहार की जनता यह जानना चाह रही है कि अभी तक बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं मिला?

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा की जा रही उपेक्षा के कारण सुशील मोदी काफी मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। और इसका खीझ वे राजद पर उतारना चाह रहे हैं। कर्नाटक में हो रहे चुनाव में बिहार के दर्जनों नेताओं को भाजपा नेतृत्व द्वारा जिम्मेवारी सौंपी गई है। परन्तु मोदी जी को कोई अहमियत नहीं दी गई है। पूर्व में भी गुजरात सहित अन्य राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में मोदी जी की उपेक्षा की गई थी। उन्होंने कहा कि सुशील मोदी जी आज अपने करतूतों एवं बयानों के कारण लोगों के बीच हंसी का पात्र बन चुके हैं। उनके बयानों को अब कोई गंभीरता से लेता भी नहीं है। आज वे दया के पात्र बन चुके हैं।