सोनपुर मेले में सारण की बेटी ने बिखेरा जलवा, जानें कैसे

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सारण: बिहार के सारण जिले की बेटी अनुभूति शांडिल्य उर्फ तिस्ता ने सोनपुर मेले में पहली बार स्वतंत्रता संग्राम के अमर योद्धा बाबू वीर कुंवर सिंह की गौरव गाथा प्रस्तुत कर कार्यक्रम को नई ऊंचाई दी। प्रस्तुत इन पक्तियों पर गौर करें- बाबू वीर कुंवर सिंह गांव के लोगन के नेवता देलें- रार कहावे के नेवता, चूड़ी फोड़वावे के नेवता, खून-भात खाये के नेवता, जेकर बैरी बच जाये आज ओकरा तलवार के धिक्कार, जे बिना मारे लौटे खड़के वाला तैयारी के धिक्कार, जेकर मोछवा नीचे झुके ओकरा सरदारी के धिक्कार, ने दर्शकों में जोश भर दिया।

सोमवार की रात सूचना जन-सम्पर्क विभाग के मुख्य मंच पर अलग शैली में यह गाथा शुरू हुई तो पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। वैसे भी बाबू कुंवर सिंह और सोनपुर मेले का ऐतिहासिक संबंध रहा है, जब प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में इसी मेले में अंग्रेजों से लड़ने की योजना बनी थी।

भोजपुरी भाषा पर कुछ तथाकथित लोगों द्वारा थोपे गए आरोप कि यह अश्लील है के प्रत्युत्तर में यह करारा तमाचा की तरह का कार्यक्रम रहा। इस कार्यक्रम का सफल प्रदर्शन कर अनुभूति ने पिछले दिनों दिल्ली में मैथिली भोजपुरी अकादमी ने भोजपुरी के स्तरीयता को स्थापित किया था।

भोजपुरी की पौराणिक व्यास शैली में नये प्रयोग के बाद उदय नारायण सिंह द्वारा तैयार की गई इस सांगीतिक नृत्य नाटिका के कार्यक्रम में भोजपुरी गायन परंपरा की सभी विधायें यथा होली, आल्हा, सोरठी, झूमर आदि गायन शैलियों की भी बानगी देखने को मिली।

तिस्ता अभी इंटर विज्ञान की छात्रा होने के साथ-साथ भोजपुरी संगीत की पारंपरिक विधाओं पर प्रयोगधर्मिता के उद्देश्यों को लेकर अध्ययनरत है। यह लोक गायन के प्रयोगधर्मी कलाकार उदय नारायण सिंह की बेटी है। जो रिविलगंज के निवासी हैं। इसी प्रस्तुति को लेकर गुडगांव में पूर्वांचल एकता मंच द्वारा आयोजित होने वाले वैश्विक भोजपुरी समारोह। जो तीन और चार दिंसंबर को आयोजित होगा उसमें इनको भी आमंत्रित किया गया हैं।