सूबे में शिक्षकों की होगी बंपर बहाली, कार्य-योजना तय

375
0
SHARE

पटना: बिहार में टीइटी-एसटीइटी की परीक्षा के बाद सरकारी स्कूलों में अगले साल से 1.80 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति होगी। शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए नये पद भी सृजित किये जायेंगे। इसमें 30 बच्चों पर एक शिक्षक के अनुपात को ध्यान में रखा जायेगा। वर्तमान में स्कूलों में छात्र-शिक्षक का अनुपात करीब 50:1 है।

शिक्षा विभाग ने 2012 में प्राथमिक से लेकर प्लस टू स्कूलों में करीब दो लाख पद सृजित कर बहाली प्रक्रिया शुरू की गयी थी वर्तमान में जहां 1.02 लाख पद खाली हैं, वहीं पिछले चार सालों में 80 हजार से एक लाख तक शिक्षक रिटायर हुए हैं, इस तरह टीइटी-एसटीइटी के बाद अगले साल नयी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हुई, तो 1.80 लाख से ज्यादा पदों पर बहाली हो सकेगी।

पिछले चार सालों तक चली नियोजन प्रक्रिया के बावजूद आधे से ज्यादा पद खाली हैं। प्रारंभिक स्कूलों (क्लास एक से आठ) में 85 हजार, हाइस्कूलों में साढ़े छह हजार और प्लस टू में 12 हजार पद रिक्त हैं। हाइ व प्लस टू स्कूलों में फिलहाल नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इनमें से कुछ पद भरे जाने की उम्मीद है।

30 बच्चों पर एक शिक्षक के अनुपात में नये पदों के सृजन और पूर्व से आयी रिक्तियों के बाद 2017 से नयी बहाली प्रक्रिया शुरू होगी। 17-18 दिसंबर को होनेवाली टीइटी व एसटीइटी के परिणाम आने के बाद नयी बहाली के लिए आवेदन लिये जायेंगे।

आपको बता दें कि 2017 में नयी नियुक्ति प्रक्रिया का स्वरूप बदल सकता है। फिलहाल पंचायत, नगर निकाय स्तर की नियोजन इकाई पर शिक्षकों की बहाली होती है। इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है। शिक्षा विभाग जिला स्तर पर ही बहाली प्रक्रिया शुरू करने पर मंथन कर रहा है। इसमें अभ्यर्थियों को नियोजन इकाईवार आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।

साथ ही अभ्यर्थी को जिले में एक ही जगह आवेदन करना होगा और 10 नियोजन इकाई या स्कूल का ऑप्शन देना होगा। इसमें मेधा क्रम में आने के बाद अभ्यर्थियों को उन्हीं 10 नियोजन इकाई या स्कूलों में वरीयता के आधार पर बहाली की जायेगी। चयनित होने पर संबंधित नियोजन इकाई में नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों को भेज दिया जायेगा। अगर संबंधित अभ्यर्थी से अधिक अंकवाले अभ्यर्थी से वहां पोस्ट भर जाते हैं तो जिले में दूसरे स्कूल में उसकी बहाली हो सकेगी।